प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का कई बार सहारनपुर आगमन हुआ। उस दौर के भाजपा नेताओं को जैसे ही कल्याण सिंह के देहावसान की सूचना मिली तो आघात लगा, साथ ही कल्याण सिंह की वह तमाम पुरानी बातें याद आ गईं, जो उनसे मिलने के दौरान पेश आई थीं। उनका कहना है कि कल्याण सिंह व्यक्तिगत संबंधों को बहुत अच्छी तरह निभाते थे और हरसंभव मदद करते थे, जिससे आम कार्यकर्ता भी उनका कायल हो गया था।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा और व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य दिनेश सेठी ने बताया कि कल्याण सिंह को सहारनपुर से बहुत लगाव था। संगठन में जनसंघ से लेकर भाजपा को गांव, गरीब और किसान की पार्टी बनाने का काम उन्होंने बखूबी किया। सहारनपुर में एक बार में उनके नेतृत्व में 100 ट्रैक्टर ट्रालियों से प्रदर्शन किया गया था, जो काफी चर्चाओं में रहा था। मुख्यमंत्री बनने के दौरान कल्याण सिंह ने हमेशा कार्यकर्ता से लगाव रखा, जब भी सहारनपुर के लोग उनसे मिलने लखनऊ गए तो वह आत्मीयता से मिलते थे और ऐसा नहीं लगता था कि किसी मुख्यमंत्री से मुलाकात हो रही है, बल्कि यही अहसास दिलाते थे कि हम सब भाजपा के कार्यकर्ता हैं।