सपा नेता आजम खां ने अखिलेश यादव से हुई मुलाकात का ब्योरा देने से मना कर दिया। कहा कि गुफ्तगू बताने से उनका ही नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुलाकात में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। बसपा में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बुलाने वालों को बुलाने का हक है वह अपना काम कर रहे हैं।
सपा नेता आजम खां ने अखिलेश यादव से हुई मुलाकात के बारे में बताने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि हम गुफ्तगू के बारे में बताएंगे तो हमारा ही नुकसान हो जाएगा। गिले-शिकवे के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज की मुलाकात में वह अकेले ही मिले। बसपा में जाने के सवाल पर कहा कि बुलाने वालों को पूरा हक है, वे अपना काम कर रहे हैं।
सपा मुखिया से मुलाकात करने के बाद आजम खां ने दोनों के बीच हुई गुफ्तगू का ब्योरा सार्वजनिक करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। उनकी पत्नी इलाज के लिए गई हुई हैं और उनका बेटा अब्दुल्ला आजम मुकदमों के सिलसिले में प्रयागराज गया हुआ है।
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रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खां
- फोटो : सपा
कहा कि तिनका-तिनका बिखर गया है। हमारे घर में रोशनी करने वाला कोई नहीं है। मुलायम सिंह यादव के समय और अब के समय में अंतर पर आजम ने कहा कि पहले एक और एक 11 थे लेकिन अब 111 हैं। उन्होंने सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर भी निशाना साधा।
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रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खां
- फोटो : सपा
कहा कि उनकी पसंद और नापसंद का कोई सवाल नहीं है। पार्टी के प्रत्याशी थे तो थे। उन्होंने 2027 के चुनाव में आगे की रणनीति को लेकर किए गए सवाल पर कहा कि अभी समय है। उन्होंने बसपा में जाने के सवाल पर साफ कहा कि बुलाने वालों को बुलाने का हक है। वह अपना काम कर रहे हैं।
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रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खां
- फोटो : सपा
सरकार बनते ही आजम खां पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे वापस होंगे: अखिलेश
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को रामपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से मुलाकात के बाद कहा कि सपा की सरकार बनते ही आजम खां पर लगाए गए सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएंगे। आजम की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है और दोनों नेताओं के बीच लगातार संपर्क बना रहेगा।
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रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खां
- फोटो : सपा
अखिलेश यादव ने कहा, आजम खां हमारे पुराने साथी और पार्टी की जड़ हैं। सरकार बनते ही उन पर लगे सभी झूठे मुकदमे वापस होंगे। जो लोग जौहर यूनिवर्सिटी को बर्बाद कर रहे हैं, वे समाज की हर चीज को नष्ट करते हैं। यूनिवर्सिटी से इस पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों का भाग्य सुधरना था।
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रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खां
- फोटो : सपा
2027 के चुनावों को लेकर सपा प्रमुख ने कहा, भाजपा को 2027 में जनता हटाने जा रही है। इस बार जनता आगे होगी और राजनीतिक पार्टियां पीछे दिखाई देंगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आजम खां की नाराजगी की खबरें गलत हैं और दोनों नेता मिलकर आगे की रणनीति बनाएंगे।
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रामपुर में सपा नेता अखिलेश यादव ने की आजम खां से मुलाकात
- फोटो : संवाद
रिहाई के बाद पहली दफा हुई दोनों की मुलाकात
सपा के मुखिया अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां के बीच जमी रिश्तों की बर्फ आखिरकार डेढ़ साल बाद करीब दो घंटे की मुलाकात के बाद पिघल ही गई। डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद दोनों ही नेताओं ने किसी भी तरह के गिले शिकवे होने की बात से साफ इन्कार किया। अखिलेश ने जहां आजम खां को पार्टी की नींव बताया तो वहीं आजम ने भी कहा कि पहले हम 11 थे और अब 111 हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां करीब 23 माह सीतापुर जेल से रिहा हुए हैं।
