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छह दोस्तों की मौत: ट्रक का ब्रेक लगते ही मची चीख-पुकार, छिन गईं खुशियां, शुभम की नौ दिसंबर को होनी थी शादी

Wed, 15 Nov 2023 11:48 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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एक्सीडेंट - फोटो : Amar Ujala
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कार के आगे चल रहे ट्रक का ब्रेक लगते ही छह परिवारों की खुशियां छिन गईं। दीपावली मनाकर मसूरी और हरिद्वार घूमने निकले छह दोस्तों की हादसे में मौत हो गई।
हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि विशाल अपने पिता के साथ थ्री-व्हीलर चलाता था। उसकी दोस्ती बीबीए की शिक्षा हासिल कर रहे पारस से थी। पारस के पास कार भी थी। इसी के चलते दिवाली की छुट्टी पर सभी दोस्तों ने मसूरी और हरिद्वार घूमने जाने के लिए कार्यक्रम बनाया था, लेकिन मंगलवार सुबह ट्रक के चालक के अचानक ब्रेक लगाए जाने से उनकी जिंदगी छीन ली।

 
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एक्सीडेंट - फोटो : Amar Ujala
एक ही दिन की बात है पापा
अमन के परिजन बताते हैं कि मसूरी घूमने जाने वालों में अमन का भांजा विशाल भी शामिल था। यही वजह है कि अमन ने घूमने जाने से पहले घर पर कहा था कि पापा एक दिन की ही तो बात है। अगले दिन घूम कर आ जाएंगे। इसके बाद वह रात में ढाई बजे अपने भांजे व उसके दोस्तों के साथ चला गया।
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एक्सीडेंट - फोटो : Amar Ujala
छह में से चार परिवार में थे इकलौते बेटे
सभी मध्यम वर्गीय परिवार से थे। छह में से चार युवक अपने परिवार में इकलौते पुत्र थे। अधिकतर युवक अपना भविष्य बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। मृतक कुणाल शर्मा ने कक्षा दस तक ही शिक्षा प्राप्त की थी। उसके पिता शाहदरा में कपड़े की दुकान करते हैं। वह भी अपने पिता का हाथ बंटाने के लिए दुकान पर बैठता था। वह तीन बहनों का सबसे बड़ा इकलौता भाई था। उसका चचेरा भाई पारस बीबीए प्रथम वर्ष की शिक्षा प्राप्त कर रहा था। वह अपने एक छोटी बहन का इकलौता भाई था। उसके पिता ठेकेदारी करते है। कुणाल व पारस का परिवार एक ही मकान में साथ-साथ रहते हैं। धीरज के पिता होमगार्ड हैं। उसने कक्षा दस तक ही शिक्षा प्राप्त की थी। वह अपने लिए काम की तलाश में था। उसकी तीन बड़ी बहनें हैं और अपने परिवार में भाई बहनों में सबसे छोटा था। मृतक शिवम उर्फ शुभम बजाज फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। वह अपनी इकलौती बहन का इकलौता भाई था।

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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन - फोटो : Amar Ujala
शुभम की नौ दिसंबर को होनी थी शादी
शुभम की नौ दिसंबर को शादी होनी थी। पांच दिसंबर को सगाई का कार्यक्रम था। बेटे की मौत की सूचना पाकर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे थे। वहां उनका रो रोकर बुरा हाल था।
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विलाप करते परिजन - फोटो : Amar Ujala
खिड़की काटकर कार से बाहर निकाले शव
दिन निकलने के समय सुबह चार बजे दिल्ली देहरादून हाईवे पर हुआ हादसा बेहद दर्दनाक व दिल दहला देने वाला था। पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से खिड़की काटकर युवकों को बाहर निकाला तो सभी युवक मृत हालत में थे।

दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हुए हादसे को देखकर मार्ग से गुजर रहे चौपहिया व दुपहिया वाहन सवार राहगीर जहां के तहां रुक गए थे। हादसे को देखकर सभी मौके पर जा पहुंचे थे और उन्होंने पुलिस को सूचना देने के साथ ही कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस ने मिस्त्री को कटर लेकर बुलाया तब खिड़की काट कर युवकों को बाहर निकाला गया। सभी युवकों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद भी पुलिस ने सभी युवकों को जिला अस्पताल भिजवाया।
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