मौके पर जमा लोग
- फोटो : Amar Ujala
दोनों बहनें थी पढ़ाई में तेज
चारू, इशिका की बुआ और चाची का रो-रोकर बुरा हाल है। वो बार-बार चारू और इशिका का नाम लेकर विलाप करती रहीं। बोलती रहीं कि चारू नौवीं में और इशिका पांचवीं में विद्या सागर बड़ा बाजार स्कूल में पढ़ती थीं। दोनों पढ़ने में बेहद तेज थी। कहती थीं कि पढ़-लिखकर मम्मी-पापा की गरीबी दूर करेंगी। लेकिन ऐसी घटना हो जाएगी, इसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। नरेश की मजबूरी पर हर किसी की आंख नम हो गई। लोग यही कहते रहे कि बेटा जेल में है, पत्नी और दो बेटियों की मौत का सदमा नरेश कैसे झेल पाएगा।