फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Womens Day: सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल बनी दूसरों को प्रेरित कर रहीं मेरठ की महिलाएं

Fri, 08 Mar 2019 12:05 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 7
women's Day 2019
शहर की पहली महिला वैन चालक पूजा स्कूल वैन चालक
लोग जहां अपनी बेटियों को बाहर भेजने से डरते हैं, वहीं पूजा शहर की ऐसी बेटी है, जो शहर की पहली महिला वैन चालक हैं। माधवपुरम निवासी पूजा बच्चों को स्कूल से लाने-ले जाने का काम करती हैं। शहीद मंगल पांडे डिग्री कॉलेज में पढ़ाई करने वाली पूजा कहती हैं, पिता सुरेश चंद्र यादव ऑटो चलाते हैं।

पापा से प्रेरित होकर मैंने वैन चलाने का सोचा। लोग मुझ पर भरोसा करते हैं। अपनी बेटियों को मेरे साथ तसल्ली से भेजते हैं। यह मुझे अच्छा लगता है। पापा और मम्मी से जिद कर पूजा ने अपने लिए वैन मंगाई। कॉलेज जाने से पहले वह बच्चों को स्कूल छोड़ती है। पूजा कहती है इस काम से पैसे के साथ सुकून भी मिलता है। पूजा घर में सबसे छोटी हैं, लेकिन उसके हौसले सबसे बड़े हैं। 
विज्ञापन

2 of 7
women's Day 2019
खुद को मजबूत समझें महिलाएं  
शिक्षा, पुलिस, स्पोर्ट्स व राजनीति समेत सभी क्षेत्रों में महिला आगे बढ़कर हिस्सा ले रही हैं। अब महिला खुद को मजबूत समझें। किसी से डरने की जरूरत नहीं है। कई बदमाशों से मैंने खुद सीधा मुकाबला किया है। अपने निर्णय पर हमेशा अटल रही हूं। -लक्ष्मी सिंह, आईजी पीटीएस मेरठ 
विज्ञापन

3 of 7
women's Day 2019
खूब सबक सिखाया
परिवार के साथ पुलिस विभाग की जिम्मेदारी महिला ही उठा सकती है। कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। अब महिला हर क्षेत्र में चुनौतियां का सामना कर रही है। मेरठ, लखनऊ समेत 13 जिलों में एसएसपी रही हूं। कभी दबाव में काम नहीं किया। अपराधियों को खूब सबक सिखाया। -मंजिल सैनी, डीआईजी, मानव अधिकार आयोग दिल्ली

4 of 7
women's Day 2019
घर हों या बाहर खुद निर्णय लें
महिलाओं को सशक्त दिखना चाहिए। घर हों या बाहर निर्णय खुद लें। पुलिस विभाग में आने के बाद महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनकी घर तक मदद करती हैं। आज हर विभाग में महिलाएं आगे आ रही हैं यह देश के लिए बहुत अच्छा है। - संध्या वर्मा, इंस्पेक्टर महिला थाना
विज्ञापन

5 of 7
women empowerment
न डरें और न हीं घबराएं
महिलाएं आज डटकर मुकाबला कर रही हैं। पुलिस विभाग और अन्य फोर्स में महिलाओं के आने से मजबूती  मिली है। कॉलेजों में कार्यक्रम के दौरान वह खुद छात्राओं को जागरूक करती हैं कि न डरें और न ही घबराएं। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। - मोनिका जिंदल, प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र 
विज्ञापन

6 of 7
women empowerment - फोटो : अमर उजाला
अपना उद्यम स्थापित कर बनाई पहचान
जत्तीवाड़ा निवासी रूपा गोयल ने फोटो एडिटिंग का काम शुरू कर अपनी अलग पहचान बनाई है। पिछले 15 सालों से रूपा गोयल फोटोशॉप पर लगातार कार्यरत हैं। 48 वर्षीय रूपा बताती हैं उनकी एक बेटी हर्षी गोयल है जो इस्माईल कॉलेज से संगीत की शिक्षा ले रही है। बेटा उदित गोयल भी पढ़ाई कर रहा है। रुपा कहती हैं पति से प्रेरित होकर काम शुरू किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
women empowerment
लाइन से हटकर बनाया कॅरियर
अगर देखना चाहते हो मेरी उड़ान को, तो पहले ऊंचा कर लो अपने आसमान को...। विद्या इंस्टीट्यूट में फैशन विभाग की छात्रा तारिशी के हौसले आसमान सी ऊंची उड़ान भरते हैं। फोटोग्राफी की शौकीन तारिशी फैशन कंसलटेंट हैं। पढ़ाई के साथ अपना काम भी करती हैं।

तारिशी कहती हैं, हमेशा एक लाइन में रहकर ही क्यों सोचें। लड़कियां केवल टीचर, डॉक्टर, इंजीनियर या वकील ही क्यों बनें। पूरा आकाश हमारे लिए खुला है तो क्यों न कुछ हटकर सोचा जाए। मेरी यही बागी सोच मुझे कैमरे के करीब ले गई। मम्मी से जिद करके कैमरा खरीदा। तारिशी की अब तक दो राष्ट्रीय स्तर की फोटो प्रदर्शनी लग चुकी हैं। वह हर चुनौती को स्वीकार करने के लिए तैयार रहती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें