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देखो कौन आया..पुलवामा का शेर आया, शहीद प्रशांत को अंतिम विदाई देने देशभक्ति का जज्बा लेकर निकले युवा

Mon, 31 Aug 2020 02:26 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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martyr prshant sharma - फोटो : अमर उजाला
शहीद प्रशांत शर्मा की अंतिम यात्रा में देशभक्ति के जज्बे के साथ सैकड़ों युवा भी शामिल हुए। वहलना चौक पर ही काफी संख्या में युवा बाइकों पर पहुंच गए थे, जहां से काफिले के साथ शव को बुढ़ाना मोड़ खांजापुर लाया गया।

शव जैसे ही गांव पहुंचा तो सैनिकों की गाड़ी के आगे सैकड़ों युवाओं की तिरंगा झंडा लगी बाइक चल रही थीं। शहीद को अंतिम विदाई देने इतने युवा पहुंच गए थे कि प्रशांत के घर से श्मशान घाट तक जनता ही जनता दिखाई दे रही थी।  भावुक कर देंगी शहीद की अंतिम यात्रा की ये तस्वीरें:-
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शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए प्रशांत शर्मा को लेकर जिले के युवाओं में गम और गुस्सा दोनो एक साथ दिखाई दिए। देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत युवाओं की टोलियां शहर और अलग-अलग गांवों से शहीद के घर पर पहुंच गई थी।
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देशभक्ति का जज्बा और हाथों में तिरंगा लेकर युवा निकल पड़े। - फोटो : अमर उजाला
जैसे ही पता लगा कि सेना की गाड़ी शव लेकर आ रही है तो रास्ते में ही सैकड़ों युवा तिरंगा लगी बाइक पर शव के आगे-आगे हो लिए। देशभक्ति के जज्बे के साथ इन युवाओं का जोश अलग ही देखने को मिला। भारत माता की जय, शहीद प्रशांत अमर रहें के नारों से फिजा गूंज उठी।

वहीं शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल युवा जोश भरे अंदाज में नारे लगा रहे थे 'देखो-देखो कौन आया... पुलवामा का शेर आया'। युवाओं में पाकिस्तान को लेकर भी गुस्सा था और कोरोना महामारी का भय भी। इसके बावजूद इन युवाओं के देशभक्ति के जुनून को रोक नहीं पाया। 

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शहीद के घर जमा लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
बुढाना मोड़ के खांजापुर गांव में सुबह छह बजे लोग अपने घरों से निकल सड़क पर आ गए थे। हर कोई भारत मां के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीद प्रशांत के अंतिम दर्शन की चाह में था। शहीद के अंतिम संस्कार से पहले गांव में किसी के घर चूल्हा नहीं जला।

 
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सुबह से ही शहीद के घर जमा होने लगे थे लोग - फोटो : अमर उजाला
दो घंटे तक लोग शव का इंतजार करते रहे। गांव के बुजुर्ग सुरेश का कहना है कि उनके गांव का लड़का शहीद हुआ है। ऐसे में गांव के बच्चे-बच्चे की सहानुभूति शहीद के परिवार के साथ है। यह गम एक घर का नहीं पूरे गांव का है।

 
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शहीद के परिजनो का रो रोकर बुरा हाल था। - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में प्रशांत शर्मा के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद से ही खांजापुर गांव शोक में डूब गया था। ग्रामीणों को रविवार सुबह साढे़ छह बजे शहीद का शव आने की सूचना मिली।

 
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शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला
सुबह छह बजे से ही गांव के लोग प्रशांत के घर के बाहर मुख्य मार्ग के किनारों पर आकर जमा हो गए थे। गांव में शायद ही कोई ऐसा हो जो शहीद का अंतिम दर्शन करना नहीं चाहता था।

हर किसी को प्रशांत के जाने का गम था, पर गर्व इस बात का था कि वह देश के लिए कुर्बान हुआ है। जब तक प्रशांत का अंतिम संस्कार नहीं हो गया, गांव में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला

 
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शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान मुर्दाबाद के लगे नारे
शहीद प्रशांत का शव जब उसके घर पर आया तो लोगों का पाकिस्तान पर भी गुस्सा फूटा। भारत माता की जय, वंदेमातरम् और प्रशांत शर्मा अमर रहे, शेर आया-शेर आया, के साथ पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
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