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लूटी गईं रायफलें 12 दिन तक गुरुद्वारे में रखीं, खालिस्तान कनेक्शन उजागर होने पर खुफिया विभाग अलर्ट

Tue, 16 Oct 2018 05:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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शामली न्यूज - फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मियों से रायफल लूट मामले का आरोपी करम सिंह पुलिस की गिरफ्त में है। दूसरों को ग्रंथी दिखने वाला करम सिंह 12 दिन तक रायफलों को गुरुद्वारे में छिपाकर रखवाली करता रहा। यहां तक कि रायफल लूटने वालों से लगातार उसका संपर्क बना रहा और वे अपने काम में व्यस्त रहे। इसी दौरान हरियाणा और अन्य जगहों पर घूमने के दौरान खालिस्तान समर्थकों संपर्क में आ गए थे। आगे जानें करम सिंह ने कैसे गुरुद्वारे के भीतर छिपाकर रखी लूटी गईं रायफलें:-
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शामली न्यूज - फोटो : अमर उजाला
दो अक्तूबर को चौसाना-बिडौली मार्ग पर पुलिसकर्मियों से दो रायफल लूटी गई थी। पुलिस के मुताबिक तब वारदात में चार बदमाश शामिल थे, जबकि ग्रंथी करम सिंह अपने गांव रंगाना में था। पुलिस तफ्तीश में यह बात सामने आई कि चारों बदमाश करम सिंह के पास पहुंचे और उसे रायफलें छिपाने को दे दी। तब से दोनों रायफलों को ग्रंथी करम सिंह ने गुरुद्वारे में छिपाकर रखा था। आसपास के लोगों को इसकी भनक न लगने पाए, इसलिए रायफल लूटने वाले बदमाशों को वहां से भेज दिया था। 
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ऐसे खलिस्तान समर्थकों के संपर्क में आए बदमाश

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शामली न्यूज - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात को अंजाम देने वाले चारों बदमाश सामान्य रूप से अपने गांव में रहे और फिर हरियाणा तथा अन्य जगहों पर घूमने भी गए थे। यह भी पता चला कि इस दौरान बदमाशों ने रायफलों को खालिस्तान समर्थकों तक पहुंचाने के लिए संपर्क साधे। 

 

गांव वालों को नहीं लगी भनक

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शामली न्यूज - फोटो : अमर उजाला
उधर, ग्रंथी करम सिंह की गिरफ्तारी होने से रंगाना गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। क्योंकि रायफलें छिपाने के बाद भी करम सिंह सामान्य रूप से रह रहा था। उसने किसी को इस बात का अहसास नहीं होने दिया। वह आम दिनों की तरह ही गुरुद्वारे में व्यस्त रहता था। 
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खुफिया विभाग भी खंगाल रहा जड़ें 

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शामली न्यूज - फोटो : अमर उजाला
रायफल लूट प्रकरण का खुलासा होने पर खालिस्तान के आतंकियों का कनेक्शन उजागर होने पर खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है। सोमवार को स्थानीय खुफिया विभाग के अलावा आईबी की टीम भी शामली पहुंची। पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ ही गिरफ्तार किए गए ग्रंथी करम सिंह, गुरुजेन्ट सिंह उर्फ जिन्टा तथा अमरीत उर्फ अमृत से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाई गई। 
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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
गिरफ्तार किया गया करम सिंह उर्फ लंगड़ा पांच वर्ष की उम्र में पंजाब गया था। लंबे समय तक वह पंजाब में रहा और चार साल पूर्व ही रंगाना फार्म पर लौटा था। इसके बाद वह रंगाना फार्म गुरुद्वारे का ग्रंथी बन गया। करम सिंह जब पांच साल का था, तब उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। मां ने उसे करम सिंह को पंजाब भेज दिया था। वहां करम सिंह ने भजन कीर्तन सीखने के साथ ही ऐसे लोगों से भी संपर्क बढ़ाया, जो खालिस्तान समर्थक थे। बकौल एसओ, ऐसी सूचनाएं हैं कि वह चार साल पहले रंगाना फार्म गुरुद्वारे का ग्रंथी बना और धार्मिक कट्टरता के लिए लोगों का ब्रेनवॉश कर रहा था। 
 
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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
हालांकि रंगाना गांव के लोगों का कहना है कि ग्रंथी करम सिंह गुरूद्वारे में अपने काम से ही मतलब रखता था। किसी भी व्यक्ति से घुलना मिलना उसे पसंद नहीं था और अक्सर खामोश ही रहता था। वहीं, करम सिंह की विधवा मां सुखविंदर कौर के मुताबिक करम सिंह चार बहनों व एक भाई में दूसरे नंबर का है और जन्म से ही एक पैर से दिव्यांग है। सुखविंदर कौर का कहना है कि पंजाब में करम सिंह के संबंध किससे रहे, उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

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