यमुना नदी के उफान पर आने से पश्चिमी यूपी के जिलों पर खतरा मंडरा रहा है। जहां, शामली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से भी ऊपर पहुंच गया है तो वहीं, सहारनपुर में सड़क पर मलबा आने की वजह से हाईवे बंद हो गया है। उधर, शुकतीर्थ गंगाघाट पुल पर जलकुंभी फंसने से बहानी का बहाव बाधित हो रहा है। इसके अलावा बिजनौर में कोटावाली नदी उफान पर है। आइए आपको सभी जिलों का हाल विस्तार से बताते हैं-
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उफान पर यमुना।
- फोटो : अमर उजाला
यमुना नदी में बाढ़ की बनी स्थिति, खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना
शामली में यमुना नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 231.5 मीटर को पार करते हुए 232 मीटर तक पहुंच गया, जिसके और अधिक बढ़ जाने की पूरी संभावनाएं बताई जा रही हैं।
वहीं केंद्रीय जल आयोग भारत सरकार नई दिल्ली ने जनपद के संबंधित विभागों को बाढ़ से निपटने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। मंगलवार को भी सुबह नौ बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में अब तक सबसे अधिकतम 320893 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड डिस्चार्ज किया जा रहा है, जिस कारण आने वाले समय में यमुना अपना रौद्र रूप दिखाएगी।
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उफान पर यमुना।
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार शाम यमुना नदी का जलस्तर समुद्र तल से 231.2 मीटर हो गया था, जबकि मंगलवार सुबह 8:00 यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 231.5 मीटर को पार करते हुए 231.8 मीटर हो गया। यमुना नदी का शोर करता और उछाले मारता पानी आसपास के गांव के लोगों में दहशत भर रहा है। यमुना के इस रूप को देखकर लोगों के मन में 2013 में यमुना में आई भयंकर बाढ़ की याद ताजा कर रही है।
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यमुना का हाल।
- फोटो : अमर उजाला
2013 में हथिनी कुंड बैराज से 800000 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड डिस्चार्ज किए जाने के बाद यमुना की बाढ़ ने क्षेत्र में भयंकर तबाही मचाई थी। यूपी को हरियाणा से जोड़ने वाला यमुना नदी के पुल की हरियाणा साइड की सर्विस रोड यमुना के पानी में बह गई थी, जिस कारण करीब 25 दिन तक यूपी का हरियाणा से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। वही, मंगलवार सुबह भी हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में इस वर्ष का सबसे अधिकतम पानी 320893 क्यूसेक प्रति सेकंड डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिस कारण यमुना आने वाले कुछ घंटों बाद अपना रूद्र रूप दिखाएगी। यमुना नदी में आई बाढ़ के कारण यमुना किनारे निवर्तमान सीडीओ शंभू नाथ तिवारी द्वारा बनवाया गया छठ मैया का मंदिर बह गया। तटवर्ती किसानों की फसलों में भी बाढ़ का पानी भर गया है।
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सहारनपुर में टूटी सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर जिले का हाल
सहारनपुर के बिहारीगढ़ में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर शिवालिक की पहाड़ियों में आठ जगह मलबा खिसक कर सड़क पर आने से मंगलवार सुबह से ही हाईवे बंद हो गया है। पुलिस ने रूट डायवर्ट किया है। कावड़ियों को बिहारीगढ़ से बुग्गावाला रोड से हरिद्वार निकाला गया।
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यमुना नदी
- फोटो : अमर उजाला
सरसावा में लगातार दूसरे दिन यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर दिख रही है। यमुना में भारी जलसैलाब को देखकर लोगों की रूह कांप गई। वहीं, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए यमुना नदी के ऊपर बनाए गए नए रेलवे ब्रिज के पिलर के नीचे से भी मिट्टी का भारी कटाव हो गया है। वहीं, बेहट के दबकौरा गांव की आबादी के पास नदी की बाढ़ का पानी सड़क से होकर बह रहा है।
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
उधर, चिलकाना गंदेवड मार्ग पर सुलतानपुर के पास बाढ़ से टूटी हुई सड़क के पास स्थित पुल का आधा हिस्सा भी पानी के तेज बहाव में बह गया है। चिलकाना से खादर क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में यातायात ठप है। लोगों को प्रतिदिन की जरूरत है कि वस्तु खरीदने के लिए पठेड के बाजार पर निर्भर होना पड़ रहा है। यमुना नदी में पानी के तेज बहाव के कारण कटाव शुरू हो गया है। यमुना के दूसरी तरफ बसे उत्तर प्रदेश के दो गांव सोंधेबास व गाजदीनपुर में जाने वाली बिजली के पांच खंभे यमुना नदी में समा गए हैं।
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में गंगाघाट पर फंस गई जलकुंभी
मुजफ्फरनगर के सोलानी में पानी बढ़ने के साथ मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुकतीर्थ गंगाघाट पुल पर जलकुंभी फंसने से बहानी का बहाव बाधित हो रहा है। सोलानी में पानी छोड़े जाने के कारण जलकुंभी बहकर आ रही है। जलस्तर पुल तक पहुंच गया था, जिससे खतरा बढ़ रहा था। लोगों ने पुलिस-प्रशासन को मामले की जानकारी दी। मंगलवार को जेसीबी से जलकुंभी हटाने का काम किया जा रहा है।
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बिजनौर का हाल।
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कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ा, नदी रपटे पर आवागमन बंद
बिजनौर के भागूवाला क्षेत्र में बारिश होने से भागूवाला की कोटावाली नदी उफान पर रही। नदी रपटे पर पानी तेज बहाव होने से वाहनों का आवागमन बंद रहा। जिससे मार्ग पर लंबी दूरी तक बड़े वाहनों की कतार लग गई।
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
भागूवाला क्षेत्र की कोटावाली नदी में मंगलवार को सुबह करीब नौ बजे अचानक पानी आ गया। नदी रपटे पर पानी के तेज बहाव की सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और वाहनों का आवागमन बंद कराया। घंटों तक नदी का बहाव कम नहीं होने से मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार को जाने वाले कांवड़ियों के वाहन भी लंबी कतार में शामिल थे। कई बड़े वाहनों ने चंदक हेड मार्ग होते हुए पूर्वी गंगनहर मार्ग से आवाजाही की, जबकि दोपहिया वाहनों की आवाजाही कोटावाली नदी पर बने पुल से होती रही।
उधर, कोतवाली नदी ने गांव सबलगढ़ के जंगलों में भारी तबाही मचाई। नदी का पानी खेतों के बीच से गुजरने पर किसानों को भारी नुकसान पहुंचा। कोटावाली नदी ने किसानों की कई बीघा जमीन का भी कटान किया।