वहां घर, जिसके नीचे से बच्ची का अपहरण हुआ।
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टेंपो के रुकते ही वह मोबाइल पर बात करते हुए मायशा का बैग कंधे पर टांगा। उसे टेंपो से नीचे उतारा। घर का गेट खोलकर बच्ची को लेकर भीतर चला गया। एक मिनट तक टेंपो चालक बाहर खड़े होकर मायशा की मां को फोन किया कि नीचे खड़ा एक लड़का उनकी बेटी को लेकर भीतर गया है, मायशा की मां बोलती हैं ठीक है।
इसके बाद यादराम टेंपो लेकर चला गया। उसके जाते ही युवक बाहर आया, उसके आगे-आगे मायशा चल रही थी। सेंट्रो के पास पहुंचकर वह पीछे का गेट खोलकर पहले मायशा को बैठाकर खुद बैठ गया और कार से फरार हो गए।