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वायुसेना अफसर की मौत: परिवार में पसरा मातम, पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, नम आंखों से दीं अंतिम विदाई

Mon, 26 Sep 2022 06:53 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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वायुसेना अफसर का अंतिम संस्कार। - फोटो : amar ujala
गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस के रेडियो विभाग में तैनात मेरठ के गंगानगर निवासी सीनियर वारंट ऑफिसर सुशील कुमार शर्मा की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई।

वहीं रविवार को वायुसेना के अधिकारी उनका पार्थिव शरीर लेकर गंगानगर की गंगाधाम-ए कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचे। बाद में सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
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वायुसेना अफसर की अंतिम यात्रा। - फोटो : amar ujala
बताया गया कि कारगिल युद्ध के समय सुशील कुमार रेडियो विभाग में ही थे। उन्होंने बखूबी अपनी सेवाएं दीं।
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वायुसेना अफसर का अंतिम संस्कार। - फोटो : amar ujala
मूलरूप से बुलंदशहर के स्याना निवासी सुशील कुमार शर्मा (47) पुत्र राघवेंद्र शर्मा वायुसेना में सीनियर वारंट ऑफिसर थे और परिवार के साथ गंगानगर स्थित गंगाधाम कॉलोनी-ए 99 में रहते थे। पिछले साल ही उनकी तैनाती हिंडन ऐयरबेस के 28 विंग रेडियो विभाग में हुई थी। 

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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
परिजनों के मुताबिक, वह एयरबेस से बाहर किराए के आवास में रह रहे थे। शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे वह ड्यूटी से लौटे और टैंक में पानी भरने के लिए मोटर के तार लगाने लगे। इसी दौरान करंट की चपेट में आ गए और गिर गए। कुछ लोग उन्हें जिला अस्पताल लेकर गए। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके साथियों ने घटना की जानकारी अधिकारियों को दी और परिजनों को भी सूचना दी गई। 
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सलामी देते जवान। - फोटो : amar ujala
सुशील कुमार के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रविवार दोपहर वायुसेना के जवान उनके पार्थिव शरीर को यहां आवास पर लेकर पहुंचे। शव पहुंचते ही परिजन बिलख उठे। 
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वायुसेना अफसर का अंतिम संस्कार। - फोटो : amar ujala
इसके बाद उनके शव को तिरंगे में लपेटकर सूरजकुंड स्थित श्मशान ले जाया गया और सैन्य सम्मान सहित अंतिम विदाई दी गई। सुशील कुमार के परिवार में पत्नी नेहा और दो बेटे शिवांक और इशांग है। शिवांग बंगलूरू में जॉब करते हैं, जबकि इशांग पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2016 में सुशील कुमार का परिवार गंगाधाम कॉलोनी में रहने के लिए आया था।
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वायुसेना अफसर - फोटो : amar ujala
पांच अक्तूबर से छुट्टी पर आना था
शव लेकर यहां पहुंचे वायुसेना के जूनियर वारंट ऑफिसर केडी प्रसाद ने बताया कि हिंडन ऐयरबेस में उनकी और सुशील कुमार की तैनाती एक साथ हुई थी। उनका व्यवहार सौम्य और सरल रहा। अधिकारी भी उनकी कार्य में दक्षता को सराहते रहे। केडी प्रसाद के मुताबिक, सुशील कुमार की शुक्रवार को ही छुट्टियां मंजूर हुईं थीं। वह पांच अक्तूबर से छुट्टी पर जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले यह हादसा हो गया।
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