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शहादत को सलाम: आखिरी सांस तक निभाया फर्ज, गोली लगने के बाद ढेर किया आतंकी, रिटायरमेंट से छह महीने पहले हुए शहीद

Fri, 20 Aug 2021 12:32 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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जेसीओ राम सिंह - फोटो : amar ujala
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकियों से लोहा लेते हुए मेरठ निवासी जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) राम सिंह शहीद हो गए। जेसीओ राम सिंह ने अंतिम समय में भी मातृभूमि के लिए अपना फर्ज अदा किया। गोली लगने के बाद भी उन्होंने जवाबी गोलीबारी में आतंकी को ढेर कर दिया।

बताया गया कि राम सिंह 27 जुलाई को एक महीने की छुट्टी के बाद जम्मू गए थे। वे राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट में तैनात थे, इसलिए आतंकी ऑपरेशन में उनका अक्सर आना-जाना रहता था। गुरुवार सुबह ही उनकी पत्नी अनीता भंडारी से फोन पर रोजाना की तरह बात हुई थी। शाम को परिजनों को सूचना मिली कि वे शहीद हो गए। राम सिंह छह महीने बाद रिटायर होने वाले थे। रिटायरमेंट के बाद परिवार के साथ रहने के उनके बड़े अरमान थे। लेकिन उनके अरमान अधूरे ही रह गए। वहीं उनकी शहादत की खबर गंगानगर के ईशापुरम में उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पत्नी अनीता भंडारी बेहोश हो गईं। बच्चे बार-बार बिलखते हुए यही कहते रहे थे कि पापा... छह महीने बाद आपने साथ रहने का वादा किया था। उस वादे को अब कौन निभाएगा। मोहल्ले में लोग गमगीन हैं।
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सूबेदार राम सिंह का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
पत्नी रोते हुए बस यही कहती रहीं कि अगले साल 28 फरवरी को उनके तीस साल नौकरी में पूरे हो रहे थे। इसके बाद वे सेवानिवृत्त होकर परिवार के साथ रहने वाले थे। इतने दिन से हम अलग-अलग रह रहे थे, अब साथ रहना था लेकिन बीच में ही साथ छोड़ दिया। बेटा और बेटियां भी बिलखते रहे कि पापा अब तो साथ रहने का समय आया था, अब ही चले गए। परिजनों का दुख देखकर आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। हर कोई यही कह रहा था कि जब भी आते थे तो सभी से प्यार से बात करते थे।
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इलाके में पसरा मातम। - फोटो : amar ujala
जेसीओ राम सिंह के शहीद हो जाने की सूचना के बाद क्षेत्र के लोग रात तक उनके घर के बाहर पहुंचते रहे। पूरे इलाके में मातम छा गया। वह मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के सलाना के रहने वाले थे। रिश्तेदार व पैतृक गांव के संबंधी भी मेरठ रवाना हो गए।

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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
राम सिंह के पांच बच्चों में दो बेटी प्रियंका रावत और करिश्मा नेगी की शादी हो चुकी है। सात साल से उनका परिवार मेरठ के ईशापुरम के बी-28 में रह रहा है। बेटा सोलन एमकॉम की पढ़ाई करते हुए सीडीएस की तैयारी कर रहा है। छोटी बेटी मीनाक्षी और मनीषा पढ़ रही हैं।
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पत्नी के साथ राम सिंह। - फोटो : amar ujala
अंतिम समय में निभाया सैनिक का कर्तव्य 
कसेरूखेड़ा सैनिक कॉलोनी के रहने वाले कैप्टन वीर सिंह रावत व अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि राम सिंह बेहद मिलनसार थे। उनकी बातों में देशभक्ति का जुनून साफ झलकता था। किसी भी परिस्थिति में देश के लिए समर्पित रहने का जज्बा था। लोगों ने बताया कि सूचना आई कि गोली लगने के बाद भी उन्होंने आतंकी को नहीं छोड़ा। लोग उनकी बहादुरी की चर्चा करते रहे। देर रात भाजपा नेता अजीत सिंह ने घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी।
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पत्नी के साथ राम सिंह। - फोटो : amar ujala
मेरठ में होगा अंतिम संस्कार
शुक्रवार शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर मेरठ लाया जाएगा। आवास पर अंतिम दर्शन के बाद सूरजकुंड श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।
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