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Khatauli By Election Result: खतौली में दलितों की बेरुखी से मुरझाया कमल, पढ़िए- ये खास रिपोर्ट

Fri, 09 Dec 2022 06:16 PM IST
कपिल kapil मदन बालियान, अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
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खतौली उपचुनाव: गठबंधन और भाजपा के प्रत्याशी। - फोटो : amar ujala
खतौली उपचुनाव में भाजपा के रणनीतिकारों का गणित गठबंधन के नए समीकरण ने ध्वस्त कर दिया है। भाजपा की करारी हार से 2024 की तैयारी को झटका लगा है। बसपा के चुनावी रण में नहीं होने और आजाद समाज पार्टी के समर्थन का फायदा गठबंधन को मिला। दलितों ने कमल से बेरुखी दिखाई और गठबंधन प्रत्याशी को वोट दिए। मुस्लिम, गुर्जर, जाट और दलित मतों के मजबूत समीकरण ने भाजपा से सीट छीन ली।

गठबंधन प्रत्याशी मदन भैया को 22143 मतों से मिली जीत का अंतर भविष्य की राजनीति के बदले समीकरण का इशारा भी कर रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उपचुनाव से दूरी बना ली थी और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर का  साथ रालोद प्रत्याशी को मिलने के बाद दलितों के वोटों पर सबकी निगाह टिकी थी। भाजपा ने दलित मतदाताओं को अपने पाले में रखने के लिए कड़ी मशक्कत की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मुख्य चुनाव में बसपा प्रत्याशी पूर्व विधायक करतार भड़ाना ने 31412 वोट हासिल किए थे। अधिकांश दलितों ने इस बार गठबंधन के हक में मतदान किया।
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खतौली उपचुनाव। - फोटो : amar ujala
गाजियाबाद की लोनी सीट से चार चुनाव हार चुके खेकड़ा के पूर्व विधायक मदन भैया की उप चुनाव से किस्मत खुल गई। उन्हें खतौली से चुनाव लड़ाने का निर्णय सटीक साबित हुआ। वह गुर्जर वोटों को अपने पक्ष में लामबंद करने में सफल रहे। भाजपा ने तमाम गुर्जर विधायकों, मंत्री और पूर्व मंत्री प्रचार में लाकर सेंध लगाने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाई।  पिछले चुनाव में गुर्जर बाहुल्य गांवों में मतदाताओं की पहली पसंद भाजपा थी, लेकिन इस बार हवा का रुख बदल गया।
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खतौली उपचुनाव, khatauli Election - फोटो : अमर उजाला
रालोद अध्यक्ष एवं सांसद जयंत सिंह की मेहनत ने भी रंग दिखाया। उनके नेतृत्व में लड़े गए चुनाव की हर योजना भाजपा पर भारी पड़ी। जाट बाहुल्य गांव में गठबंधन उम्मीदवार को खूब वोट मिले। नोएडा के श्रीकांत त्यागी प्रकरण का असर भी नतीजों पर झलका। त्यागी वोटों में बिखराव हो गया। नावला और खेड़ी तगान में भाजपा का वोट कम हुआ। राजपूत आबादी के गांवों में उपचुनाव को लेकर उत्साह नहीं दिखा, जिसका खामियाजा भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी को उठाना पड़ा।

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खतौली उपचुनाव, khatauli Election - फोटो : अमर उजाला
मुस्लिमों ने भी गठबंधन को दी मजबूती
उपचुनाव में भले ही वोट प्रतिशत कम रहा हो, लेकिन मुस्लिमों ने गठबंधन के पक्ष में पूरी ताकत लगाई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव और पूर्व मंत्री आजम खान मैनपुरी और रामपुर के उपचुनाव में व्यस्त रहे, बावजूद इसके मुस्लिमों ने रालोद, सपा, आसपा गठबंधन को जी जान से वोट किया। पूर्व सांसद मुनव्वर हसन की बेटी इकरा हसन का मुस्लिमों के बीच गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए आईं। भाजपा के पूर्व मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी समेत अन्य मुस्लिम नेता खतौली पहुंचे, लेकिन भाजपा सेंध नहीं लगा पाई। 
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खतौली में रालोद कार्यकर्ताओं का हंगामा। - फोटो : amar ujala
गठबंधन का बढ़ा कुनबा, अब जिले में पांच विधायक
गठबंधन ने अपनी जीत का सफर जारी रखा है। जिले में मुख्य चुनाव में रालोद और सपा ने चरथावल, बुढ़ाना, पुरकाजी और मीरापुर सीटें जीत ली थीं। खतौली के उपचुनाव में भी गठबंधन की जीत हुई है। ऐसे में अब भाजपा के हिस्से में सदर सीट ही रह गई है, यहां से विधायक कपिल देव अग्रवाल सरकार में कौशल विकास मंत्री हैं।
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