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Pilibhit: नर्सिंग छात्रा के अपहरण की घटना निकली झूठी, पिता ने रची थी साजिश, हैरान करने वाली है वजह

Sun, 23 Jun 2024 02:12 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत में 14 जून को शहर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने अपनी पुत्री के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई। 19 जून को वह लखीमपुर जनपद में संदिग्ध हालात में मिली। तब बताया गया था कि उसका अपहरण हुआ था। कार सवार लोग उसे फेंककर चले गए। पुलिस ने गहनता से जांच पड़ताल की तो पूरा मामला फर्जी निकला। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में नर्सिंग की छात्रा के अपहरण की घटना ने पुलिस को परेशान कर दिया था। उसके खुलासे में हैरान करने वाली कहानी सामने आई है। दामाद के छोटे भाई को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए पिता समेत परिजनों ने ही दो अन्य साथियों के साथ मिलकर छात्रा के अपहरण की झूठी कहानी रची थी। छात्रा का न अपहरण हुआ और न ही उसे कार से फेंका गया था।

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पुलिस लाइन में शनिवार को एसपी अविनाश पांडेय ने 72 घंटे के अंदर घटना का खुलासा करते बताया कि 14 जून को शहर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने पत्नी के साथ थाना सेहरामऊ उत्तरी पहुंचकर अपनी पुत्री के गायब होने की गुमशुदगी दर्ज कराई। उसकी पुत्री नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा है। 

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उनका कहना था कि 12 जून को मैजिक से पीलीभीत से पूरनपुर पहुंचने के बाद उनका पुत्री से संपर्क बंद हो गया। 19 जून को लखीमपुर जनपद में चिमनी गांव के पास हाईवे किनारे से बरामद होने के बाद परिजनों के कहने पर छात्रा को पीलीभीत के मेडिकल कॉलेज में लाकर भर्ती कराया गया। जहां आईजी डा. राकेश सिंह ने भी पहुंचकर स्थिति को परखा। 

जांच में लगाई थीं तीन टीमें 
पूरे मामले को एसपी अविनाश पांडेय ने गंभीरता से लेकर जांच के लिए तीन टीमें लगाईं। पिता के बताए अनुसार पुलिस ने जांच शुरू की तो घटना संदिग्ध प्रतीत होने लगी। पुलिस की टीमों ने छात्रा के घर से निकलने से लेकर पूरनपुर पहुंचने तक हकीकत को परखने के लिए साक्ष्य जुटाए। 

सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पड़ोस के जनपदों के अलावा सीतापुर से भी कुछ साक्ष्य हासिल किए। जिसके बाद पुलिस खुलासे तक पहुंच सकी। शनिवार को पुलिस ने छात्रा के पिता और सीतापुर के थाना हरगांव क्षेत्र के एक गांव निवासी चिकित्सक को गिरफ्तार करने के साथ घटनाक्रम में प्रयोग की गई कार और बाइक को भी बरामद कर लिया। कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। एक अन्य की तलाश जारी है। 

एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि पिता ने अपने बड़े दामाद के भाई को फंसाने के लिए परिजनों के साथ मिलकर पुत्री के अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। घटना में सीतापुर निवासी दोस्त के अलावा एक अन्य व्यक्ति के साथ षड्यंत्र रचा गया था। साक्ष्यों के साथ घटना का खुलासा करते हुए गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। 

इस तरह अपने ही बुने जाल में फंसा आरोपी पिता
आरोपी पिता ने अपने बड़े दामाद के छोटे भाई को फंसाने के लिए जो कहानी रची, उसमें वह खुद फंस गया।  पुलिस ने गहनता से जांच की तो शुरुआती कहानी ही संदिग्ध निकली। पुलिस वीडियो साक्ष्य के साथ घटना के खुलासे तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई। 

आरोपी के किरायेदार से भी पुलिस को अहम जानकारियां मिली। जांच के दौरान पिता द्वारा स्वयं ही पुत्री को सीतापुर स्थित दोस्त के घर छोड़ने के बाद 19 जून को योजनाबद्ध तरीके से चिकित्सक व एक अन्य साथी के साथ लखीमपुर के चिमनी के निकट पुत्री को कार से उतारकर चले जाने की बात स्पष्ट हुई। 
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मुकदमे की पैरवी रोकने के लिए की साजिश
आरोपी पिता की बड़ी पुत्री ने पिछले साल पीएसी के एक जवान से प्रेम विवाह किया था। परिवार के लोग विवाह से खुश नहीं थे, अब छात्रा भी अपने जीजा से शादी करना चाहती थी। पूर्व में छात्रा ने दुष्कर्म का एक मुकदमा भी दर्ज कराया था। बहनोई का छोटा भाई मुकदमे की पैरवी कर रहा था। जिसको रोकने के लिए पिता ने दामाद के छोटे भाई को जेल भेजने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने उसकी योजना को फेल कर दिया।
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