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UP: 'मेरे बच्चों को बचा लो साहब...', अस्पताल में चीखता रहा घायल रोहित, पल भर में उजड़ा पूरा परिवार; छह की मौत

Sat, 29 Nov 2025 03:53 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

यूपी के संभल जिले में एक ही परिवार के 6 सदस्यों की एक साथ मौत से हर आंख नम है। जिसने भी यह हृदयविदारक खबर सुनी, वह स्तब्ध रह गया। घटना की सूचना मिलने से पहले जिन घरों में खाना बन गया था। वह खाना खा नहीं पाए और जिन घरों में खाना नहीं बन पाया था उनमें फिर बनाना भी उचित नहीं समझा।
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संभल में बड़ा हादसा - फोटो : अमर उजाला
संभल में गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने आदमपुर के एक ज्वेलर्स परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। रोहित परिवार के साथ आदमपुर में रहते है। वह संभल के बहजोई क्षेत्र के गांव विसारू के रहने वाले हैं और परिवार के साथ भाई के बच्चों के नामकरण संस्कार में शामिल होने के लिए आदमपुर लौट रहे थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई जिससे आदमपुर और मृतक के गांव विसारू में शोक की लहर दौड़ गई है।

वहीं हादसे में जान गंवाने वालों में आदमपुर निवासी रोहित की पत्नी रीनू (30), बेटी रिया (08), बेटा भास्कर(06) शामिल हैं। रोहित पिछले 20 वर्षों से आदमपुर में ज्वेलरी का काम करते थे और परिवार सहित यहीं रह रहे थे। 
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संभल में एक ही परिवार के छह लोगों की माैत। - फोटो : संवाद
उनके साथ उनके छोटे भाई सुनील की पत्नी गीता (24), बड़ी बहन देववती (36), और भांजा कपिल (11) भी काल के गाल में समा गए। रोहित का 10 वर्षीय मासूम बेटा जय गंभीर रूप से घायल है। इसका इलाज चल रहा है। इस हादसे ने रोहित के परिवार को पूरी तरह से उजाड़ दिया है।
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गमगीन ग्रामीण और परिजन - फोटो : संवाद
शादी की तैयारियों पर टूटा गम का पहाड़
मृतक देववती, जो आदमपुर में ही रहती थीं, उनके घर में अगले ही वर्ष फरवरी माह में उनकी बेटी दामिनी की शादी की तैयारी शुरू हो गई थी। घर में खुशी का माहौल था और परिजन बेसब्री से शहनाई बजने का इंतजार कर रहे थे लेकिन इस दुर्घटना ने शादी की सारी खुशियों पर पानी फेर दिया। 

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गमगीन रोहित - फोटो : संवाद
छह सदस्यों की मौत से गांव का माहौल गमगीन
एक ही परिवार के 6 सदस्यों की एक साथ मौत से हर आंख नम है। जिसने भी यह हृदयविदारक खबर सुनी, वह स्तब्ध रह गया। घटना की सूचना मिलने से पहले जिन घरों में खाना बन गया था। वह खाना खा नहीं पाए और जिन घरों में खाना नहीं बन पाया था उनमें फिर बनाना भी उचित नहीं समझा।
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छह लोगों की माैत के बाद गमगीन ग्रामीण और परिजन - फोटो : संवाद
मेरे बच्चों को बचा लो साहब, घायल रोहित जिला अस्पताल में चीखता रहा
रोहित हादसे में खुद भी गंभीर घायल हैं और मुरादाबाद के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। बड़ा बेटा भी पिता के साथ ही अस्पताल में भर्ती है। रोहित को यूपी 112 पुलिस की गाड़ी जिला अस्पताल लेकर पहुंची तो रोहित ने अस्पताल में पहुंचते ही अपने बच्चों को बचाने की गुहार लगाई। चीखते हुए कहा कि मेरे बच्चों को बचा लो साहब। अस्पताल के स्टाफ ने भरोसा दिया और रेफर कर दिया। हालांकि रोहित को यह नहीं पता है कि उनकी पत्नी, बेटी व बेटा इस दुनिया में नहीं रहे।
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वाहनों को हटाती क्रेन - फोटो : संवाद
कपिल ने कहा था, मामा के साथ जाऊंगा और फिर लौट आऊंगा
रोहित ने रास्ते में बागड़पुर निवासी अपने भांजे कपिल को भी कार में बैठा लिया था। कपिल के परिजनों ने बताया कि कपिल ने कहा था कि वह मामा रोहित के साथ जाएगा और उनकी कार से ही वापस लौट आएगा। इससे समय बच जाएगा। यही सोचकर गया था। लौटते समय जान चली गई। मां भुवनेश का रो रोकर बुरा हाल हो गया। बताया कि कपिल कक्षा 7 में पढ़ाई कर रहा था। 
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पुलिस कर्मी - फोटो : संवाद
रिया चार, भास्कर कक्षा एक का छात्र था
रोहित ने गांव बिसारू को करीब 10 वर्ष पहले इसलिए छोड़ दिया था ताकि वह अपने कारोबार को बेहतर करने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई अच्छे से करा सके। हादसे में जान गंवाने वाली रिया कक्षा चार में पढ़ाई कर रही थी। जबकि भास्कर पहली कक्षा का छात्र था। जय कक्षा छह में पढ़ाई करता है। डेविड की पत्नी अमरवती ने बताया कि उसके जेठ रोहित सराफा की दुकान चलाते हैं। दूसरे जेठ सुनील कपड़े का काम करते हैं। वहां कारोबार के साथ बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए जाकर बसे थे।

