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मेरठ तिहरा हत्याकांड: 16 साल... दो माह और 12 दिन बाद इंसाफ, 22 मई 2008 की वो काली रात; क्रूरता की पूरी कहानी

Tue, 06 Aug 2024 11:31 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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Meerut triple murder case - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के गुदड़ी बाजार में हुए तिहरे हत्याकांड के दोषियों को सजा मिलने में 16 साल दो महीने और 12 दिन लग गए। इस मुकदमे में 1258 तारीख लगीं। 39 लोगों की गवाही हुई। सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर मुकदमे की सुनवाई एक साल से रोजाना हो रही थी। 22 अगस्त 2008 को कोतवाली पुलिस ने तिहरे हत्याकांड में 14 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो गई। अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुकदमे में रोजाना सुनवाई करने के आदेश दिए। दस जुलाई 2024 तक तक लगातार हर रोज सुनवाई हुई। इससे पहले इजलाल और दूसरे आरोपियों की तरफ की हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई गई, लेकिन प्रार्थना पत्र खारिज हुआ। 14 साल तक सभी को जेल में रहना पड़ा। 2023 में इजलाल पक्ष की तरफ से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई, 14 साल जेल में रहने के चलते जमानत मिल गई थी। सभी नौ आरोपी तब से बाहर थे।
 
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
दो मुकदमे हुए थे दर्ज, शीबा को अलग मुकदमे में मिली सजा
तिहरे हत्याकांड में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। शीबा सिरोही के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। इजलाल के मुकदमे में 27 गवाह और शीबा के मुकदमे में 12 गवाह पेश किए गए।
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गुदड़ी बाजार का वह चबूतरा, जहां हत्याकांड को अंजाम दिया गया। - फोटो : Amar ujala
पढ़ें उस काली रात की पूरी कहानी
पुलिस ने आरोप पत्र में बताया कि सुनील ढाका, सुधीर और पुनीत गिरि विक्टोरिया पार्क में स्वीमिंग पूल में दोस्तों के साथ गपशप कर रहे थे। रात तक सभी नहाते रहे। दोस्तों के जाने के बाद तीनों एस्टीम कार से निकलकर गुदड़ी बाजार पहुंच गए। इजलाल ने तीनों को बात करने के बहाने बुलाया था। यहीं पर विवाद हुआ। इसके बाद इजलाल ने सबसे पहले सुधीर उज्जवल को तीन गोलियां मारकर चबूतरे के भीतर जीने के नीचे फेंक दिया। धारदार हथियार से भी कई जगह वार किए। इजलाल के सिर पर खून सवार था। उसने अपने भाइयों और साथियों से सुनील और पुनीत को पकड़ने के लिए कहा। दोनों को पाइपों से पीटा। मुर्गा बनाया। छुरों से गले काटे गए।

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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
तीनों शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई क्रूरता
सुधीर उज्ज्वल, पुनीत गिरी और सुनील ढाका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट डॉ. कृष्ण कुमार ने बनाई। सुधीर उज्ज्वल के शरीर पर गोलियों के तीन निशान मिले थे। एक गोली माथे पर, दूसरी गोली कंधे पर और तीसरी गोली घुटने में लगी थी। माथे और सिर की हड्डी टूटी हुई थी। बाएं कंधे और जबड़े पर भी चोट के निशान थे। पुनीत गिरी के गले में 17 सेमी लंबा और साढे़ तीन सेमी गहरा गले की हड्डी तक कटा हुआ घाव था। जिससे नसें और मांस गले की हड्डी तक काटा गया था। चेहरे पर 6.30 सेमी लंबा हड्डी तक कटा हुआ घाव था। बाएं तरफ गर्दन पर पीछे चार सेमी लंबा घाव और सीने पर 2 सेमी लंबा कटा हुआ घाव था। पुनीत की सांस की नाली कटी हुई थी। सिर की हड्डी और आंख के ऊपर की हड्डी तक गहरे घाव थे। मस्तिष्क और झिल्लियां भी फट चुकी थीं। सुनील ढाका की गर्दन पर काटने के कई निशान थे। सांस की नली और रक्तवाहिनियां काटी गईं थी। सीने, सिर, माथे पर आंखों के ऊपर की हड्डियों के कई टुकड़े टूटे हुए थे।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
गिरफ्तारियां हुईं, 14 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुए
इजलाल समेत 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। शीबा सिरोही को हत्या के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया। इसके बाद शीबा सिरोही की गिरफ्तारी हुई। हालांकि इस मुकदमे में शीबा हाईकोर्ट से स्टे आर्डर ले आई, जिसके बाद उसको दो महीने के भीतर ही जमानत मिल गई। शीबा इसके बाद अपनी मां के पास दुबई भी रही। फिलहाल वो गौतमबुद्धनगर में रहकर नौकरी कर रही थी।

