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दस तस्वीरों में देखें मौत की बेरहमी: हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान, काल के गाल में ये मासूम भी समा गए

Fri, 24 Jun 2022 12:12 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
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हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान - फोटो : अमर उजाला
असम हाईवे पर बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे बड़ा हादसा हुआ। हरिद्वार से लखीमपुर खीरी के गोला लौट रही पिकअप चालक को झपकी आने से पेड़ से टकरा गई। इस भीषण सड़क हादसे में एक परिवार के 10 लोगों और चालक की मौके पर मौत हो गई। यह सभी हरिद्वार में गंगा स्नान करने गए थे। मरने वालों में तीन महिलाएं और चार बच्चे भी हैं। सिपाही देवेश चौधरी और होमगार्ड निरंजन ने बताया दो घायलों के पैर गाड़ी के डैश बोर्ड और पेड़ के बीच फंस गए थे। इन्हें क्रेन के आने पर ही सुरक्षित निकाला जा सका। 

लखीमपुर खीरी के थाना गोला गोकर्णनाथ के मोहल्ला तीर्थ निवासी संजीव शुक्ला अपने परिवार और रिश्तेदारों को लेकर सोमवार की शाम पिकअप (टाटा एसीई) से हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए गए थे। गाड़ी गोला इलाके के ही गांव दत्तेली का दिलशाद (30) चला रहा था। वहां से सभी बुधवार शाम को लौट रहे थे।
 
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हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान - फोटो : अमर उजाला
सुबह चार बजे जब पिकअप गजरौला थाना क्षेत्र में असम हाईवे पर पहुंची तो दिलशाद को झपकी आ गई और गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इससे संजीव की मां सरला देवी (55), पुत्र हर्ष (12), पुत्री खुशी (दो) बड़े भाई श्यामसुंदर शुक्ला (40), उनके छोटे भाई कृष्णपाल की पत्नी रचना (27) भतीजे शशांक (11), आनंद (4) और चालक दिलशाद (35) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पत्नी लक्ष्मी (28) और संजीव के पिता लालमन शुक्ला (60) ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। संजीव और उनकी भाभी शीलम, भाई कृष्णपाल, भतीजा प्रशांत, शाहजहांपुर के पुवायां इलाके के गांव अगोना खुर्द की पूनम पत्नी कृपाशंकर, उनके बेटे प्रवीण और रिशु घायल हो गए।
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हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान - फोटो : अमर उजाला
रात दो बजे भी डिवाइडर से टकराई थी गाड़ी 
घायल कृष्णपाल ने बताया कि बरेली से पीलीभीत के बीच रात दो बजे चालक दिलशाद को झपकी आ गई थी। इससे पिकअप डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद मना करने के बावजूद वह रुका नहीं और मुंह धोकर गाड़ी चलाता रहा। बता दें कि जिम्मेदारों की लापरवाही से असम हाईवे खूनी बनता जा रहा है। कई बड़े हादसों में लोग जान गवां चुके हैं। प्रदेश सरकार भले ही सड़क हादसों में कमी लाने के लिए जिम्मेदारों को पाठ पढ़ा रही हो, मगर धरातल पर कोई ठोस काम दिखाई नहीं दे रहा है। फरवरी से अब तक 15 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। 

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हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को जिस स्थान पर हादसा हुआ उससे कुछ पहले कटना नदी का पुल है। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाईवे किनारे अगर गड्ढा नहीं होता तो शायद मरने वालों की संख्या इतनी नहीं बढ़ती, मगर इसको लेकर कोई देखने वाला नहीं। खास बात यह है कि हादसे के स्थान से पांच किलोमीटर के दायरे में लगातार हादसों में लोग जान गवां रहे है, मगर सुधारात्मक कार्य कोई नहीं हुआ।
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हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान - फोटो : अमर उजाला
13 फरवरी को दंपती की जान जा चुकी है, नौ अप्रैल को एक, 13 अप्रैल को एक, दो जून को एक व्यक्ति की मौत हो चुके है। इसके अलावा कई और हादसों में भी लोग इसी स्थल के आसपास जान गवां चुके हैं, मगर ओवर स्पीड और फुटपाथ की ओर कोई ध्यान नहीं है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की लापरवाही इन हादसों की बनी वजह बन रही है। 

