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होश में आईं शहीद की पत्नी, बोली- कहां से लाओगे इतने 'लाल', घर का इकलौता चिराग था अजय

Mon, 18 Feb 2019 07:23 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
रविवार रात करीब 9:30 बजे अजय ने घर पर फोन किया। इस दौरान उसने अपनी पत्नी प्रियंका से घर के हालचाल के बारे में पूछा। पत्नी के जवाब के बाद अजय ने कहा कि ठीक है, मैं अब फोन रखता हूं, क्योंकि अभी स्पेशल टास्क के लिए निकलना है। सुबह बात करूंगा। पत्नी सोमवार सुबह पति के फोन का इंतजार कर रही थी कि उसी बीच शहादत की खबर आ गई। जैसे ही पत्नी प्रियंका को पति के बारे में खबर लगी तो वह बेहोश हो गई। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। वहीं होश में आने के बाद पत्नी ने कहा कि मां अपने बेटों को कब तक खोती रहेंगी। उन्होंने रोते हुए कहा कि इतने लाल कहा से लाओगे।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
शहीद की पत्नी ने बताया कि उनके अभी एक बेटा है, जो सिर्फ ढाई साल का है। जिसका नाम आरव है। उन्होंने बताया कि उनकी शादी को केवल चार साल हुए है। वहीं परिजनों के अनुसार अजय 7 अप्रैल 2011 को '20 ग्रेनेडियर्स' में नियुक्त हुए थे। फिलहाल वह 55 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
उधर, शहीद अजय के पिता वीरपाल सिंह का कहना है कि मेरा एक बेटा बीमारी में चला गया और अब दूसरा बेटा शहीद हो गया है। मैं तो बिल्कुल अकेला हो गया हूं। उन्होंने कहा कि खून का बदला खून होना चाहिए। आत्मघात का खात्मा होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि धारा 370 को हटा देना चाहिए। वीरपाल का यह भी कहना है कि अगर पाकिस्तान ऐसे नहीं मानता तो सीधा अटैक कर देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कब तक सहेंगे हम, अब आर- पार की लड़ाई होनी चाहिए।

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martyr ajay kumar
बसी टीकरी के लाल की शहादत की खबर आते ही गांव में कोहराम मच गया। शहीद के घर ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है। जहां ग्रामीणों में बेटे के शहीद होने का गम है तो वहीं दुश्मनों के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश भी है। ग्रामीणों का कहना है कि अब इंतजार का वक्त खत्म हो गया है। सरकार को सीधा दुश्मनों पर वार करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि एक के बदले दस दुश्मनों का खात्मा करना चाहिए।
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martyr ajay kumar
मेरठ के जांबाज सिपाही अजय कुमार पुलवामा जिले के पिंगलिन इलाके में रविवार आधी रात के बाद शुरू हुई मुठभेड़ में शहीद हुए है।
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शहीद के पिता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि अजय के पिता वीरपाल सिंह सेना से रिटायर्ड हैं। वहीं अजय अपने परिवार के इकलौते सहारा थे। दरअसल, उनके भाई की सात माह पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी।
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martyr ajay kumar
परिजनों ने बताया कि अजय 31 जनवरी को एक माह की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। तीन दिन पहले ही पुलवामा हमले के बाद परिजनों को उनकी चिंता होने लगी थी, जिसके बाद परिजनों ने अजय से फोन पर बात की थी।

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