 
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
'मेरी बेटी ने नहीं उकसाया'
शीबा सिरोही को दूसरे मुजरिमों के साथ दोपहर में जेल से कचहरी हवालात लाया गया। इस बीच सुबह से ही शीबा की मां कोर्ट में गुमशुम बैठी रहीं। जब उनसे पूछा कि बेटी के बारे में आपका क्या कहना है तो वह सुबकने लगी। बोलीं कि मेरी बेटी ने इजलाल को हत्या के लिए नहीं उकसाया। इजलाल ने उसका झूठा नाम लिया। वो तो एमबीए की पढ़ाई के बाद नौकरी करती थी, उसका तो पूरा जीवन ही बर्बाद हो गया। शीबा को सजा सुनाए जाने के बाद उसकी मां दुपट्टे से मुंह ढककर रोने लगी।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
तिहरे हत्याकांड में इजलाल और शीबा समेत 10 आरोपियों को उम्रकैद
16 साल पहले कोतवाली के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन-2 पवन कुमार शुक्ला की कोर्ट ने सोमवार को इजलाल कुरैशी और शीबा सिरोही समेत 10 आरोपियों को उम्रकैद सुनाते हुए 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने एक अगस्त को सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था। 

 

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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
फैसले के दौरान कचहरी में बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात रही। सभी 10 आरोपियों को जेल भेज दिया गया। तिहरे हत्याकांड में 24 जुलाई को फैसला सुनाया जाना था। इससे पहले अदालत में अभियुक्त अब्दुल रहमान उर्फ कलुआ के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र दिया था कि इस मामले में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में ट्रांसफर प्रार्थना पत्र 128 सन 2024 विचाराधीन है। 

 

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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
मुकदमे की सुनवाई के लिए किसी अन्य जिले में कराने की मांग की गई। सुनवाई करते हुए तथा उच्च न्यायालय इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन ट्रांसफर प्रार्थना पत्र में नियत तिथि 30 जुलाई 2024 की होने की चलते न्यायालय ने निर्णय के लिए 31 जुलाई की तिथि नियत की थी। 31 जुलाई को कोर्ट ने फैसला फिर एक दिन के लिए टाल दिया था।

 

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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
एक अगस्त को कोर्ट ने इजलाल कुरैशी पुत्र इकबाल, अफजाल पुत्र इकबाल, महराज पुत्र मेहताब, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र उस्मान, बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श पर हत्या समेत तमाम धाराओं और शीबा सिरोही पर हत्या के लिए उकसाने के आरोपों को सही मानते हुए दोषी करार दिया था। हत्याकांड के दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो चुकी है। एक आरोपी शम्मी जेल में है, उसका ट्रायल चल रहा है। परवेज को नाबालिग बताए जाने के चलते हाईकोर्ट में अपील पेंडिंग है।

 

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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
कैप्टन की तलाकशुदा पत्नी शीबा बनी थी हत्याकांड की वजह
इजलाल और सेना के कैप्टन की तलाकशुदा पत्नी शीबा सिरोही की दोस्ती थी। सुनील ढाका, सुधीर उज्ज्वल और पुनीत गिरि इसका विरोध करते थे। बाद में इजलाल ने तीनों युवकों से समझौता कर लिया था। शीबा को इजलाल का तीनों से मिलना पसंद नहीं था। उसने इजलाल को तीनों की हत्या के लिए उकसाया। 22 मई 2008 की रात इजलाल ने तीनों को बात करने के बहाने बुलाया और मार डाला।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
23 मई 2008 की दोपहर बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान मेरठ निवासी 27 वर्षीय सुनील ढाका निवासी निवासी ढिकौली बागपत, 22 वर्षीय पुनीत गिरि निवासी खटकी परीक्षितगढ़ और 23 वर्षीय सुधीर उज्ज्वल पुत्र सुरेश कुमार निवासी सिरसलगढ़ बिनौली बागपत के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों की हत्या कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की। इजलाल की दोस्त शीबा सिरोही को हत्या के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया था।

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