 
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हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान - फोटो : अमर उजाला
हाईवे के अन्य स्थानों पर हुए हादसे
तीन अप्रैल 2022: 15 फुट गहरी खाई में गिरी थी पिकअप, दो ने गंवाई थी जान 
बदायूं के थाना जरीफनगर क्षेत्र के गांव शादीपुर, सुआनगला, दुधवा के श्रद्धालुओं से भरी पिकअप असम हाईवे पर जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव जतीपुर के पास निर्माणाधीन पुलिया की 15 फीट गहरी खाई में गिर गई। पुलिया के चौकीदार धनीराम, बदायूं के थाना जरीफनगर के गांव शादीपुर निवासी विजय पाल सिंह के 18 वर्षीय पुत्र अवधेश सिंह की मौत हो गई। जबकि आठ लोग घायल हो गए। सभी लोग मां पूर्णागिरि के दर्शन को जा रहे थे।
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30 मार्च, 2019: कार में आग लगने से पांच लोग जिंदा जले थे
न्यूरिया के ससुर-दामाद समेत पांच लोग बरेली से लौट रहे थे। जतीपुर के पास नेपाली बस से कार की टक्कर की हो गई और दोनों वाहन खाई में चले गए थे। कार में आग लग गई थी। इससे कार सवार पांचों लोगों की जिंदा जलकर मौत हुई थी। उनके शव भी पहचान लायक नहीं बच सके थे। इस हादसे में भी वाहनों की रफ्तार और हाईवे किनारे लगे मिट़्टी के ढेर से दुर्घटना की वजह सामने आई थी।

 

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हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान - फोटो : अमर उजाला
26 जुलाई, 2019, पूर्णागिरी से दर्शन कर लौटते समय सात की गई थी जान
अलीगढ़ के छर्रा निवासी 25 वर्षीय हरदेश शर्मा पुत्र रामेश्वर दयाल, उनकी पत्नी 23 वर्षीय पल्लवी, एक साल का बेटा उत्कर्ष, तीन वर्षीय पुत्री आराध्या, 28 वर्षीय राजीव, उनकी पत्नी सविता, एक साल की बेटी भक्ति, 27 वर्षीय रिशांत पुत्र हरिओम शर्मा सभी लोग आल्टो कार से उत्तराखंड के मां पूर्णागिरी धाम से दर्शन कर लौट रहे थे।

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हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान - फोटो : अमर उजाला
जतीपुर-खमरिया पुल के बीच पहुंचते ही सामने से आ रही टनकपुर डिपो की बस से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इसमें कार सवार सात लोगों की मौत हो गई, जबकि मासूम उत्कर्ष घायल हो गया। हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार व घटनास्थल पर लगा मिट्टी का ढेर सामने आई। 
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हादसे में एक ही परिवार के दस लोगों की गई जान - फोटो : अमर उजाला
दिनांक 22 जून 2022
हरिद्वार से लखीमपुर जा रही गाड़ी (टाटा ऐस) भले ही चालक को झपकी आने के बाद अनियंत्रित होकर खाई में गिरी हो, मगर अगर हाईवे किनारे बड़ा से गड्ढा नहीं होता और फुटपाथ पक्का होता तो शायद चालक गाड़ी को नियंत्रित कर लेता और मासूमों समेत दस लोगों में से कुछ की जान बच गई होती। मगर लापरवाही का आलम ऐसा कि जिम्मेदारों को कोई परवाह भी नहीं। लोगों के मुताबिक इतने बड़े हादसे का मुख्य कारण हाईवे किनारे बना गढ्डा है। इससे गाड़ी गड्ढा में जाते की खाई में चली गई और दस लोगों की मौत हो गई।
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