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सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट: पश्चिमी यूपी के जिलों में फैला आईएसआई का नेटवर्क, पाकिस्तान के लिए कैराना रहा है गढ़

Sat, 26 Jun 2021 04:57 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी-न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/शामली

सार

ढाई साल पहले एनआईए और एटीएस ने बुलंदशहर में खुर्जा और अमरोहा में दबिश देकर संदिग्ध लोगों को पकड़ा था। इसके बाद मेरठ के किठौर से कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
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दरभंगा ब्लास्ट का आरोपी सलीम - फोटो : amar ujala
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में आईएसआई का बड़ा नेटवर्क फैला है। इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट रहती हैं। ब्लास्ट, आतंकी गतिविधि या फिर सेना की गोपनीय जानकारी लीक करने का मामला हो, इन सबकी पोल खुलते ही वेस्ट यूपी में छानबीन शुरू हो जाती है। पूर्व में सुरक्षा एजेंसियों ने कई लोगों को पकड़कर खुलासे भी किए हैं। 

अब बिहार के दरभंगा ब्लास्ट में फिर से शामली के कैराना से दो लोगों को पकड़ा गया है। इसमें ब्लास्ट की मास्टरमाइंड कैराना का सलीम बताया गया है। गौरतलब है कि आईएसआई एजेंटों का मूवमेंट मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में है। देश के किसी भी कोने में आईएसआई की गतिविधियां मिलती हैं तो सुरक्षा एजेंसी वेस्ट यूपी के जिलों में डेरा डाल देती हैं। अब तो सुरक्षा एजेंसियां भी जान रही है कि आईएसआई की जड़े वेस्ट यूपी के जिलों में फैला है। 
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दरभंगा ब्लास्ट के आरोपी सलीम का आलीशान मकान - फोटो : amar ujala
आईएसआई के नेटवर्क से जुड़े लोग कहीं स्लीपिंग मॉड्यूल की तरह गोपनीय सूचना लीक करने का काम करते हैं और कहीं पर आतंकी ब्लास्ट कराने की साजिश रचने का। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी काफी सतर्क हैं। ढाई साल पहले एनआईए और एटीएस ने बुलंदशहर में खुर्जा और अमरोहा में दबिश देकर संदिग्ध लोगों को पकड़ा था।

इसके बाद मेरठ के किठौर से कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। खुलासा हुआ था कि किठौर में आईएसआई एजेंटों ने हथियार चलाने का ट्रेनिंग सेंटर बनाया हुआ था। जहां पर युवाओं को ट्रेनिंग देकर आईएसआई के लिये तैयार किया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियों भी जुटाई थी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां कैराना के सलीम और कफील का आईएसआई कनेक्शन की जांच में जुट गई हैं। 
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दरभंगा ब्लास्ट के आरोपी कफील के पिता शकील। - फोटो : amar ujala
कफील के पिता ने कहा, बेटे को बेवजह फंसाया जा रहा
दरभंगा विस्फोट मामले में हिरासत में लिए गए शामली के कैराना थानाक्षेत्र के मोहल्ला आल खुर्द निवासी कफील के पिता शकील का कहना है कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि कफील को क्यों उठाया गया है। मीडिया से पता लगा कि कफील को दरभंगा ब्लास्ट मामले में उठाया गया है।

कफील का मोबाइल दो साल पहले दिल्ली में खो गया था। उसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। उनका बेटा क्षेत्र में ही मसाले की सप्लाई का काम करता है। उनके पुत्र को बेवजह फंसाया जा रहा है।

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दरभंगा ब्लास्ट के आरोपी सलीम के पिता - फोटो : amar ujala
कैराना का पाकिस्तान से पुराना नाता
पाकिस्तान का शामली के कैराना से गहरा नाता है। कैराना के शातिर अपराधी इकबाल उर्फ काना के संबंध पाकिस्तान की आईएसआई से थे। आईएसआई एजेंट इकबाल उर्फ काना अमृतसर स्थित वाघा बार्डर के जरिये सोना, नकली नोट की तस्करी करता था। सुरक्षा एजेंसियों ने  काना पर शिकंजा कसा तो वह पाकिस्तान भाग गया। इकबाल ने पाकिस्तान में बैठकर कैराना के कई लोगों को अपने अवैध धंधे और आतंकी गतिविधियों में शामिल कर लिया था।

कैराना का ही दिलशाद मिर्जा भी पाकिस्तान में रहकर देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। इनके अलावा फातिमा सहित कई लोग कैराना से जुड़े रहे। अब कैराना के सलीम उर्फ टुइया का पाकिस्तान के कई लोगों से संबंध होने की बात सामने आई है। वहीं शामली में म्यांमार निवासी चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 2015 में थानाभवन में बांग्लादेशी यामीन के अवैध रूप से रहने का खुलासा होते ही वह फरार हो गया था।
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एडीजी राजीव सभरवाल - फोटो : अमर उजाला
वेस्ट यूपी से पकड़े गए संदिग्ध -
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26 अक्टूबर 2018 को बुलंदशहर के खुर्जा से संदिग्ध जाहिद को पकड़ा था। 
-19 अक्टूबर 2018 को सेना की जासूसी के आरोप में जवान कंचन सिंह पकड़ा था।  
-27 नवंबर 2015 को एसटीएफ मेरठ ने मेरठ कैंट से आईएसआई एजेंट इजाज पकड़ा।  
-16 अगस्त 2014 मेरठ से संदिग्ध आईएसआई एजेंट आसिफ अली को पकड़ा।  
-10 जनवरी 2009  सहारनपुर से आईएसआई एजेंट  आमिर अहमद उर्फ भूरा पकड़ा।  
-21 जून 2007 को बिजनौर में भारी मात्रा में आरडीएक्स  के साथ के दो आतंकी पकड़े।  
-n 23 अगस्त 2005 में अबू रज्जाक मसूद को मुजफ्फरनगर से पकड़ा था। 
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