जांच में लगाई थीं तीन टीमें
पूरे मामले को एसपी अविनाश पांडेय ने गंभीरता से लेकर जांच के लिए तीन टीमें लगाईं। पिता के बताए अनुसार पुलिस ने जांच शुरू की तो घटना संदिग्ध प्रतीत होने लगी। पुलिस की टीमों ने छात्रा के घर से निकलने से लेकर पूरनपुर पहुंचने तक हकीकत को परखने के लिए साक्ष्य जुटाए।
सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पड़ोस के जनपदों के अलावा सीतापुर से भी कुछ साक्ष्य हासिल किए। जिसके बाद पुलिस खुलासे तक पहुंच सकी। शनिवार को पुलिस ने छात्रा के पिता और सीतापुर के थाना हरगांव क्षेत्र के एक गांव निवासी चिकित्सक को गिरफ्तार करने के साथ घटनाक्रम में प्रयोग की गई कार और बाइक को भी बरामद कर लिया। कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। एक अन्य की तलाश जारी है।
एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि पिता ने अपने बड़े दामाद के भाई को फंसाने के लिए परिजनों के साथ मिलकर पुत्री के अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। घटना में सीतापुर निवासी दोस्त के अलावा एक अन्य व्यक्ति के साथ षड्यंत्र रचा गया था। साक्ष्यों के साथ घटना का खुलासा करते हुए गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
इस तरह अपने ही बुने जाल में फंसा आरोपी पिता
आरोपी पिता ने अपने बड़े दामाद के छोटे भाई को फंसाने के लिए जो कहानी रची, उसमें वह खुद फंस गया। पुलिस ने गहनता से जांच की तो शुरुआती कहानी ही संदिग्ध निकली। पुलिस वीडियो साक्ष्य के साथ घटना के खुलासे तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई।
आरोपी के किरायेदार से भी पुलिस को अहम जानकारियां मिली। जांच के दौरान पिता द्वारा स्वयं ही पुत्री को सीतापुर स्थित दोस्त के घर छोड़ने के बाद 19 जून को योजनाबद्ध तरीके से चिकित्सक व एक अन्य साथी के साथ लखीमपुर के चिमनी के निकट पुत्री को कार से उतारकर चले जाने की बात स्पष्ट हुई।