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PHOTOS: हर तरफ पसरा मातम, फूट-फूटकर रो रहे परिजन, तीन युवकों की मौत से बुझ गए घरों के चिराग

Sat, 10 Sep 2022 08:20 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
सहारनपुर जनपद के गांव मदनूकी में फतेहपुर ढोला के तीन युवकों की मौत के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों के घरों पर सांत्वना देने के लिए दिन भर ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। तीनों युवकों को 15 दिन से काम नहीं मिला था। शनिवार को पेड़ काटने का काम मिला तो वह मदनूकी गए थे, लेकिन तीनों की करंट लगने से मौत हो गई। 
 
हादसे का शिकार हुए अजय, नौशाद और सद्दाम गरीब परिवारों के सदस्य थे और सभी मजदूरी करते थे। गांव में हादसे की खबर पहुंचते ही कोहराम मच गया और ग्रामीण मृतकों के घरों की ओर दौड़ पड़े। उनके घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सभी परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे। पूरा गांव गमगीन है।
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तीनों युवकों के फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
बताया गया कि अजय दो भाइयों में छोटा था और बहन की शादी हो चुकी है। पिता गांव में सब्जी की दुकान चलाते हैं। अजय भी अपने भाई रजत के साथ पिता का हाथ बंटाने के लिए किराए पर वैन चलाया करता था। शनिवार सुबह गांव से वही वैन में मजदूरों को ले गया था। उसकी अभी तक शादी नहीं हुई थी। 
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नौशाद का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
नौशाद के हैं तीन छोटे बच्चे 
इसी तरह मृतक नौशाद तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। उसके तीन छोटे बच्चे हैं। सभी भाई मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। नौशाद की मौत से उसकी पत्नी सनव्वर और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सद्दाम दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। उसके भी तीन छोटे बच्चे हैं। उसकी पत्नी तैय्यबा बच्चों को सीने से लिपटकर अपने आंसू नहीं रोक पा रही है। नौशाद और सद्दाम पड़ोसी थे। दोनों के घर बिल्कुल बराबर स्थित हैं। 

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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
हमें क्या पता था कि शव बनकर आएंगे वापस 
परिजनों व ग्रामीणों जाबिर राणा, डॉ. समरयाब, कंवर, आरिफ, जुबेर राणा, शौकत अली, आशीष सैनी, विजेंद्र, सुभाष, जयपाल ने बताया कि इन दिनों खेतों में फसल खड़ी है। इसके चलते पेड़ों की कटाई का काम बंद है, जिस किसान का खेत खाली हो जाता है, वही पेड़ों की कटाई कराता है। पिछले 15 दिन से काम न मिलने के चलते गांव में पापुलर कटाई करने वाले मजदूर खाली बैठे थे। शनिवार को मजदूरों को ठेकेदार गांव मदनूकी लेकर गया था। उन्हें क्या पता था कि वहां उनके बच्चों की मौत उनका इंतजार कर रही है। रो-रोककर परिजन बोल रहे थे कि हमें क्या पता था कि तीनों शव बनकर आएंगे। 
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करंट लगने से तीन मजदूरों की मौत - फोटो : अमर उजाला
तीन घंटे बाद उठने दिए शव
गांव मदनूकी के जंगल में करंट की चपेट में आकर मरे तीन युवकों के शवों को गुस्साए ग्रामीणों ने नहीं उठने दिया। ग्रामीण मुआवजे की मांग करते रहे। बाद में विधायक देवेंद्र निम ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को उचित कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद के रूप में बिजली विभाग से पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने शवों को उठने दिया।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
शटडाउन नहीं लिया गया था, जांच के निर्देश
विद्युत ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता अक्षय कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने पेड़ काटने के लिए हमारे विभाग को कोई जानकारी नहीं दी थी और न ही शटडाउन लिया था। मोहनपुर गाड़ा पॉवर ग्रिड से 220 केवी तल्हेड़ी बुजुर्ग बिजलीघर की लाइन निर्माणाधीन है। जहां हादसा हुआ वहां यह लाइन पॉवर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के नीचे से होकर गुजर रही है। निर्माणाधीन लाइन के तार जमीन पर पड़े है, पेड़ काटने के दौरान पेड़ तारों पर गिरने पर ये तार ऊपर से जा रही हाईटेंशन की लाइन से टच हुए, जिससे करंट फैलने से यह हादसा हुआ। उधर, विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता एके आत्रे ने बताया कि हादसे की जांच के लिए इलेक्ट्रिक सेफ्टी विभाग को निर्देश दे दिए गए है।
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