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रामपुर में आजम खां से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव।
- फोटो : संवाद
रिहाई के बाद यह पहला मौका था जब सपा नेता से मिलने पार्टी के मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को रामपुर पहुंचे थे,जहां उनका इस्तकबाल करने के लिए सपा नेता आजम खां जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। यूनिवर्सिटी में अखिलेश का हेलिकॉप्टर उतरा था। वहां से दोनों एक ही कार में सवार हुए और फिर सपा नेता अखिलेश यादव को लेकर अपने घर तक पहुंचे। उनके साथ कार में कोई तीसरा नहीं था। करीब एक बजे सपा नेता आजम खां पार्टी के मुखिया को लेकर अपने आवास पर पहुंचे।
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रामपुर में आजम खां से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव।
- फोटो : संवाद
जहां पर करीब डेढ़ घंटे तक गुफ्तगू की। इस दौरान आजम ने अपने सभी करीबियों को भी बाहर कर दिया था। यहां तक की उनके परिवार के सदस्य भी घर पर नहीं थे। यहां पर करीब डेढ़ घंटे तक दोनों के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात में दोनों के बीच हर मुद्दे पर बातचीत हुई। सपा से जुड़े सूत्रों की मानें तो आजम ने अपनी बात रखी, जिसका अखिलेश ने जवाब भी दिया।
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रामपुर में आजम खां से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव।
- फोटो : संवाद
समझा यह भी जा रहा है कि दोनों के बीच गिले शिकवे तो दूर हुए ही साथ ही 2027 के चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हुई। करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद जब दोनों नेता बाहर आए तो दोनों के चेहरे खिले हुए थे। दोनों नेताओं ने आपस के बीच गिले शिकवे होने की बात से साफ इन्कार किया। अखिलेश ने आजम को पार्टी की नींव बताया। वहीं आजम ने भी यह कहकर बात को खत्म किया कि कौन से गिले शिकवे? आपसे किसने कहा कि हमारे बीच गिले शिकवे हैं।
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माैके पर माैजूद पुलिस और कार्यकर्ता
- फोटो : संवाद
लोकसभा चुनाव से पहले सीतापुर जेल में मिले थे अखिलेश-आजम
लोकसभा चुनाव के दौरान सीतापुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां से मिलने के लिए अखिलेश यादव 22 मार्च 2024 को गए थे। तब भी डेढ़ घंटे की मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के दौरान आजम ने अखिलेश को रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का वादा लिया था, लेकिन ऐन मौके पर पार्टी की ओर से दिल्ली की पार्लियामेंट मस्जिद के इमाम मोहिबुल्लाह को चुनाव मैदान में उतार दिया था।
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रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खां
- फोटो : संवाद
जिसके बाद आजम नाराज हो गए थे और रामपुर के सपाइयों ने चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया था। आजम व उनके समर्थक लगातार उनका मोहिबुल्लाह नदवी का विरोध करते रहे,लेकिन इसके बाद भी वह चुनाव जीत गए। सांसद बनने के बाद एक ओर जहां अखिलेश आजम के बीच दूरियां बढ़ीं थीं, वहीं मोहिबुल्लाह नदवी के बीच दूरियां भी काफी बढ़ी रहीं।
आजम जेल में थे, तब भी रामपुर आए थे अखिलेश
सपा नेता आजम खां जब जेल में थे और लोकसभा चुनाव भी बीत चुका था। इसके बावजूद सपा मुखिया अखिलेश यादव 11 नवंबर 24 को रामपुर आए थे। वह यहां पर उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फात्मा से मुलाकात करने पहुंचे थे। उस वक्त अखिलेश ने आजम की तबीयत के बारे में भी जानकारी ली थी। तजीन फात्मा ने उस वक्त मीडिया से बात करते हुए साफ कहा था कि अखिलेश का आना अच्छा लगा लेकिन उन्होंने कोई खास मदद का आश्वासन नहीं दिया था। उस वक्त अखिलेश से तजीन की कोई खास बात नहीं हुई थी।