कांवड़ लेकर आते युवक
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उनका कहना है कि भोलेनाथ ने उसे भरा पूरा परिवार अच्छा स्वास्थ्य दिया है। वह अब तक अपने भोलेनाथ के नाम से साथ कांवड़ चढ़ा चुकी हैं। इस बार वह वतन की रक्षा करने वाले समस्त सैनिकों व वतन की आन-बान-शान के लिए कांवड़ चढ़ा रहीं हैं। सभी महिला कांवड़ियां किसान परिवार से हैं और खेती में हाथ बंटातीं हैं।
शिविर में मास्टर अजय कुमार जैन, प्रदीप वालिया, राकेश कुमार, राम कुमार, अमित कश्यप, शैलेंद्र राठी, धर्मेंद्र कुमार, श्रीपाल महाराज, दिनेश लाला,सोम प्रजापति, मिंटू सैनी आदि ने स्वागत किया।
17 तीर्थ स्थलों की कर चुकी हैं तीर्थ यात्रा
कांवडियां उषा ने बताया कि वह अपनी सहेलियों के साथ जूनागढ़, द्वारकापुरी, जगन्नाथ, गोरखनाथ, सोमनाथ, वृंदावन, मथुरा-गोवर्धन आदि सहित 17 तीर्थ स्थल की यात्रा कर चुकी हैं, जिनमें गुजरात के जूनागढ़ में गिनार पर्वत की ऊंची चोटी स्थित दत्तात्रेय तीर्थ स्थल की 10 हजार पैड़ी चढ़कर दर्शन कर चुकीं हैं।