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भाकियू में आक्रोश: कलेक्ट्रेट में गरजे किसान, इन पांच बड़ी मांगों को लेकर दिनभर चला धरना, भारी पुलिस बल तैनात

Tue, 13 Dec 2022 08:01 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन अंबावता का धरना। - फोटो : amar ujala
भारतीय किसान यूनियन अंबावता ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे, किसानों को लाभकारी गन्ना मूल्य और डीएम पर किसानों के साथ अशालीन व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। धरना शुरू होते ही सिटी मजिस्ट्रेट ने माइक बंद करा दिया, लेकिन किसान कलेक्ट्रेट में डटे रहे। किसानों ने एसडीएम सदर परमानंद झा को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है।



भाकियू अंबावता के धरने के एलान को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किया गया था। संगठन के कार्यकर्ता सुबह 10 बजे ही पहुंचने शुरू हो गए थे। करीब साढ़े ग्यारह बजे माइक से भाषण शुरू हुआ तो सिटी मजिस्ट्रेट अनूप सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और माइक बंद करने के लिए कहा। पुलिस ने किसानों को शांत होकर बैठने के लिए कहा। इस बीच जिलाध्यक्ष शाह आलम भी धरने पर पहुंच गए। दो घंटे तक किसान कुछ महिला कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे रहे। इसके बाद गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत और शामली के पदाधिकारी धरने में पहुंचे।
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भारतीय किसान यूनियन अंबावता का धरना। - फोटो : amar ujala
प्रदेश महासचिव कृष्ण नागर ने माइक संभाला तो सिविल लाइन एसओ ने माइक बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन वह कामयाब नहीं हुए। वक्ताओं ने कहा कि 29 नवंबर को डीएम ने किसानों और कार्यकर्ताओं के साथ अशालीन व्यवहार किया था। धरने पर बैठे किसान डीएम को अपने बीच बुलाने की जिद पर अड़ गए। 
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धरने में बैठीं महिलाएं। - फोटो : amar ujala
वहीं बाद में लंबी बातचीत के चलते एसडीएम सदर परमानंद झा किसानों के बीच पहुंचे और ज्ञापन लिया। एसडीएम ने कहा कि सरकार और प्रशासन किसानों का सम्मान करता है। इसके बाद धरना समाप्त हुआ। धरने की अध्यक्षता हाजी ताहिर ने की। प्रदेश अध्यक्ष विकास प्रधान, प्रदेश प्रभारी मुनेंद्र पहलवाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रिजेश भाटी, महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मि चौधरी, युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरमान त्यागी, नोएडा के लोकेश भाटी, नितिन बैंसला, नरेंद्र बंसल, मोनू पंवार, मेरठ जिलाध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, संदीप कुमार और अरविंद कुमार ने विचार रखे।

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भारतीय किसान यूनियन अंबावता का धरना। - फोटो : amar ujala
किसानों ने रखीं ये पांच मांगें
भाकियू अंबावता ने राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में पांच मांगें रखीं। इनमें एनएच-58 में अधिग्रहित की गई किसानों की भूमि का उचित मुआवजा देने की मांग रखी। 29 नवंबर के प्रकरण में डीएम के व्यवहार पर रोष जताया गया। व्यापारियों पर जीएसटी के छापे बंद करने और गन्ना मूल्य 400 रुपये क्विंटल करने आदि मांग की गई।
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पुलिस बल तैनात। - फोटो : amar ujala
किसानों को बांटी गई ताहरी
जिलाध्यक्ष शाह आलम के नेतृत्व में धरने पर पहुंचे किसानों के लिए सुबह नाश्ते में समोसे और दोपहर को भोजन के समय ताहरी की व्यवस्था की गई थी।
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धरना। - फोटो : amar ujala
माहौल दिनभर बना रहा संवेदनशील
सुबह के समय अर्धसैनिक बल, पुलिस, महिला पुलिस को कलेक्ट्रेट में लगाया गया था। वहीं दिनभर माहौल तनावपूर्ण बना रहा। सिटी मजिस्ट्रेट ने धरनारत किसानों को माइक बंद करने के लिए कहा, हालांकि बाद में प्रशाासन को बैकफुट पर आना पड़ा।
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किसानों को समझाते पुलिस अधिकारी। - फोटो : amar ujala
किसी के गलत दबाव में नहीं आएगा प्रशासन : डीएम
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि प्रशासन किसानों का हमेशा सम्मान करता है। कुछ लोग किसानों की आड़ लेकर गलत तरीके से दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। प्रशासन किसी भी तरह के गलत दबाव में नहीं आएगा।
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