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यूपी पुलिस का गजब खेल..., संस्तुति से 15 दिन पहले ही कुख्यात बाफर को दे दिए थे सरकारी गनर  

Wed, 17 Jul 2019 04:41 PM IST
Dimple Sirohi अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ
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कुख्यात रोहित को संरक्षण देने वाला भूपेंद्र बाफर - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के कुख्यात भूपेंद्र सिंह बाफर को सरकारी सुरक्षा देने में पुलिस ने जमकर खेल किया। कमेटी की संस्तुति से 15 दिन पहले ही तत्कालीन एसएसपी के आदेश पर भूपेंद्र बाफर को दो गनर उपलब्ध करा दिए गए थे।

यही नहीं, समिति के सामने रिपोर्ट रखते वक्त उसके आपराधिक इतिहास को छिपाया गया। लेकिन अब जब गर्दन फंसी तो पुलिस इस पर लीपापोती कर बचाव करती नजर आ रही है। लेकिन पूरे मामले पर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है, जिसमें गाज गिरना तय माना जा रहा है। 
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कुख्यात रोहित को संरक्षण देने वाला भूपेंद्र बाफर - फोटो : अमर उजाला
एक लाख के इनामी रह चुके भूपेंद्र बाफर के बदन सिंह बद्दो से संबंध बिगड़े तो सुशील मूंछ ने भी बाफर से दूरी बना ली थी। बाफर पिछले दिनों जमानत पर था। 28 मार्च 2019 को बद्दो कस्टडी से फरार हुआ तो मूंछ ने भी सरेंडर कर दिया।

 
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भूपेंद्र बाफर समेत अन्य गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
इस पूरे खेल को लेकर बाफर को जहां अपनी जान का खतरा हुआ तो पुलिस ने भी बद्दो की गिरफ्तारी के लिए बाफर का दामन थाम लिया। क्योंकि भूपेंद्र बाफर बद्दो के अधिकांश गोपनीय ठिकानों से वाकिफ है। इस दौरान बाफर की सुरक्षा में दो सिपाही दिए गए। लेकिन मामला लंबा खिंचता देख नियमानुसार सरकारी गनर उपलब्ध कराने की कार्रवाई कराई गई।

 

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कुख्यात सुशील मूंछ को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बाफर ने बदन सिंह बद्दो और सुशील मूंछ से जान का खतरा बताकर सुरक्षा मांगी। जिस पर 29 मई को थाना जानी ने जो रिपोर्ट जारी की उसने पुलिस का खेल उजागर कर दिया।

इस रिपोर्ट में 15 दिन से पहले से बाफर के पास दो कांस्टेबिल सुरक्षा में होना बताया गया। साथ ही रिपोर्ट के कॉलम में पूछा गया कि आवेदक किसी जघन्य अपराध का पैरोकार, वादी या गवाह तो नहीं है, तो पुलिस ने उससे भी इंकार कर दिया। 

 
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meerut police, meerut news - फोटो : अमर उजाला
क्राइम हिस्ट्री की जानकारी दूसरे पेन से 
बाफर को सुरक्षा प्रदान करने वाली रिपोर्ट के जिस कॉलम में क्राइम हिस्ट्री की जानकारी मांगी गई, उस पर दूसरे पेन से उसकी हिस्ट्रीशीट का नंबर लिखते हुए क्राइम हिस्ट्री अलग से संलग्न करना लिखा है।
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भूपेंद्र बाफर समेत अन्य गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
खास बात यह है कि पूरी रिपोर्ट जिस पेन से लिखी गई, यह कॉलम किसी दूसरे पेन से लिखा गया तो हैंडराइटिंग भी दूसरी है। जो पुलिस की भूमिका पर संदेह और ज्यादा गहरा कर रहा है। यदि इस हैंडराइटिंग की एक्सपर्ट से जांच कराई जाती है तो पूरा मामला साफ हो जाएगा। 
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