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UP: दो चिताओं पर जले चार शव... बीवी और बच्चों के शवों को देख फूट पड़ा; आंखों में सैलाब बनकर छलका सीने का दर्द

Sat, 29 Nov 2025 03:47 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल में गंगा एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार की शाम हुए हादसे में आदमपुर के परिवार के छह लोगों की मौत के बाद पूरे गांव में गम का माहौल है। शुक्रवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद देववती और कपिल के शव उनके घर पहुंचे तो चीत्कार मच गई।
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संभल में सड़क हादसे में परिवार के छह की माैत - फोटो : अमर उजाला
संभल के बहजोई के गांव बिसारू में शुक्रवार को मातमी माहौल दिखाई दिया। चार शव जब एंबुलेंस से गांव पहुंचे तो चीख पुकार मच गई। जिसने भी शव देखे उसकी आंख से आंसू छलक पड़े। इससे भी दर्दनाक मंजर तब दिखा जब मां के शव के साथ बच्चों के शव चिता पर रखे गए। एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। बराबर में ही दूसरे शव का अंतिम संस्कार किया। 

एक ही परिवार के छह लोगों की मौत से गांव बिसारू के साथ अमरोहा के आदमपुर और बागड़पुर में भी गमगीन माहौल रहा। रिश्तेदार वक्त को कोसते दिखाई दिए। जिस परिवार में बृहस्पतिवार की शाम तक खुशियों का माहौल था। अब उनका गम किसी से देखा नहीं जा रहा। 
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संभल में एक ही परिवार के छह लोगों की माैत के बाद गमगीन ग्रामीण और परिजन - फोटो : संवाद
शाम को करीब साढ़े चार बजे रोहित की पत्नी रेनू (35), बेटा भाष्कर (7), बेटी रिया (10) और रोहित के भाई सुनील की पत्नी गीता (28) का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे। हादसे से बुरी तरह कुचल चुके इन शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए कुछ लोगों ने जिम्मेदारी ली। 
 
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संभल में एक ही परिवार के छह लोगों की माैत। - फोटो : संवाद
करीब छह बजे शव गांव के बाहर श्मशान घाट तक पहुंचे। रेनू की चिता पर रिया और भास्कर का भी शव रखा गया। इनकी चिता के नजदीक ही गीता की चिता बनाई। दोनों चिताएं एक साथ जलाई गईं। दो चिता पर चार शव देखकर हर आंख से आंसुओं की धार बह पड़ी। ग्रामीण और रिश्तेदार वक्त को कोसते रहे। 
 

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संभल में एक ही परिवार के छह लोगों की माैत। गमगीन ग्रामीण और परिजन - फोटो : संवाद
वहीं, दूसरी ओर एहतियाती तौर पर अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस की भी निगरानी रही। हालांकि शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार कर दिए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाली रोहित की बहन देववती (40) और बागड़पुर निवासी भांजे कपिल (12) का अंतिम उनके गांवों में किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव उनके गांव चले गए थे। सभी छह पोस्टमार्टम संभल में ही किए गए हैं।
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गमगीन ग्रामीण और परिजन - फोटो : संवाद
नामकरण से लौटते समय काल के  गाल में समाए परिवार के छह लोग
अमरोहा के आदमपुर में करीब 10 वर्षों से रोहित सराफा का कारोबार करते हैं। बृहस्पतिवार को छोटे भाई डेविड की बेटी के नामकरण में शामिल होने के लिए पैतृक गांव बिसारू आए थे। साथ में पत्नी, बेटी, दो बेटे, बहन, भाभी और भांजा था। कार्यक्रम में शामिल होकर जब लौट रहे थे तो रात को करीब सात बजे हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर धतरा के नजदीक गंगा एक्सप्रेसवे पर सब्जी से भरी पिकअप ने उनकी कार को टक्कर मार दी। 
 
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गमगीन ग्रामीण और परिजन - फोटो : संवाद
इसमें पत्नी, बेटी, बेटा, बहन, भाभी और भांजे की मौत हो गई। जबकि वह खुद और बड़ा बेटा जय घायल हैं। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए हैं। पिकअप हापुड़ जिले में पंजीकृत है। इस पिकअप के चालक और परिचालक भी घायल हुए हैं। काल के गाल में पूरा परिवार समा गया है। 

