पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में आईएसआई का बड़ा नेटवर्क फैला है। इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट रहती हैं। ब्लास्ट, आतंकी गतिविधि या फिर सेना की गोपनीय जानकारी लीक करने का मामला हो, इन सबकी पोल खुलते ही वेस्ट यूपी में छानबीन शुरू हो जाती है। पूर्व में सुरक्षा एजेंसियों ने कई लोगों को पकड़कर खुलासे भी किए हैं।
अब बिहार के दरभंगा ब्लास्ट में फिर से शामली के कैराना से दो लोगों को पकड़ा गया है। इसमें ब्लास्ट की मास्टरमाइंड कैराना का सलीम बताया गया है। गौरतलब है कि आईएसआई एजेंटों का मूवमेंट मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में है। देश के किसी भी कोने में आईएसआई की गतिविधियां मिलती हैं तो सुरक्षा एजेंसी वेस्ट यूपी के जिलों में डेरा डाल देती हैं। अब तो सुरक्षा एजेंसियां भी जान रही है कि आईएसआई की जड़े वेस्ट यूपी के जिलों में फैला है।