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‘सेना को इतना मत रोको सैनिक बागी हो जाए’ मेरठ में कवि सम्मेलन व मुशायरे में दिखा देशभक्ति का जोश

Tue, 14 Aug 2018 12:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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शायर नवाज देवबंदी - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला के अभिनव अभियान ‘मां तुझे प्रणाम’ के 10 वें आयोजन में सोमवार की शाम बेहद खास रही। भैसाली मैदान में कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन हुआ। देश के नामचीन कवियों व शायरों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। देशभक्ति की धारा जब कविताओं और शायरी के माध्यम से बही तो जन-जन मां तुझे प्रणाम के रंग में रंग गया। देशभक्ति का उफान कविता से फूटा तो शायरी भी अपने अदब में अव्वल रही। आजादी के  71 वें स्वतंत्रता दिवस से पहले कविता व शायरी का संगम विहंगम बन गया। शहर के हर वर्ग ने कविताओं व शायरी का लुत्फ लिया। 
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हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा के माइक लेते ही मुशायरे में आई रौनक

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हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा व कवि डॉ. प्रवीण शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
कवि सम्मेलन की शुरूआत मशहूर शायरा शबीना अदीब द्वारा पेश की गई सरस्वती वंदना से हुई। विख्यात कवि पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा ने देर रात माइक संभाला तो कवि सम्मेलन एवं मुशायरा पूरी रंगत में आ गया। उन्होंने अपने ही अंदाज में हास्य से शुरुआत की और बाद में संजीदा कविताओं से सामाजिक सरोकार और जिम्मेदारियों का संदेश दिया। उन्होंने राजनीति पर तंज कसा। कहा कि देश कांग्रेस मुक्त हो जाएगा और भाजपा कांग्रेस युक्त हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि राममंदिर बने यह राजा का काम नहीं, राजा का काम है कि पूरा देश मंदिर जैसा बने। कहा कि राजा का काम नहीं कि वह दलितों के घर भोजन करे। राजा का काम है कि हर दलित उसकी तरह भोजन करे। उन्होंने देश के बाहर काम करने जा रहे युवाओं को सीख दी। कहा कि मेरा सुख इसमें नहीं कि बेटा अमेरिका में रहकर पांच लाख महीना कमाए, मेरा सुख इसमें है कि मेरा बेटा इसी देश में रहकर पचास हजार कमाए पर शाम का खाना मेरे साथ खाए। कहा कि बच्चों पर पढ़ाई का बोझ न डालें। उन्हें तनाव न दें। 
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‘सेना को इतना मत रोको सैनिक बागी हो जाए....’

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शायर नवाज देवबंदी - फोटो : अमर उजाला
इससे पूर्व अजीम शायर नवाज देवबंदी ने गज़ल और शेरों का नज़राना पेश किया, तो महफिल ने हर मिसरे पर अदब से दाद दी। उन्होंने कहा कि, ‘एक आंखों के पास है, एक आंखों से दूर, बेटा हीरा होता है, बेटी कोहिनूर। ‘मां के लिए शेर पढ़ा, ‘उसकी एड़ी पर्वत चोटी लगती है, मां के पांव से जन्नत छोटी लगती है’। सुनकर पूरे पंडाल में श्रोता भाव-विभोर हो गए। 

इसके बाद उन्होंने सुनाया ‘जीने के सिर्फ एक बहाने में मर गए, हम जिंदगी का बोझ उठाने में मर गए। अच्छा था घर की आग बुझाने में मरते हम, अफसोस अपनी जान बचाने में मर गए।‘ देश के हालात पर उन्होंने शेर पढ़ा, जलते घर को देखने वालों फूस का छप्पर आपका है, आग के पीछे तेज हवा है, आगे मुकद्दर आपका है।  

