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महापंचायत नहीं मेला: सैलाब बनकर उमड़ा किसानों का रेला, मुजफ्फरनगर में दिखा लघु भारत

Sun, 05 Sep 2021 03:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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kisan Mahapanchayat in muzaffarnagar - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर के जीआईसी ग्राउंड में संयुक्त किसान मोर्चा की किसान महापंचायत में रविवार सुबह से ही भीड़ के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। आज महापंचायत में किसान ऐसे उमड़े जैसे किसी मेले में जा रहे हों। प्रशासन की ओर से जो व्यवस्थाएं लागू की गईं, वे दस बजने के साथ ही चरमरा गई। किसानों के लगातार उमड़ते सैलाब के आगे पुलिस-प्रशासन बेबस एक ओर खड़ा हो गया, जिसके बाद किसानों ने जहां से चाहा, वहां से वाहन निकाले। कई स्थानों पर व्यवस्था बनाने में पुलिस के पसीने छूट गए। वहीं पंचायत में कहीं हुक्के की चौपाल लगी, तो कहीं किसान नाचते-गाते नजर आए। महिलाओं ने भी खूब बढ़कर हिस्सेदारी निभाई। आज मुजफ्फरनगर के जीआईसी ग्राउंड पर लघु भारत की झलक देखने को मिली।

कृषि कानूनों के विरोध में शहर के जीआईसी मैदान में हो रही महापंचायत में शामिल होने के लिए सुबह से ही शहर में किसानों के वाहन पहुंचने शुरू हो गए। दिन निकलने के साथ ही पूरा शहर हरे-सफेद व पीले रंग के झंडों से पटना शुरू हो गया। सुबह दस बजते-बजते शहर में लागू की गई यातायात की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गईं और हर ओर सड़कों पर केवल किसानों के ही वाहन दौड़ते नजर आए। 
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महापंचायत में गमछे लहराते किसान - फोटो : अमर उजाला
किसानों ने हवा में लहराए तिरंगे-गमछे, लगाए नारे
महापंचायत शुरू होने से पहले आयोजकों ने राकेश टिकैत का हरे, नारंगी और सफेद गमछे हवा में लहराकर स्वागत किया और महापंचायत को शूरू कराने की हामी भरी। पंचायत स्थल पर भारी संख्या में युवा किसान नजर आए। किसानों का उत्साह किसी उत्सव से कम नहीं लग रहा है। 

किसानों के सैलाब में उनके वाहनों के दबाव के चलते शहर में लागू की गई यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई और जहां से राह मिली, किसानों के वाहन उसी ओर दौड़ते चले गए। शहर के ईदगाह तिराहे से निर्धारित मार्ग खालापार की ओर से निकाले जाने वाले वाहन शहर के हनुमान चौक, भगतसिंह रोड, शिवचौक और मीनाक्षी चौक होते हुए किसान महापंचायत में पहुंचे। इसके चलते शहर के हर मार्ग पर किसानों के वाहनों से जाम लग गया।
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- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर दिखाई भागीदारी
किसान महापंचायत में महिलाओं की बढ़-चढ़कर भागीदारी नजर आ रही है। हरियाणा राज्य से काफी संख्या में महिलाएं किसान दलों के साथ पंचायत स्थल पर पहुंची है। बता दें कि कर्नाटक के भी कई किसान दल महापंचायत में शामिल होने पहुंचे हैं।

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किसान महापंचायत में उमड़ा किसानों का सैलाब - फोटो : अमर उजाला
शहर के जानसठ रोड से अलमासपुर होते हुए किसानों की भारी भीड़ पैदल ही जीआईसी ग्राउंड पर पहुंची। यहां किसानों के वाहन नवीन मंडी स्थल में पार्क कराए गए थे, लेकिन भारी भीड़ के चलते यह जगह भी कम पड़ी। इसके अलावा, शहर में नियत किए गए सभी पार्किंग स्थल में भी वाहन निर्धारित संख्या से अधिक पार्क होने के कारण 11 बजे के बाद शहर में पहुंचने वाले किसानों को अपने वाहन सड़क किनारे पार्क करने को मजबूर होना पड़ा।
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सूनी पड़ा बाजार व सड़कें - फोटो : अमर उजाला
नहीं खुले बाजार, ठेले-रेहड़ी व ई-रिक्शाएं भी नदारद
मुजफ्फरनगर। संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत के चलते रविवार सुबह से ही शहर में ठेली-रेहड़ी वाले फुटकर विक्रेताओं के साथ ही ई-रिक्शा भी नदारद रहीं। शहर के सभी बाजार पूरी तरह से बंद रहे। जहां आम लोगों की भीड़ खरीदारी के लिए जुटती थी, वहां रविवार को केवल किसान ही किसान नजर आए।
 
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हुक्का पीते किसान - फोटो : अमर उजाला
भीड़ का आलम यह रहा कि पंडाल में जगह न मिलने के कारण किसानों को शहर के महावीर चौक से सटे हुए चौधरी चरण सिंह मार्केट, स्वरूप प्लाजा समेत कई अन्य मार्केट में भी फर्श पर बैठकर लाउडस्पीकर के माध्यम से भाषण सुनने पड़े। वहीं, रातभर से शहर में मौजूद रहे किसान भी बड़ी संख्या में इन मार्केट के गलियारों में सोते नजर आए।
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किसान महापंचायत में राकेश टिकैत - फोटो : ANI
राकेश टिकैत ने मंच से कहा कि बीजेपी तोड़ने का काम करती है हम जोड़ने का काम करते हैं। इसी धरती से अल्लाहु अकबर और हर हर महादेव के नारे लगते रहे हैं और लगते रहेंगे। मंच से टिकैत ने कहा कि मोदी-योगी की सरकार झूठी है। किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। किसानों को गन्ने का भाव 430 रुपये प्रति कुंतल नहीं मिला। अब जब तक मांग पूरी नहीं होगी दिल्ली में आंदोलन जारी रहेगा। पूरे देश में संयुक्त मोर्चा आंदोलन करेगा। जब तक यह आंदोलन सफल नहीं होगा तबतक घर वापस नहीं लौटूंगा। 
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