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STF Action: अमेरिकी वांटेड रत्नेश भूटानी को भेजा तिहाड़ जेल, अब अवैध संपत्तियों की जांच शुरू, खुलेंगे बड़े राज

Mon, 19 Sep 2022 08:26 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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रत्नेश भूटानी - फोटो : amar ujala
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अमेरिका के कैलिफोर्निया से दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहे अमेरिकी नागरिक रत्नेश भूटानी को तिहाड़ जेल भेजने के बाद उसकी संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है।

इसके साथ ही भूटानी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। रत्नेश भूटानी के कुख्यात सुशील मूछ और बदन सिंह बद्दो सहित अन्य अपराधियों के साथ कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है।
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रत्नेश भूटानी - फोटो : amar ujala
मूलरूप से गाजियाबाद के मोदीनगर में गोविंदपुरी निवासी रत्नेश भूटानी 1996 में मोशटेक कैंसर लैब में काम करने के लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया में गया था। वहां पर रत्नेश के चाचा रहते हैं। कुछ दिन बाद वहां कैलिफोर्निया की युवती से शादी कर उसने अमेरिका की नागरिकता हासिल कर ली थी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
आरोप है कि यहां वर्ष 2006 में उसने एक बच्ची से दुष्कर्म किया था। इसके बाद वह लंदन के रास्ते मुंबई लौट आया था। यहां मुंबई में भाई ऋषि भूटानी के साथ मिलकर फिल्म उद्योग में काम किया और कई शहरों में होते हुए मेरठ पहुंचा। यहां कंकरखेड़ा में भूटानी का अमनताश होटल है।

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रत्नेश भूटानी उर्फ गोल्डी - फोटो : amar ujala
एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में रत्नेश भूटानी के यहां होने के बारे में पता चला था। इसके बाद इंटरपोल के जरिये रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया था। अगस्त 2022 में यूपी डीजीपी ने भूटानी की गिरफ्तारी का टास्क दिया था। काफी प्रयासों के बाद उसे आगरा से गिरफ्तार किया गया।
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गिरफ्तार किया गया अमेरिकी नागरिक - फोटो : अमर उजाला
अब फरार रहने की अवधि के दौरान यहां अवैध रूप से अर्जित की गईं उसकी संपत्तियों की जांच की जा ही है। इसके साथ ही जिन बड़े अपराधियों और नेताओं से संपर्क और संरक्षण के बारे में जानकारियां मिल रही हैं, उनके बारे में भी पड़ताल जारी है।
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सांकेतिक तस्वीर
एलआईयू को नहीं लगी भनक
रत्नेश भूटानी कई साल तक देश भर के विभिन्न राज्यों और जिलों में घूमता रहा, लेकिन इसके बावजूद लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) तक को भनक नहीं लगी। यदि खूफिया एजेंसियां भी गंभीरता से सक्रिय होतीं तो शायद भूटानी को जल्द ही गिरफ्त में ले लिया जाता।
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