अलवर से आए ओज के कवि विनीत चौहान ने देशभक्ति की रचनाएं पेश की तो पूूरा पंडाल भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। उन्होंने कहा ‘किसका खून नहीं खोलेगा पढ़ पढ़कर अखबारों में, शेरों की गर्दन कटवा दी कुत्तों के दरबारों में। इतना खून नहीं छिड़को कि मौसम बागी हो जाए। सेना को इतना मत रोको सैनिक बागी हो जाए’... सुनकर पूरे माहौल में जोश भर गया। उन्होंने सुनाया कि आतंकी कैसे घुस आए लाहौरी दरबारों से, लगता है कुछ चूक हुई है अपने चौकीदारों से। जिस दिन गोली का उत्तर हम गोली से दे पाएंगे, उस दिन आतंकी क्या उनके बाप भी ठीक हो जाएंगे, सुनकर तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी।  

पति को देश पर पहले ही वार दिया, अब अपनी भी सांस वार कर जाऊंगी...।

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कवि शंभू शिखर व कवि विनीत चौहान - फोटो : अमर उजाला
हास्य व्यंग्य के मशहूर कवि  डॉ. प्रवीण शुक्ला ने काव्यपाठ किया तो पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। डॉ. प्रवीण शुक्ला ने हास्य की फुहार छोड़ी। उन्होंने लय में काव्यपाठ किया, जाने कितनों की चरखी घुमा दी, मोदी जी ने ढेर कर दिया, नोटबंदी जीएसटी लगाकर पूरा घालमेल कर दिया, पर दर्शकों ने खूब तालियां बटोरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदाज में उन्होंने नोटबंदी के भाषण से गुदगुदाया। उन्होंने देश भक्ति से ओतप्रोत कविता पढ़ी कहा ‘मां ने कहा पांच बेटे हैं मेरे, धरती मां के लिए सब कुर्बान हैं, बाबा ने कहा मेरी सूखी हड्डियों में अभी भी जान है, सैनिक की पत्नी ने कहा हुंकार कर, शेर की हूं शेरनी शिकार पर जाऊंगी, भारत की चोटियों पर बैठे घुसपैठियों को तार तारकर लाऊंगी, पति को देश पर पहले ही वार दिया, अब अपनी भी सांस वार कर जाऊंगी।


 
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अभी तकल्लुफ है गुफ्तगू में, अभी मोहब्बत नई नई है....

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शायरा शबीना अदीब - फोटो : अमर उजाला
विख्यात शायरा शबीना अदीब ने बेहतरीन रचना पढ़ी, खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें, दिलों में उल्फत नई नई है। अभी तकल्लुफ है गुफ्तगू में, अभी मोहब्बत नई नई है। इसके बाद उन्होंने पढ़ा जो खानदानी रईस हैं, वो मिजाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है। जरा सा कुदरत ने क्या नवाजा के आके बैठे हो पहली सफ में, अभी से उड़ने लगे हवा में, अभी तो शोहरत नई नई है। पढ़ी तो श्रोतओं ने बार बार दाद दी।
उन्होंने नज्म भी पढ़ी, ‘तू रास्ते का मुसाफिर रहे, तेरी एक एक ठोकर उठा लाऊंगी अपनी बेचैन पलकों से चुन छू के मैं, तेरे रास्ते से पत्थर उठा लाऊंगी।

हास्य व्यंग्य के जाने माने कवि शंभू शिखर ने अपनी जबरदस्त कविताओं से छाप छोड़ी। ‘चेहरे पर एक रुआब नया चढ़ भी जाता है, इतिहास एक नया मुकाम गढ़ भी जाता है। कवि सम्मेलन और मुशायरे का संचालन डॉ. प्रवीण शुक्ल ने किया।
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ये रहे आयोजन में शामिल

