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Deoband Photos: ...जब मंच पर छलका मदनी का दर्द, बोले- अपने ही मुल्क में बना दिया अजनबी 

Sun, 29 May 2022 12:58 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
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जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अधिवेशन में मौलाना महमूद मदनी का दर्द उस समय छलक उठा। जब उन्होंने मुल्क के मौजूदा हालत पर अपने भाषण में कहा कि अपने ही मुल्क में अजनबी बना दिए गए। उन्होंने साफ कहा कि हमारे पूर्वजों ने देश को आजाद कराने में बड़ी कुर्बानियां दी हैं। हम सांप्रदायिक शक्तियों को देश की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं करने देंगे। 

पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुसलमानों को अतिवाद और तीव्र प्रतिक्रिया से बचना चाहिए। आग को आग से नहीं बुझाया जा सकता। इसलिए सांप्रदायिकता और नफरत का जवाब नफरत नहीं हो सकता। इसका जवाब प्रेम और सद्भाव से दिया जाना चाहिए।
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जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala
मौलाना महमूद मदनी ने परोक्ष रूप से अंग्रेजों से माफी मांगने वालों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि घर को बचाने और संवारने के लिए कुर्बानी देने वाले और होते हैं और माफीनामा लिखने वाले और होते हैं। दोनों में फर्क साफ होता है और दुनिया ये फर्क देख सकती है कि किस प्रकार माफीनामा लिखने वाले फासीवादी सत्ता के अहंकार में डूबे हुए हैं और देश को तबाही के रास्ते पर ले कर जा रहे हैं। 
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मौलाना महमूद असद मदनी - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद भारत के मुसलमानों की दृढ़ता का प्रतीक है, साथ ही जमीयत सिर्फ मुसलमानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह देश का संगठन है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक नफरत को दूर करना मुसलमानों से कहीं अधिक सरकार और मीडिया की जिम्मेदारी है। इससे पूर्व जमीयत के पदाधिकारियों ने देश और समाज के मुद्दों पर प्रस्ताव पेश किए, जिनका अनुमोदन भी किया गया। इन प्रस्तावों के जरिये देश की समस्याओं के समाधान के लिए एक रूप रेखा देने का भरसक प्रयत्न किया गया। 

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जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala
मंच पर भावुक हुए मौलाना महमूद मदनी
अधिवेशन में भाषण शुरू करने मंच पर पहुंचे मौलाना महमूद मदनी भावुक हो गए। उन्होंने नम आंखों के साथ संगठन के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत मौलाना कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी को याद किया। मौलाना मदनी ने कहा कि यह पहला अवसर है, जब कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी के बिना यह कार्यक्रम करना पड़ा है। हमेशा वो ही जमीयत का झंडा फहराते थे और वही कार्यक्रम की अध्यक्षता करते थे। उनके दुनिया से रुखसत होने से इस्लामिक जगत के साथ ही जमीयत को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। क्योंकि कारी उस्मान ने हमेशा उनका सही मार्गदर्शन किया है। 
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जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala
एकता की बात करने वाले एक वर्ग को कर रहे परेशान: मदनी
जमीयत उलमा-ए-हिंद के दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रबंधक कमेटी के अधिवेशन में मुल्क भर से आए प्रमुख उलमा ने देश के वर्तमान हालात पर चिंता जताई। जमीयत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि एकता और अखंडता की बात करने वाले वर्ग विशेष को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में सरकार पर हमलावर होते हुए उसे कर्तव्यों की याद दिलाई और नफरत को नफरत से नहीं बल्कि प्यार और मोहब्बत से हराने पर जोर दिया। 
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जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala
देवबंद के ईदगाह में शनिवार सुबह आरंभ हुए अधिवेशन में पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना महमूद मदनी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में मुसलमानों को देश का सबसे कमजोर तबका बताते हुए कहा, इसका यह मतलब नहीं कि हम हर बात को सिर झुकाकर मानते जाएंगे। मौलाना मदनी ने देश के वर्तमान हालात पर कहा, देश के मुस्लिम नागरिकों, मध्यकालीन भारत के मुस्लिम शासकों और इस्लामी सभ्यता व संस्कृति के खिलाफ भद्दे और निराधार आरोपों को जोरों से फैलाया जा रहा है, जबकि सत्ता में बैठे लोग उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाए उन्हें आजाद छोड़कर और पक्ष लेकर उनके हौसले बढ़ा रहे हैं। मौलाना मदनी ने इशारों-इशारों में सरकार और आरएसएस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एकता और अखंडता की बात करने वाले वर्ग विशेष को परेशान कर रहे हैं।
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जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि हमें सबसे ज्यादा प्यार इस देश की शांति से है। सभी लोग राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र को मजबूत करने की बात करते हैं, लेकिन नफरत के मुद्दे पर खामोश रहते हैं। उन्होंने कहा कि नफरत की दुकान खोलने वाले और नफरत का बाजार सजाने वाले लोग देश के दुश्मन हैं। आग से आग नहीं बुझाई जाती, नफरत का जवाब कभी नफरत नहीं हो सकता, हम नफरत का जवाब प्यार मोहब्बत से देने वाले लोग हैं। हम नफरत का जवाब नफरत से दे सकते हैं, लेकिन देश का मुसलमान कभी ऐसा नहीं करेगा। 
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उलमा - फोटो : Amar ujala
मौलाना मदनी ने सवाल खड़ा किया कि देश की एकता और अखंडता व अखंड भारत बनाने की बात करने वालों ने आज देश के मुसलमानों का रास्ते पर चलना मुश्किल कर दिया है, यह किस अखंडता और अखंड भारत की बात करते हैं?  यह नफरती लोग देश के साथ दुश्मनी कर रहे हैं और देश के अमन शांति, यहां की गंगा-जमुनी तहजीब और एकता, अखंडता को तबाह, बर्बाद कर रहे हैं।

जमीयत सद्भावना संसद करेगी
अधिवेशन में पिछले दिनों हरिद्वार और दिल्ली सहित अन्य राज्यों में हुई धर्म संसद को लेकर भी चर्चा हुई, साथ ही यह एलान किया गया कि धर्म संसद के स्थान पर जमीयत उलमा-ए-हिंद जगह-जगह सद्भावना संसद करेगी।
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