मुजफ्फरनगर जनपद के दिव्यांगों ने अपने हौसलों से समाज के लिए प्रेरणा की नई कहानी लिखी है। गांव की गलियों से लेकर ओलंपिक तक में दिव्यांगों का दमखम देखने को मिला है। भोपा के सगे भाई जीवटता की मिसाल बन गए हैं। मेहनत के दम पर आज वह किसी के मोहताज नहीं रहे। कुदरत ने पैर छीने, लेकिन दिव्यांगों ने कुछ कर दिखाने के जज्बे के साथ नई मिसाल पेश कर दी। सिर्फ खेती में ही नहीं, बल्कि मजदूरी, व्यापार और खेल के आसमान पर ऐसे सितारे चमक रहे हैं।
देश की रोशनी बन गई गोयला की ज्योति
शाहपुर क्षेत्र के गांव गोयला की पैरा तीरंदाजी खिलाड़ी ज्योति बालियान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेरी है। राष्ट्रीय स्तर पर 18 स्वर्ण पदक जीतने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन पदक हासिल किए है। वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप और पैरालंपिक में ज्योति की चमक दुनिया ने देखी है। ज्योति रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार हासिल कर चुकी है।