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नैनीताल हादसा: मेरठ पहुंचे दोनों महिलाओं के शव, परिजनों में मची चीख-पुकार, जनाजे में उमड़ पड़े लोग

Thu, 18 Jun 2026 11:42 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: नैनीताल के कालाढूंगी में मेरठ के पर्यटकों का वाहन खाई में गिर गया। एक ही परिवार की दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग घायल हो गए। बृहस्पतिवार को दोनों महिलाओं नाजरीन और शहनाज के शव मेरठ पहुंचे। 
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नाजरीन और शहनाज की फाइल फोटो व शव आने पर मची चीख-पुकार। - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के नैनीताल (कालाढूंगी) में बुधवार रात एक सड़क हादसे में जान गंवाने वालीं लिसाड़ी गेट के ऊंचा सद्दीक नगर निवासी नाजरीन (32) पत्नी शाकिर और ताला फैक्टरी निवासी शहनाज (45) पत्नी नफीस के शव बृहस्पतिवार को मेरठ पहुंचे। शवों को देखते ही परिजन बिलख पड़े और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। रात नौ बजे गमगीन माहौल में दोनों महिलाओं को सुपुर्द-ए-खाक (दफीना) किया गया। वहीं उत्तराखंड के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, मेरठ से गए परिजन सभी घायलों को वापस मेरठ ले आए हैं, जहां के स्थानीय अस्पतालों में उनका इलाज जारी है।
 
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जनाजे में मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला
लिसाड़ी गेट के ताला फैक्टरी निवासी नफीस और उनके भाई अनीस किताबों की प्रिंटिंग और स्टेशनरी का कारोबार करते हैं। सोमवार को दोनों भाई अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ टेंपो ट्रैवलर से घूमने के लिए नैनीताल गए थे। बुधवार की रात सभी लोग वापस मेरठ लौट रहे थे। तभी नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर कालाढूंगी से महज एक किलोमीटर पहले लाल मिट्टी इलाके में ट्रैवलर का अचानक ब्रेक फेल हो गया। 
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एंबुलेंस में लाए गए शव। - फोटो : अमर उजाला
चालक नईम ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया और बेकाबू होकर वाहन गहरी खाई में जा गिरा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीम ने रात में ही सभी घायलों को खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने दो महिलाओं को मृत घोषित कर दिया।
 

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पीड़ित को संभालते लोग। - फोटो : अमर उजाला
12 साल के अरहम ने फोन पर दी खबर
इस यात्रा पर नफीस के मंझले भाई रईस खुद नहीं गए थे लेकिन उनकी पत्नी और बच्चे गए थे। गाड़ी में अनीस, उनकी पत्नी रुकसाना, बच्चे अमन व अलविया और नफीस के साथ उनकी पत्नी शहनाज व तीन बच्चे तसबीहा, जरनीम और सुहेमा सवार थे। मृतक नाजरीन के ताऊ के बेटे यूनूस ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद चीख-पुकार के बीच 12 वर्षीय अरहम ने हिम्मत दिखाई। 
 
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एंबुलेंस में लाए गए शव। - फोटो : अमर उजाला
अरहम ने खाई के भीतर से ही किसी तरह अपने चाचा रईस को फोन मिलाया। उसने रोते हुए बताया चाचा, हमारी गाड़ी खाई में गिर गई है, परिवार के सभी लोग अंदर फंसे हुए हैं, हमें बचा लो। भतीजे की यह बात सुनकर मेरठ में बैठे चाचा रईस ने तुरंत अन्य रिश्तेदारों को सूचना दी और रात में ही नैनीताल के लिए रवाना हो गए। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें दोनों महिलाओं की मौत की खबर मिली।
 
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पीड़ित परिजन। - फोटो : अमर उजाला
नहीं भूल पाएंगे यह खौफनाक सफर
अंतिम संस्कार के दौरान पीड़ित परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। रोते हुए परिजनों ने कहा कि जो सफर बच्चों को खुशियां देने के लिए शुरू हुआ था, वह पूरे परिवार को उम्र भर का दर्द दे गया। इस सफर के खौफनाक मंजर को हम चाहकर भी कभी भूल नहीं पाएंगे। परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का तांता लगा रहा।

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