महात्मा गांधी की मूर्ति (प्रतीकात्मक तस्वीर)
क्या तैयारी से आए थे जिलाध्यक्ष?
पूरे घटनाक्रम से तो ऐसा लगता है कि कांग्रेसियों का मकसद यहां बापू को श्रद्धांजलि देना नहीं बल्कि आत्मदाह की पटकथा को अंजाम देना था। जब जयंती के कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी तो फिर जिलाध्यक्ष के पास अचानक पेट्रोल से भरी बोतल कहां से आ गई। इससे तो ऐसा ही लगता है कि जिलाध्यक्ष पूरी तैयारी से आए थे।
काश, दक्षिण अफ्रीका के बापू याद आए होते
पेट्रोल अचानक से आने के सवाल के लिए जब विनोद गुंबर को फोन किया तो उनके पुत्र ने उनका फोन उठाया। बेटे ने बताया कि जब अनुमति के बाद वहां नहीं बैठ पाए तो आहत होकर पिताजी ने मोटरसाइकिल से पेट्रोल निकलवा लिया और अपने ऊपर डाल लिया। हैरानी है कि बापू की विचारधारा को ही शिरोधार्य करने वाले कांग्रेसी अगर उस समय बापू के साथ दक्षिण अफ्रीका में घटी ट्रेन से फेंके जाने की घटना को याद कर लेते तो शायद आहत न होते।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने महात्मा गांधी जयंती के मौके पर हंगामा किया। अपने ऊपर पेट्रोल डालकर माहौल खराब करने का प्रयास किया। उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
- अमित कुमार आनंद, पुलिस अधीक्षक नगर
मैंने पांच दिन पहले ही प्रशासन से अनुमति ले ली थी। बावजूद इसके पुलिस ने सपा के नेता और कार्यकर्ताओं को वहां बैठा दिया। हम शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम करने गए थे। देश में बढ़ती बेरोजगारी, किसानों की समस्या और हाथरस की घटना के विरोध में सरकार के खिलाफ हैं। इसलिए जिला प्रशासन और पुलिस हमारे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। हमें पार्क से बाहर निकाल दिया गया। सड़क पर बैठे तो यहां से भी पुलिस उठाने लगी। जिससे दुखी होकर हमने आत्मदाह का प्रयास किया।
- विनोद गुंबर, जिला अध्यक्ष कांग्रेस
गांधी जयंती पर सपा का पहले से कार्यक्रम तय था। इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को भी दी गई थी। हमारे पदाधिकारी व कार्यकर्ता शांति पूर्ण ढंग से पार्क में एक साइड में बैठे थे। तभी कांग्रेस जिला अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी पहुंच गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। वो केवल मीडिया में छाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
- जयवीर सिंह यादव, समाजवादी पार्टी