मेरठ में बिजौली स्थित प्लांट पर ऑक्सीजन सिलिंडर की उम्मीद को लेकर तीमारदारों की लाइन लगी है। अपनों की ‘सांसों की डोर’ टूट न जाए, इसलिए लोग घंटों से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। जरूरतमंद गेट की तरफ टकटकी लगाए हैं। जो भी गेट से बाहर निकलता है उसके पास दौड़कर पहुंच जाते हैं और सिलिंडर के लिए विनती करते हैं। कोई जवाब न मिलने पर हताश होकर फिर इंतजार करने लगते हैं। जिम्मेदारों को डॉक्टरों का पर्चा दिखाते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता।