फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PHOTOS: 150 की स्पीड पर थी स्कॉर्पियो, पलक झपकते ही गंगनहर में समाई, हरिद्वार जा रहे थे चार दोस्त

Fri, 08 Jul 2022 06:37 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
विज्ञापन
1 of 6
गंगनहर में गिरी कार। - फोटो : amar ujala
गुरुग्राम से हरिद्वार घूमने के लिए निकले चार दोस्तों ने सोचा भी नहीं होगा कि रास्ते में उनके साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। चारों दोस्त गर्मी में मस्ती करने के लिए हरिद्वार जाना चाहते थे लेकिन, वे मेरठ तक ही पहुंच पाए और उनके साथ दर्दनाक हादसा हो गया। 

गुरुवार के शाम पांच बजे थे। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर वाहनों की आवाजाही हो रही थी। भोलाझाल के पास दिल्ली की तरफ से तेज रफ्तार में हरिद्वार जा रही स्कॉर्पियो गाड़ी गंगनहर में समा गई। गाड़ी में सवार धर्मेंद्र और ओमप्रकाश को लोगों ने गंगनहर से निकाल लिया। देवराज और निरंजन का सुराग नहीं लग सका। वहीं एनडीआरएफ की टीम ने शुक्रवार की सुबह कार को गंगनहर से निकाल लिया और कार में एक युवक का शव भी बरामद हुआ।
विज्ञापन

2 of 6
युवकों की तलाश करती टीम। - फोटो : amar ujala
चौथे युवक की तलाश जारी
एसपी देहात का कहना है कि चालक नशे में था और पलक झपकते ही गाड़ी गंगनहर में समा गई। गाड़ी की स्पीड करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। 
विज्ञापन

3 of 6
नहर में गिरी कार। - फोटो : amar ujala
गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच मेरठ जिले की सीमा में गंगनहर पटरी मार्ग की लंबाई 42 किलोमीटर है। यहां पर अक्सर गाड़ियां गंगनहर में समां जाती हैं। जिसमें कई लोगों की जान जा चुकी है। 

4 of 6
कार को गंगनहर से निकाला गया। - फोटो : amar ujala
पटरी मार्ग के चौड़ीकरण के बाद वाहनों की आवाजाही ज्यादा बढ़ गई है। वाहनों की रफ्तार अधिक होने के कारण यहां आए दिन हादसे भी बढ़ने लगे हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
जांच करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
देर रात परिवार के लोग पहुंचे 
हादसे की जानकारी लगने पर देवराज और निरंजन के परिजन भी रोहटा थाने पहुंचे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने बताया कि चारों दोस्त अक्सर घूमने के लिए जाते थे। ऑफिस में काम निपटाने के बाद गरुवार को वह हरिद्वार के लिए निकले थे। रास्ते में शराब और बीयर पी। दोनों लोगों से पुलिस जानकारी लेने में लगी है।

गंगनहर में यह हुए हादसे 
1. भोलाझाल के पास ही 22 दिसंबर 2010 को शाम सात बजे मुजफ्फरनगर का एक परिवार गंगनहर में समा गया था। वह कुराली गांव स्थित कॉलेज में चल रहे कार्यक्रम में अपने बच्चों को लेकर जा रहे थे। तभी अनियंत्रित होकर स्कार्पियो गंगनहर में समा गई थी। जिसमें चार बच्चे, एक महिला सहित 7 लोग की मौत हो गई थी। 

2. पूठखास के पास 13 दिसंबर 2018 को नोएडा सेक्टर 126 में एचसीएल कंपनी में तैनात सॉफ्टवेयर इंजीनियर फतेहपुर निवासी नितिन गुप्ता (25) की कार गंगनहर में गिर गई थी। कार नितिन ही चला रहे थे। उसमें सवार झारखंड निवासी विशाल कुमार, लक्ष्मीनगर दिल्ली निवासी गुरनीत कौर की जान बच गई थी। तीन दिन अभियान चलाकर नितिन का शव गाजियाबाद से बरामद किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
गंगनहर से कार निकालते लोग। - फोटो : amar ujala
3. भोलाझाल के पास 25 दिसंबर 2018 को सलावा गांव निवासी हुकुम सिंह का परिवार कार से हापुड़ के अतरौली गांव में तेहरवीं में शामिल होने जा रहे थे। हुकुम सिंह, अनिल व सीमा पत्नी संजय नहर में डूबने से मौत हो गई है। 

4. चौधरी चरणसिंह कांवड़ मार्ग पर रोहटा के जटपुरा गांव के सामने 25 मई 2019 में भलसोना पुल के पास डीसीएम गंगनहर में गिरी थी। उसमें देवरिया का परिवार था। पिंकी नाम की महिला डूब गई थी, जबकि परिवार के दस लोगों को नहर से सकुशल निकाला गया था। 

5. कांवड़ मार्ग स्थित रोहटा क्षेत्र के गांव जटपुरा के पास 11 अगस्त 2019 को तेज रफ्तार में दौड़ रही कार अनियंत्रित हो कार नहर में गिर गई थी। कार में सवार हरेंद्र की मौत हो गई थी। जबकि कार में सवार हरेंद्र की पत्नी और बच्चों को सकुशल निकाला गया था। 

6. नानू गंगनहर पुल की रेलिंग तोड़कर 7 दिसंबर 2019 को ट्रक नहर में समा गया था। जिसमें चालक और हेल्पर का कोई सुराग नहीं लग सका था। कई दिनों तक सर्च अभियान चलाने के बाद चालक और हेल्पर के शव को निकाला गया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें