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मिर्जापुर नाव हादसा: लाचारी... आंखें नम और लब खामोश, तीन परिवारों को ऐसा जख्म मिला जो शायद कभी न भर पाएगा

Fri, 10 Sep 2021 01:01 AM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
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मिर्जापुर नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला
लाचारी... आंखें नम और लब खामोश। अपना दर्द कैसे बयां करें अल्फाज भी नहीं मिल रहे हैं। विंध्याचल के अखाड़ा घाट पर नाव हादसे के शिकार परिवार वालों का कुछ ऐसा ही हाल है। नाव हादसे के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को सत्यम (5) का शव मिला। लापता दो बच्चों समेत पांच लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

इस दर्दनाक नौका दुर्घटना में तीन परिवारों को ऐसा जख्म मिला जो शायद कभी न भर पाएगा। इन तीन परिवार में ऐसे भी दो लोग हैं जिन्होंने पत्नी के साथ-साथ अपनी बहन को भी इस हादसे में खो दिया। राजेश और दीपक की पत्नी के साथ साथ उनकी बहनें भी इस घटना के दौरान गंगा में समा गईं। 

गुरुवार तड़के लापता लोगों की तलाश शुरू हुई। एनडीआरफ, पीएसी फ्लड टीम के साथ ही स्थानीय गोताखोर ने गंगा नदी में सुबह ही सर्च ऑपरेशन चलाया। दोपहर बाद फतहां के पास सत्यम (5) लाश मिली। लापता अन्य पांच लोगों का कोई सुराग नहीं मिला। शाम ढलने के साथ ही परिजनों व सर्च टीम की उम्मीद भी धुंधलाती नजर आई। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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मिर्जापुर नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला
दूसरे दिन भी घाट का माहौल द्रवित करने वाला रहा। सत्यम का शव मिलने के बाद विकास के साथ ही दीपक और राजेश के आंखों से अश्रु की धारा नहीं धमी। विकास की पत्नी गुड़िया, बेटा सत्यम (5) और शौर्य (ढाई वर्ष) गंगा में समाहित हो चुके हैं। विकास सिर्फ गंगा मैया से गुहार लगाता रहा कि मैय्या मेरे बबुआ को वापस कर दो। साथ में आए राजेश की पत्नी खुशबू और दीपक की पत्नी अनीषा और दो माह की बेटी (जिसका नामकरण नही हुआ था) भी काल के गाल में समा गईं। हादसे में बचीं अलका और रीतिका भी अपनी मां को रो-रो कर बुला रही थी कि मां आ जाओ ना। 
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मिर्जापुर नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला
अखाड़ा घाट पर हुए इस हादसे ने एक हंसते खेलते परिवारों की खुशियां छीन ली। छह लोग गंगा में समाहित हो गए। परिजनों के साथ ही आसपास के लोग दूसरे दिन भी घाट पर गंगा में चल रहे सर्च ऑपरेशन को निहारते रहे। महिलाएं कहती सुनी गईं कि तीज पर अब कौन रखेगा बचे हुए तीनों जीजा साले दीपक, विकास और राजेश की लंबी उम्र के लिए व्रत।  सत्यम और अन्य लोगों की आस में परिवार के करुण क्रंदन से घाट पर खड़ा हर कोई अपने आंसू पोछता दिखा। हर कोई बस एक ही बात कर रहा कि भगवान ने गलत किया।  

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मिर्जापुर नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला
झारखंड के रांची, जमशेदपुर और बक्सर से राजेश अपने जीजा विकास और अपने साले दीपक के परिवार साथ दर्शन करने के लिए विंध्याचल आए थे। परिवार के कुल 11 सदस्य कार से मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने पहुंचे। दर्शन पूजन करने से पहले सभी गंगा घाटपर स्नान करने के लिए गए। परिवार के सभी लोग अखाड़ा घाट पर सभी नाव पर सवार होकर गंगा पार गए।
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मिर्जापुर नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला
स्नान करने के बाद सभी नाव से इस पर आ रहे थे कि बारिश के साथ तेज हवा चलने की वजह से बीच गंगा में नाव पलट गई। जिसमें नाविक समेत सभी 14 लोग गंगा नदी में गिर गए। गंगा किनारे मौजूद स्थानीय लोगों व गोताखोरों ने गंगा में कूदकर आठ लोगों को बाहर निकाला। छह लोग गहरे जल में समा गए। बृहस्पतिवार को पूरे दिन चले सर्च अभियान में एक बच्चे का शव मिला।

 
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मिर्जापुर नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला
नाव हादसे में छह लोगों के गंगा में लापता होने के बाद बृहस्पतिवार के पुलिस ने परिजन की तहरीर पर नाविक और फोटोग्राफर पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बाद दोनों की तलाश में जुटी है। बताया जा रहा है कि नाविक नाबालिग है। पुलिस के मुताबिक आधार कार्ड मिलने के बाद ही साफ होगा वह नाबालिग है कि नहीं। नाबालिग होता तो उसे नाव चलाने का लाइसेंस न मिलता। 
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मिर्जापुर नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला
लापता लोगों की तलाश में खोजबीन कर रही एनडीआरएफ, पीएसी प्लड टीम ने नाव भी नहीं मिली। हादसे के बाद नाव गंगा में समा गई। उसके साथ उस पर सवार छह लोग भी लापता हो गए। बृहस्पतिवार को एक बालक का शव तो बरामद हुआ, पर अभी पांच लोग लापता हैं। साथ ही नाव का भी पता नहीं चल सका। आखिर नाव कहां चली गई। 

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मिर्जापुर नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला
ह्रदय विदारक घटना से हर कोई मर्माहत है। घाट पर मौजूद हर कोई हादसे को सुनकर द्रवित हो जा रहा है। बृहस्पतिवार को जिस समय पूरा परिवार अपने अपने सदस्यों के लिए चीख रहा था। घाट पर खड़ी महिला पुलिस कर्मी परिवार की पीड़ा को सहन नहीं कर पा रही थी। वो जब तक वो घाट पर मौजूद रही, तब तक आखों के आंसू निकलते रहे। 
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10 ज्यादा बोट तलाश में लगाई गई हैं - फोटो : अमर उजाला
गंगा में लापता लोगों की तलाश में बृहस्पतिवार को 12 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चला।  बृहस्पतिवार को एनडीआरएफ की 25 सदस्यी टीम, पीएसी की फ्लड टीम, स्थानीय गोताखोर 10 नाव से खोजबीन करते रहे। सुबह छह बजे से खोजबीन अभियान शुरु हुआ। शाम को छह बजे अभियान अंधेरा होने पर बंद हुआ। 
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