दस साल पहले महिला को दहेज के लिए जला कर मार देने वाली दोषी जेठानी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मुकदमे से संबंधित
अन्य आरोपियों की फाइल पर सुनवाई होनी शेष है। जिनका मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
रामपुर जनपद के कैमरी निवासी सुधीर गुप्ता ने 2006 में अपनी बेटी शिल्पा की शादी बिलारी के महाजनान मोहल्ले डिम्पल उर्फ आकाश दीप के साथ की थी। सुधीर गुप्ता ने थाना बिलारी में 20 अगस्त 2012 को मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने कहा कि उसकी बेटी से सुसराल वाले जिनमें जेठानी चंचल उर्फ बबीता
पत्नी सचिन, जेठ सचिन, चचिया ससुर सुनील, पुष्पा, श्रीकांत, नीरु, भगवान, विक्की, खुशबु ने दहेज में पचास हजार रुपए के साथ गाड़ी की मांग करते थे।
जिसे पूरा न होने पर उसके साथ मारपीट करते थे। 19 अगस्त 2012 को इन लोगों ने षड्यंत्र रचते हुए मेरी बेटी को जला दी थी। जिसका प्रत्यक्षदर्शी मेरी बेटी का चार साल का बेटा है। जिसने सारी घटना देखी है। आग से झुलसी बेटी के मृत्यु पूर्व तत्कालीन तहसीलदार ने बयान दर्ज किए थे। उसने अपने बयानों में अपनी जेठानी चंचल उर्फ बबीता के खिलाफ बयान दर्ज कराए थे। जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई।
केस के विवेचक द्वारा मृत्यु पूर्व दिए गए बयानों के आधार पर चंचल उर्फ बबीता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रघुवर सिंह की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नाहर सिंह त्यागी ने बताया कि वादी सुधीर गुप्ता ने अपने बयानों में चंचल उर्फ बबीता के साथ सचिन, सुनील पुष्पा आदि के खिलाफ भी बयान दिए। जिसके आधार पर अदालत ने आरोपियों को तलब कर लिया।