यूपी पुलिस
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इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वर्ष 2012 जाते-जाते उसके खिलाफ कुल आठ मुकदमे मंसूरपुर थाने में दर्ज हो चुके थे, जिसके चलते उस पर गुंडा एक्ट भी लगाई गई। इन मुकदमों में जेल जाने के दौरान उसने जिला कारागार में रहते हुए ही अपना नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया था, जिसमें उसने नई उम्र के लड़कों को तरजीह देते हुए उनसे अपराधकारित कराने शुरू किए।