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आग की भयावह तस्वीरें: फैक्टरी में फंसी थीं 20 जिंदगियां, जान बचाने के लिए मची भगदड़, छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते पहुंचाया घर

Thu, 28 Apr 2022 01:16 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फैक्टरी में लगी भीषण आग। - फोटो : amar ujala
फैक्टरी में आग लगने से केमिकल के ड्रमों में हुए विस्फोट से पूरा इलाका दहल गया। आसमान में आग की लपटें उठीं तो करीब पांच किलोमीटर के दायरे में धुएं का गुबार छा गया। करीब 500 मीटर दूर स्थित महालक्ष्मी डिग्री कॉलेज को बंद कर छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते से सुरक्षित निकाला गया। फैक्टरी के अंदर फंसे 20 कर्मचारियों की जिंदगी फायर ब्रिगेड की टीम ने बचाई।  

मेरठ जनपद में मवाना रोड स्थित मसूरी गांव से फिटकरी गांव के मार्ग पर केमिकल फैक्टरी के ठीक पीछे महालक्ष्मी डिग्री कॉलेज है। फैक्टरी में आग के बाद केमिकल के ड्रम फटने लगे तो फिटकरी और मसूरी गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे।
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केमिकल फैक्टरी में लगी आग - फोटो : amar ujala
वहीं आग का भयावह रूप देख सब कांप उठे और कोई आग बुझाने का साहस नहीं कर सका। करीब पंद्रह मिनट बाद ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गईं, लेकिन आग विकराल होती चली गई।
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फैक्टरी में लगी थी भीषण आग। - फोटो : amar ujala
इसके बाद गाजियाबाद और हापुड़ से गाड़ियां मंगाई गईं। सेना से भी मदद लेकर पानी के टैंकर मंगाए गए। वहीं करीब तीन घंटे में आग बुझ पाई। 

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आग बुझाते कर्मचारी। - फोटो : amar ujala
तप गईं कॉलेज की दीवारें 
आग की तपिश से महालक्ष्मी कॉलेज की दीवारें भी गर्म हो गईं। अग्निशमन अधिकारी शांतनु कुमार यादव ने बताया कि कॉलेज में आग की लपटें न जाएं, इसे देखते हुए पानी के दो टैंकर उसी तरफ लगाए गए थे। 
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आग बुझाते कर्मी। - फोटो : amar ujala
अग्निशमन अधिकारी शांतनु कुमार यादव ने बताया कि तत्काल प्रबंधन से बात करके कॉलेज को भी बंद करा दिया गया था।
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आग बुझाते कर्मी। - फोटो : amar ujala
हादसा या बड़ी साजिश 
केमिकल में जिस तरह आग लगना बताया जा रहा है, यह बात फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के भी गले नहीं उतर रही। 
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आग बुझाने में लगे कर्मचारी। - फोटो : amar ujala
बताया गया है कि थिनर का ड्रम जमीन पर गिर गया था। उस वक्त केमिकल से भरे ड्रमों को चार कर्मचारी ट्रक में लोड कर रहे थे। इसी दौरान आग लग गई।

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लोगों से जानकारी लेती पुलिस। - फोटो : amar ujala
फायर ब्रिगेड के अधिकारियों का कहना है कि यह हादसा है या कोई साजिश, इसकी जांच होगी। 

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लोगों को समझाती पुलिस - फोटो : amar ujala
फैक्टरी का एक करोड़ का था इंश्योरेंस 
फैक्टरी मालिक मेरठ के जैन नगर निवासी गौतम जैन और मधुकांत जैन ने बताया कि एक करोड़ का इंश्योरेंस था, लेकिन आग में दो करोड़ का सामान जल गया है। इस मामले की फायर ब्रिगेड ने जांच शुरू कर दी है।
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फैक्टरी में लगी थी भीषण आग। - फोटो : amar ujala
फायरकर्मियों का कहना कि फैक्टरी में उनको आग से बचाव वाले यंत्र नहीं मिले। वहां पर कूलिंग सिस्टम नहीं था, जोकि केमिकल फैक्टरी में होना चाहिए था। जबकि फैक्टरी मालिक का कहना है कि बचाव के यंत्र लगे हुए थे, जो आग में राख हो गए। कर्मचारियों को आग बुझाने का मौका तक नहीं मिला।
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