घायल दरोगा
- फोटो : अमर उजाला
यह रास्ता असुरक्षित था
बदमाशों ने अपने साथी रोहित को छुड़ाया और आसानी से फरार भी हो गए। इसका विरोध करने में बदमाशों ने मिर्जापुर से दरोगा दुर्ग विजय सिंह, हेड कांस्टेबल अखिलेश राय, सुनील उपाध्याय, सुनील प्रजापति, कांस्टेबल चालक खोभारी सिंह यादव पर गोलियां बरसा दीं। जिसमें दुर्ग विजय सिंह के पेट में गोली लगी है। इस वारदात की जानकारी लगने पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने घेराबंदी भी की।
मिर्जापुर पुलिस ने कुख्यात को ले जाने के लिए असुरक्षित रास्ता चुना। मुजफ्फरनगर से जानसठ, नहटौर, रामपुर, बरेली, लखनऊ, प्रयागराज और फिर मिर्जापुर पहुंचते हैं। इस रास्ते की दूरी 770 किमी है जबकि करीब 15 घंटे का समय लगता है। करीब 300 किमी वनवे रोड है और जंगल से होकर यह रास्ता गुजरता है। यह रास्ता जोखिम भरा बताया जाता है।