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48 दिनों बाद सक्तेशगढ़ आश्रम पहुंचे स्वामी अड़गड़ानंद महाराज, ढोल-नगाड़े के साथ भक्तों ने किया स्वागत

Fri, 30 Oct 2020 08:08 PM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
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सक्तेशगढ़ आश्रम पहुंचे स्वामी अड़गड़ानंद महाराज। - फोटो : अमर उजाला।
यथार्थ गीता के प्रणेता स्वामी अड़गड़ानंद महाराज कोरोना से उबरने के बाद 48 दिनों बाद शुक्रवार की सायं सक्तेशगढ़ आश्रम पहुंचे। आश्रम में उनके हेलीकॉप्टर से उतरते ही भारी संख्या में उपस्थित भक्त महाराज की एक झलक पाने के लिए लालायित रहे। अड़गड़ानंद महाराज पिछले महीने कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद स्वास्थ्य लाभ के लिए फरीदाबाद स्थित आश्रम चले गए थे।


 
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सक्तेशगढ़ आश्रम पहुंचे स्वामी अड़गड़ानंद महाराज। - फोटो : अमर उजाला।
इस संबंध में व्यवस्था का मुआयना करने के लिए बृहस्पतिवार की शाम से ही प्रशासनिक अधिकारी उनके आश्रम पहुंचे गए थे। जहां उन्होंने आश्रम के वरिष्ठ संत नारद महाराज से उनके आगमन के संबंध में जानकारी ली। फरीदाबाद स्थित आश्रम से अड़गड़ानंद महाराज का उड़नखटोला शुक्रवार को पूर्वाह्न 10 बजे उड़ान भरा और लखनऊ आकर ईंधन लेने के बाद अपराह्न सक्तेशगढ़ आश्रम स्थित हेलीपैड पर उतरा। 
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सक्तेशगढ़ आश्रम पहुंचे स्वामी अड़गड़ानंद महाराज। - फोटो : अमर उजाला।
हेलीकॉप्टर से उतरते ही भारी संख्या में उनके भक्त महाराज का दर्शन पाने के लिए लालायित रहे। स्वामी का हेलीकॉप्टर से उतरते ही वहां उपस्थित ज्यादातर भक्तों ने पटाखों, ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। परमहंस आश्रम में सुरक्षा की दृष्टि से सीओ सुशील कुमार यादव, चुनार थानाध्यक्ष सहित भारी संख्या में पुलिस बल व पीएसी की बटालियन मौजूद रही।
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सक्तेशगढ़ आश्रम पहुंचे स्वामी अड़गड़ानंद महाराज। - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना को गंभीरता से लेने की जरूरत है : स्वामी अड़गडानंद महाराज
सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम में पहुंचे स्वामी अड़गडानंद महाराज ने साधु संतों व भक्तों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि अभी कोरोना महामारी समाप्त नहीं हुआ है, इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है, सभी लोग सोशल डिस्टेंस का पालन करें एवं मास्क लगाकर ही कहीं आएं और जाएं स्वामी जी ने प्रवचन करते हुए कहा कि हर हिंदू के पास अपना धर्म ग्रंथ होना चाहिए। भगवान को प्राप्त करने के लिए एकमात्र गीता का ज्ञान ही ऐसी मुख्य चीज है जो सही रास्ते पर चलने की सीख देता है।
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