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मॉडल बनना चाहती थी अनु, पल भर में बिखर गए सपने, जिंदगीभर का जख्म दे गया ये हादसा

Wed, 11 Dec 2019 01:36 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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दोनों सगी बहनों का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में हुए दर्दनाक हादसे ने जहां परिवार को जिंदगी भर का गम दिया है। तो वहीं अनु का मॉडल बनने का सपना टूट गया। हादसे में दोनों सगी बहनों की मौत के बाद परिजनों और छात्राओं की सहेलियों का रो- रोकर बुरा हाल है। बड़ी बहन की सहेलियों ने बताया कि अनु को मॉडलिंग का शौक था। वह मॉडल बनना चाहती थी। बेटियों की जिद के आगे झुक गए थे पिता, अगली स्लाइडों में जानिए कैसे हुआ हादसा-
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हादसे के बाद स्कूल बैग चेक करते लोग - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि मेरठ कैंट के नो-एंट्री एरिया में सोमवार सुबह दो सगी बहनों की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। दोनों छात्राएं हर रोज की तरह स्कूल जा रही थीं। पिता डरते थे इसलिए स्कूटी से स्कूल नहीं जाने देते थे। लेकिन बेटियों की जिद के आगे पिता झुक गए, मगर उन्हें क्या मालूम था कि उनकी हां, बेटियों को हमेशा के लिए उनसे दूर कर देगी।
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दोनों सगी बहनों का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
परिवार के लिए काल बनकर आई सुबह
सोमवार सुबह के आठ बजे थे। गणपति विहार कंकरखेड़ा निवासी रिटायर्ड हवलदार छोटू सिंह की दोनों बेटियां अनु (16) और अंजली (12) स्कूल के लिए रोजाना की तरह स्कूटी से निकली थीं। बड़ी बेटी अनु कैंट स्थित सिटी वोकेशनल स्कूल में दसवीं की छात्रा थी जबकि छोटी बेटी अंजली पंजाब लाइन स्थित केंद्रीय विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ती थी। छोटा भाई अनुज केवी में पढ़ता है। अनु अपने छोटे भाई-बहन को स्कूटी से केवी में छोड़ती थी और फिर अपने स्कूल जाती थी। सोमवार को अनुज स्कूल नहीं गया था। स्कूटी जब 510 आर्मी वर्कशॉप के पास उमराव एंक्लेव के सामने पहुंची तो पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे रोडी से भरे ट्रक ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मारी। इससे दोनों बहनें सड़क पर गिरीं और ट्रक का पहिया दोनों का सिर कुचलता हुआ निकल गया। यह दर्दनाक हादसा जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े तो आरोपी चालक ट्रक को छोड़कर वहां से भाग निकला।

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हादसे के बाद लगा जाम - फोटो : अमर उजाला
अनु को मॉडलिंग का शौक था
अनु और अंजली की मौत की सूचना जैसे ही स्कूलों में पहुंची तो मातम छा गया। सुबह प्रार्थना के समय माहौल गमगीन हो गया। साथ पढ़ने वाली सहेलियों का रो-रोकर बुरा हाल था कि अब अपनी बेस्ट फ्रैंड के साथ कभी लंच शेयर नहीं कर पाएंगी। अनु की सहेलियों ने बताया कि उनकी दोस्त को मॉडलिंग का शौक था। मॉडल बनना उसका सपना था। वो जितनी अच्छी कुश्ती की खिलाड़ी थी, उतनी ही बेहतरीन छात्रा थी। छात्राओं ने कहा कि हम तो पहली कक्षा से ही साथ पढ़े थे। कभी सोचा नहीं था कि ऐसा होगा। आज अचानक से फ्रैंड चली गई है कुछ समझ नहीं आ रहा क्या करें। वहीं शिक्षिकाओं ने भी रोते हुए कहा इतनी मेधावी छात्रा का जाना हमारी बड़ी क्षति है, जिसकी कोई भरपाई नहीं।
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छात्रा की क्लास का फोटो - फोटो : अमर उजाला
भगवान का शुक्र है... अनुज स्कूल नहीं गया 
रिटायर्ड हवलदार छोटू सिंह की दो ही बेटियां थीं। परिजनों में कोहराम मचा है। परिजनों ने बताया कि रविवार को अनुज एक रिश्तेदार के यहां शादी में गया हुआ था। रात में देरी से आने के चलते सोमवार को वह स्कूल नहीं गया। दोनों बहनें स्कूटी से स्कूल गई थीं। भगवान का शुक्र रहा कि अनुज बहनों के साथ स्कूल नहीं गया। यह कहकर पिता छोटू सिंह और मां रिंकी बिलखने लगते हैं। शाम को पोस्टमार्टम के बाद दोनों बहनों के शव पहुंचे तो परिजनों में चीख पुकार मच गई।
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हादसे के बाद जाम लगा - फोटो : अमर उजाला
...मैं आखिरी बार स्कूल जा रही हूं
हादसे का शिकार हुई दोनों बहनों को पता नहीं था कि आज उनके स्कूल जाने का आखिरी दिन होगा। अनु स्कूल जाने के लिए तैयार होते समय भाई बहन से कह रही थी कि मैं तो आज आखिरी बार स्कूटी से स्कूल जा रही हूं। मेरा आज लास्ट एग्जाम है। उसके बाद छुट्टी पड़ जाएंगी। वहीं, अंजली भी कह रही थी कि स्कूटी से तीनों का एक साथ स्कूल जाना ठीक नहीं है।
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दोनों बहनों के बचपन का फोटो - फोटो : अमर उजाला
लचर व्यवस्था ने खत्म की दो जिंदगी
शनिवार आधी रात से जब मेरठ छावनी में शुल्क वसूली की व्यवस्था लागू हुई तो रुड़की रोड और मवाना रोड सहित कई मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति रही। सोमवार सुबह भी ऐसा ही हुआ। प्रवेश शुल्क से बचने के लिए एक चालक ने ट्रक को नो-एंट्री एरिया में घुसा दिया। वहां से निकलने की जल्दबाजी में चालक ने ट्रक को बेकाबू दौड़ाया और दो बच्चियों को बेरहमी से कुचल डाला। छावनी क्षेत्र में ही कई प्रमुख स्कूल हैं जिनमें रोजाना हजारों छात्र-छात्राएं जाते हैं। इस हादसे के बाद सुरक्षा पर सवाल खडे़ हो रहे हैं।

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