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क्षतिग्रस्त वाहन - फोटो : संवाद
पिकअप के नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज चालक का पता नहीं
संभल के हयातनगर थाना पुलिस ने रोहित के छोटे भाई सुनील की तहरीर के आधार पर पिकअप गाड़ी के नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी पिकअप चालक कहां है। यह जानकारी पुलिस को नहीं है। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने ही चालक और परिचालक को पिकअप गाड़ी से बाहर निकाला था। 

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हादसे में जान गंवाने वाले बच्चे - फोटो : संवाद
ग्रामीणों का कहना है कि निजी वाहन से उपचार के लिए चालक और परिचालक को भेजा था लेकिन वह किस अस्पताल में पहुंचे। इसकी जानकारी नहीं है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि चालक और परिचालक की जानकारी नहीं है। लेकिन रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

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महिलाओं की आखिरी तस्वीर - फोटो : संवाद
दरअसल पिकअप चालक और परिचालक हादसे के बाद फंस गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि पिकअप का चालक मदद के लिए चीख रहा था। ऑल्टो कार में भी घायल लोग थे और वह भी मदद की गुहार लगा रहे थे। इसलिए यूपी 112 पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर यूपी 112 पुलिस की गाड़ी पहुंच गई थी। जिसमें घायलों को भेजा गया था। जिन लोगों के दम तोड़ने का अंदेशा हो गया था उनको एंबुलेंस से भेजा गया था। लेकिन पिकअप के चालक और परिचालक निजी वाहन से भेजे गए थे।

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वाहनों को हटाती क्रेन - फोटो : संवाद
गंगा एक्सप्रेसवे पर यह भी गंवा चुके जान
  • गंगा एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार को हुए हादसे में छह लोगों की जान चली गई। यह पहला हादसा नहीं, इससे पहले भी गंगा एक्सप्रेस-वे पर हादसों में कई लोग जान गंवा चुके हैं। 
  • 16 मई 2025 को गंगा एक्सप्रेसवे पर हादसे में संभल के उदरनपुर निवासी सतपाल और पप्पू की मौत हुई थी। 11 जून 2025 को उझारी के नजदीक सर्विस रोड पर पुलिस निर्माण के पास हादसे में चंदनकोटा के हरीश वन की मौत हो गई। 
  • वहीं 12 नवंबर को 2025 को पिपलौती खुर्द और सिरसा गुर्जर के बीच गंगाचोली निवासी रामपाल   का लहूलुहान शव मिला था। पुलिस ने हादसे में मौत की आशंका जताई थी।

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माैके पर जुटे लोग और वाहनों को हटाती क्रेन - फोटो : संवाद
सपा और भाजपा के नेता सांत्वना देने पहुंचे
शव गांव पहुंचे तो आम लोगों के साथ राजनीतिक लोगों का पहुंचना भी शुरू हो गया। भाजपा से परमेश्वर लाल सैनी, मंजू दिलेर, ओमवीर खड़गवंशी, रामपाल सिंह, सपा से असमोली विधायक पिंकी यादव, जिलाध्यक्ष असगर अंसारी, कृष्ण मुरारी शंखधार समेत कई नेता पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। वहीं, दूसरी ओर सराफा कारोबार से जुड़े कारोबारी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।  

रिया को जिन हाथों से नीरज ने खिलाया था हलवा, उन्हीं हाथों से देनी पड़ी अग्नि 
बृहस्पतिवार को जब रिया कार्यक्रम में आई थी तो उसने अपने सबसे छोटे चाचा नीरज से बाजार लेकर जाने की जिद की थी। नीरज ने बताया कि बाजार में उसने हलवा खाने के लिए कहा था। नीरज ने कहा कि जिन हाथों से रिया को हलवा खिलाया था, उन्हीं हाथों से उसकी चिता को अग्नि देनी पड़ी। वह यह कहते हुए फफक-फफक कर रोने लगे।
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संभल में सड़क हादसे में छह लोगों की माैत। माैके पर पुलिस - फोटो : संवाद
रोहित की पत्नी व बच्चों के शवों का इंतजार करते रह गए आदमपुर के ग्रामीण
सड़क हादसे में रोहित की पत्नी रेनू, बेटी रिया और बेटे भास्कर के अलावा उनके छोटे भाई सुनील की पत्नी गीता के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजन अपने मूल गांव बिसारू में ले गए। जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि आदमपुर के ग्रामीण दिनभर उनके शव का आदमपुर में पहुंचने का इंतजार करते रहे। उन्हें उम्मीद थी कि शव यहीं लाए जाएंगे।

वहीं हादसे में रोहित और उनके बेटे जय की ही जान बच सकी है। हालांकि ये दोनों भी बुरी तरह से घायल हैं। दोनों को हादसे के बाद घायल अवस्था में संभल के जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां से प्राथमिक के उपचार के बाद मुरादाबाद रेफर किया गया था। दोनों का मुरादाबाद के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। जय की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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