 
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संभल में एक ही परिवार के छह लोगों की माैत। - फोटो : संवाद
अभागा रोहित, पत्नी और बच्चों के शवों को देखकर फूट पड़ा
जिस रोहित के हाथ और शरीर पर चोट लगी है, उस अभागे को यह नहीं पता था कि इस हादसे ने उनका पूरा परिवार खत्म कर दिया है। एक पल में हंसता खेलता परिवार जिसमें पत्नी रेनू, बेटा भाष्कर और बेटी रिया माैत के मुंह में समा गए। जबकि एक बेटे जय की जिंदगी और माैत के बीच जंग चल रही है। शुक्रवार को अंतिम संस्कार के समय वह श्मशान घाट पहुंचे तो पत्नी, बेटी, बेटे, भाभी का शव देखकर बिलख पड़े।

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परिजनों को सांत्वना देते लोग - फोटो : संवाद
जो दर्द हादसे के बाद शरीर पर था। उससे कहीं ज्यादा रोहित की चीखों में था और वह बेबस थे। बड़ा बेटा जय जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। रोहित की बेबसी थी जो अपने बच्चों को अंतिम समय में दुलार भी नहीं सके। यह बेबसी देखकर ग्रामीणों की आंखों में भी आंसू दिखाई दिए। ग्रामीणों ने बताया कि बहन और भांजे की मौत के बारे में रोहित को नहीं बताया गया है।

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गमगीन ग्रामीण और परिजन - फोटो : संवाद
चीखता रहा रोहित - मेरे बच्चों को देखने दो 
रोहित ने शवों के अंतिम संस्कार से पहले लोगों से चीखते हुए गुहार लगाई कि वह अपने बच्चों को देखना चाहता है। जब किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो रोहित ने रोते हुए कहा कि मेरे बच्चों को देखने दो। लोग कुछ कहे बिना ही पकड़े खड़े रहे। हालांकि यह स्थिति भी काफी दर्दनाक थी। रोहित की हालत और बदहवासी को देखते हुए रोहित की पत्नी व बच्चों की चिता का अग्नि रोहित के सबसे छोटे भाई नीरज ने दी। गीता की चिता को अग्नि उनके पति सुनील ने दी। 
 

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संभल में एक ही परिवार के छह लोगों की माैत। - फोटो : संवाद
देववती व कपिल के शव पहुंचते ही रो पड़ी हर आंख
संभल में गंगा एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार की शाम हुए हादसे में आदमपुर के परिवार के छह लोगों की मौत के बाद पूरे गांव में गम का माहौल है। शुक्रवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद देववती और कपिल के शव उनके घर पहुंचे तो चीत्कार मच गई। दोनों का अलग-अलग गंगाघाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। मूल रूप से संभल के गांव बिसारू निवासी रोहित पिछले बीस वर्षों से आदमपुर में पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। 
 

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वाहनों को हटाती क्रेन - फोटो : संवाद
आदमपुर में ही वह ज्वैलर्स की दुकान चलाते थे। बृहस्पतिवार को रोहित अपनी पत्नी रेनू, बेटी रिया, बेटे भास्कर व जय, छोटे भाई सुनील की पत्नी गीता, बहन देववती और भांजे कपिल के साथ मूल गांव बिसारू में भाई के बच्चों के नामकरण संस्कार में शामिल होने गए थे। शाम को वहां से वापस आते समय गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में रेनू, रिया, भास्कर, देववती, गीता और कपिल की मौत हो गई थी, जबकि रोहित और उसका दूसरा बेटा जय घायल हो गए थे। 
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हादसे के बाद माैके पर पहुंचे पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद
घायलों का पोस्टमार्टम जनपद संभल में ही हुआ। शुक्रवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद देववती का शव आदमपुर और कपिल का शव उसके गांव बागड़पुर पहुंचा। कपिल चार बहन भाइयों में सबसे छोटा था।वह गांव के ही निजी स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ता था। कपिल के शव का अनूपशहर गंगाघाट पर अंतिम संस्कार किया गया, जबकि देववती का अंतिम संस्कार पौरारा घाट पर किया गया।
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