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Angad Murder Case: 'सोचा था मेरे अंगद को मां मिल जाएगी', दादी का छलका दर्द, बेटे और पोते को लेकर सुनाई आपबीती

Thu, 18 Jun 2026 05:13 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

अंगद हत्याकांड में दादी बलजिंदर कौर का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने पोते अंगद और विदेश में काम कर रहे बेटे को याद करते हुए परिवार की पीड़ा बयां की।
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अंगदवीर हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के बहसूमा में छह वर्षीय अंगद वीर की हत्या के बाद रामराज गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे अधिक सदमे में अंगद की दादी बलजिंदर कौर हैं, जिन्होंने पोते की मौत के बाद अपने दर्द और परिवार के टूटते रिश्तों की पीड़ा बयां की। बलजिंदर कौर अपने बेटे और बहू का रिश्ता बचाने की कोशिश करती रही लेकिन इस रिश्ते की आपसी खींचतान का शिकार उनका पोता हो गया।



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मेरठ अंगदवीर हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

'मेरा पोता मां को याद करता था'
बलजिंदर कौर ने बताया कि अंगद और उसकी पत्नी के बीच कई बार विवाद हो चुका था। बहू अक्सर मायके में ही रहती थी। छह मा पहले बेटा दुबई नौकरी के लिए चला गया। इसी साल अंगद का एडमिशन उसकी बुआ ने पटियाला के एक स्कूल में कराया था। अक्सर अपने पिता के बारे में पूछता था।

उनका कहना है कि विदेश में नौकरी कर रहे बेटे गुरसेवक से अंगद फोन पर बात करता था और कई बार अपनी मां के बारे में भी सवाल करता था। दादी के अनुसार वह उसे समझाने की कोशिश करती थीं, लेकिन बच्चे के मन में मां की कमी हमेशा बनी रहती थी। एक माह पहले बहू सिंगापुर अपनी मौसी के यहां से मायके आई थी। इसके बाद पटियाला से बेटे अंगद को लेकर ससुराल में आ गई। जहां पांच दिन बाद ही अंगदवीर की हत्या का अंजाम दे दिया गया।

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मेरठ अंगदवीर हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

विदेश में था पिता, दादी ने संभाला था अंगद
परिजनों के अनुसार अंगद के पिता गुरसेवक विदेश में नौकरी करते हैं। ऐसे में बच्चे की देखभाल का जिम्मा दादी ही संभालती थीं। दादी बलजिंदर ने बताया कि पूरा परिवार उम्मीद कर रहा था कि अब शायद परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी और बच्चा अपने माता-पिता का प्यार पा सकेगा। परिवार इस रिश्ते को बचाने की कोशिश में लगा था, ताकि अंगद को मां और पिता की छांव मिल सके लेकिन विवाहेतर संबंधों के चलते मां के प्रेमी ने उसकी निर्मम हत्या कर डाली।

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अंगद का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

पोते को याद कर बार-बार रो पड़ीं दादी
अंगद की याद में दादी कई बार भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पोते के जाने से घर की रौनक चली गई है। वह रोते हुए बताती हैं कि अंगद कहता था कि मुझे मां और पापा दोनों चाहिए, मैं तरस खा गई, ऐसा न सोचा था। बहुत समझाया पर बहू नहीं मानी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद जिस बच्चे की किलकारियों से घर गूंजता था, आज उसी घर में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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एसपी देहात अभिजीत पांडेय - फोटो : अमर उजाला

गांव में शोक का माहौल
अंगद हत्याकांड के बाद पूरे रामराज गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। गांव के लोग लगातार पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। वहीं पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

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