मेरठ के आनंद अस्पताल के प्रबंध निदेशक हरिओम आनंद ने शनिवार को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार को दोपहर के 12:30 बजे हरिओम आनंद ड्राइवर फारूक के साथ शहर से मुरलीपुर स्थित फार्म हाउस के लिए निकले थे।
बेटी मानसी के मुताबिक इसके बाद ड्राइवर से प्लंबर को फोन कराया और फार्म हाउस पर शौचालय की सीट ठीक करने को कहा। 12:55 बजे वह फार्म हाउस पहुंच गए। ड्राइवर से खीरे तोड़कर लाने को कहा और इसी दौरान सल्फास खा लिया।
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हरिओम आनंद सुसाइड केस
- फोटो : अमर उजाला
करीब 15-20 मिनट ही वह फार्म हाउस पर रुके। ड्राइवर से कहा कि वह अब नहीं बचेंगे, अस्पताल लेकर चलो। ड्राइवर फारूक 15 मिनट में उन्हें लेकर आनंद अस्पताल पहुंच गया। उस समय वह बातचीत कर रहे थे। बेटी मानसी भी तब तक अस्पताल पहुंच चुकी थीं। डॉक्टर खान सहित चार डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में लगी थी।
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हरिओम आनंद सुसाइड केस
- फोटो : अमर उजाला
हरिओम को आभास था कि वह नहीं बचेंगे। इसीलिए अस्पताल के डॉक्टर्स व स्टाफ को बुला लिया। उनसे कहा कि मैं कर्जदारों का बोझ नहीं झेल पाया। टूट गया हूं। बेटी मानसी अकेले पड़ गई है। वह कैसे इस मुसीबत से बाहर निकलेगी, उन्हें नहीं पता। डॉक्टरों से हाथ जोड़कर कहा कि मेरी बेटी मानसी का साथ मत छोड़ना। पिता की बात सुन मानसी की आंखों में भी आंसू आ गए।
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hariom aanand suicide
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान हरिओम बेहोश हो गए। इसके बाद डॉक्टरों के प्रयास विफल हो गए। करीब 3:45 बजे उनकी मौत हो गई। हरिओम आनंद का इलाज दो घंटे तक चला। इस दौरान बेटी मानसी भी उनके पास थीं। बार-बार पिता का हौसला बंधा रही थीं।
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मौक पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
शाम करीब 4 बजे मीमो मिलने पर मेडिकल थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। लेकिन, परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों ने परिवार को पोस्टमार्टम के लिए मनाया। इसके बाद शाम 6 बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस बीच उनके तमाम परिचितों और रिश्तेदारों की भीड़ भी आनंद अस्पताल पहुंच चुकी थी।
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मृतक हरिओम आनंद के शव को ले जाते स्वास्थ्यकर्मी
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वहीं राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय महासचिव डॉक्टर मेराजुद्दीन ने हरिओम आनंद की मृत्यु पर शोक जताया है। डॉ. कर्मेंद्र सिंह, सलीम सिद्दीकी, चौधरी यशपाल आदि ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
पहले भी की थी खुदकुशी की कोशिश
देनदारी को लेकर कई बार बखेड़ा भी हो चुका था। उनके शास्त्रीनगर स्थित घर पर भी एक व्यक्ति ने दवाई के पैसे न देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। एक साल पहले भी हरिओम आनंद ने छत से कूदकर जान देने का प्रयास किया था। जिसमें उनको फ्रैक्चर भी आए थे।
कोरोना टेस्ट कराने को लिया सैंपल
मेडिकल पुलिस ने हरिओम का पहले कोरोना टेस्ट का सैंपल दिलाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा। पुलिस ने बताया कि नियमानुसार पहले कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट आएगी, उसके बाद ही पोस्टमार्टम होगा। देर रात तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में पुलिस जुटी रही।