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कवि सम्मेलन में तिरंगा लिए आरएएफ की असिसटेंट कमांडेंट सोनिया सिंह। - फोटो : अमर उजाला
कवि सम्मेलन-मुशायरे में आरएएफ के कमांडेंट शैलेंद्र कुमार, एमडीए वीसी साहब सिंह, एसपी देहात राजेश कुमार एवं उनकी पत्नी नम्रता, एसपी क्राइम शिवराम यादव, एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी एवं उनकी पत्नी विम्मी, एसपी सिटी रणविजय सिंह, एएसपी सतपाल सिंह, इंस्पेक्टर सदर बाजार प्रशांत कपिल, एसओ देहली गेट विजय गुप्ता, इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार मौजूद रहे। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव अग्रवाल, केएमसी के चेयरमैन डॉ. सुनील गुप्ता और उनकी पत्नी डॉ. प्रतिभा गुप्ता, मीनाक्षी कौशल, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता पत्नी के साथ मौजूद रहे।  
भाजपा से विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह, महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, विनीत अग्रवाल शारदा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह, संयुक्त व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र अग्रवाल, महामंत्री अरुण वशिष्ठ, भाजपा युवा मोर्चा के आयुष पंवार, नरेश गुर्जर, ईंट भट्ठा एसोसिएशन के महामंत्री पवन मित्तल, रेडक्रॉस सोसायटी के पूर्व चेयरमैन अजय मित्तल, युवा मोर्च के महानगर अध्यक्ष विवेक वाजपेयी, महामंत्री वीनस शर्मा, विजय अग्रवाल, सचिन भाटी, अमित बड़ौली, सौरभ, विवेक मौजूद रहे।
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दर्शकों ने खूब लगाए ठहाके

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कवि सम्मेलन में मौजूद अतिथिगण - फोटो : अमर उजाला
सपा से विधायक सपा विधायक रफीक अंसारी, जिलाध्यक्ष सपा राजपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, इसरार सैफी, चैतन्य देव स्वामी, पूर्व महानगर अध्यक्ष अलीम अलवी, आदिल अंसारी, हिफजुर्रहमान अंसारी, आदिल सिद्दीकी, बाबर चौहान शामिल रहे। रालोद से डॉ. राजकुमार सांगवान, ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल, उनके बेटे आयुष कौशल, मोनू पंडित, एनएसयूआई के पश्चिमी प्रदेश अध्यक्ष रोहित राणा शामिल रहे।

बसपा से मुख्य प्रभारी मेरठ-सहारनपुर शाहजहां सैफी, जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान, रामकुमार वर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बाबूराम, परवेज, रामकुमार, सैफी संघर्ष समिति के अध्यक्ष कय्यूम सैफी, रहीसुद्दीन, दिलशाद सैफी, हाजी जब्बार शामिल रहे। सैफी समाज से हसीन अहमद सैफी, हाजी अशफाक हाजी इकराम, चौधरी जहीर, सुहालीन सैफी, सलीम अहमद, उवेस, नसीम सैफी, मिशिका सोसायटी से अमित नागर एव अनंत कपिल शामिल रहे।  
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इन्होंने किया दीप प्रज्ज्वलन  

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कवि सम्मेलन की शुरूआत करते मुख्य अतिथि - फोटो : अमर उजाला
एडीजी जोन प्रशांत कुमार, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, विधायक दिनेश खटीक, एसएसपी राजेश पांडेय, आरएएफ की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन किया। 

वीरांगनाओं का आज होगा सम्मान
अमर उजाला मां तुझे प्रणाम अभिनव अभियान के कार्यक्रमों का आगाज हो चुका है। विशाल कवि सम्मेलन और मुशायरे के बाद 14 अगस्त की सुबह 9.30 बजे मोहकमपुर दिल्ली रोड स्थ्ति अमर उजाला कार्यालय से बाइक रैली का शुभारंभ हुुआ। शाम को भैंसाली मैदान में पश्चिमी उप्र की वीरांगनाओं को सम्मानित किया जाएगा। देश की रक्षा के लिए सीमा पर अपनी जान की बाजी लगाने वाले वीर सैनिकों के परिवार की महिलाओं को वीरांगना सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही अमर उजाला फूड अवार्ड सेरेमनी में भैसाली मैदान में ही शेफ को सम्म्मानित किया जाएगा। 
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