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UP: खुदकुशी की ऐसी वारदात, जिसने अफसरों को भी उलझाया, पिता ने दिया ये बयान, जल्द खुलेगा पिस्टल का राज

Fri, 16 Dec 2022 01:21 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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छात्रा का फाइल फोटो और जांच करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
मेरठ के जागृति विहार में छात्रा हर्षिता की खुदकुशी के कारणों की जांच में पुलिस टीम जुट गई है। पिता ने खुदकुशी का कारण प्री-बोर्ड परीक्षा का तनाव बताया है, लेकिन पुलिस का मानना है कि कुछ अन्य हालात भी घटना के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। परिवार की मुफलिसी, छात्रा को दौरे की बीमारी और कुछ अन्य परिस्थितियां भी जांच में सामने आई हैं। वहीं, पुलिस अवैध पिस्टल की जांच के साथ छानबीन कर रही है कि बिटिया ने जिस अवैध पिस्टल से जान दी है, वह घर में कैसे पहुंची।

प्रदीप के पड़ोसी अधिवक्ता भंवरसिंह पुंडीर ने बताया कि प्रदीप चौधरी हमारे घर भी किराये पर रहे हैं। वह हर्षिता और उनके परिवार को जानते हैं। हर्षिता प्यारी बेटी थी। यकीन नहीं हुआ कि वह ऐसा करेगी। दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने भी खिड़की में झांककर देखा तो हर्षिता लहूलुहान पड़ी थी। पिस्टल कहां से आई, इसका पता तो पुलिस की जांच के बाद ही होगा।
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जांच करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
पड़ोसी रिंकू ने बताया कि हर्षिता की मां शिखा बुलाकर ले गई थी। मैंने पहले दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से कुंडी लग हुई थी। दरवाजा कटर से काटा व फिर अंदर कमरे में पहुंचे। जहां पर हर्षिता का शव पड़ा था। पड़ोसी अनिल कुमार कहते हैं कि चार दिन पहले एक शादी कार्यक्रम में हर्षिता मिली थी। वह बहुत खुश थी। मुझे नहीं लगा कि वह डिप्रेशन में है। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, मुझे नहीं पता। 
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छात्रा का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
स्कूल की फीस को लेकर भी था तनाव 
प्रदीप चौधरी का परिवार इन दिनों मुफलिसी से गुजर रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि प्रदीप पहले ट्रेवल्स एजेंसी में मैनेजर थे। कोरोना के चलते काम छूट गया था। अब वह घर से ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। उनकी आठ साल की बेटी खुशी भी दीवान स्कूल में पढ़ती हैं। पुलिस ने बताया कि स्कूल की फीस जमा न होने पर हर्षिता ने भी तनाव लिया था। 

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जांच करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
एक साल से दौरे की बीमारी से थी परेशान
पुलिस के मुताबिक, हर्षिता के परिजनों और आसपास के लोगों से पता चला कि छात्रा को एक साल से दौरे भी पड़ रहे थे। वह काफी परेशान रहती थी। पिछले कुछ समय में ही उसकी तीन बार तबीयत खराब हो चुकी थी। वहीं, पढ़ाई का भी तनाव था। कुछ दिन से वह गुमसुम थी। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह आत्महत्या भी कर सकती है। यह भी पता चला है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद पिता की एक आंख खराब हो गई थी।
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
पिस्टल कहां से आई, अधिकारियों ने मांगी रिपोर्ट
दसवीं की छात्रा के पास अवैध पिस्टल कहां से आई है। इसकी रिपोर्ट आईजी और एसएसपी ने इंस्पेक्टर मेडिकल अखिलेश गौड़ से मांगी है। उसके कमरे में अवैध पिस्टल किसने रखी थी। इसको लेकर छात्रा के पिता प्रदीप चौधरी और उसकी मां शिखा से पूछताछ की जाएगी। पुलिस इसको लेकर पुलिस जांच कर रही है। 
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मेरठ पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बेटी की मौत का पता चलते ही रास्ते से लौटे पिता
बेटी की मौत का पता चलते ही पिता प्रदीप रास्ते से ही लौट आए। सूचना मिलने पर मेडिकल थाने के एसएसआई कविश मलिक पुलिस टीम के साथ पहुंचे। पड़ोसी अधिवक्ता भंवर सिंह पुंडीर ने छात्रा द्वारा खुदकुशी के बारे में लिखित सूचना दी गई। मेडिकल थाना पुलिस ने पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया। शाम को परिजनों ने छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान स्कूल के कई शिक्षक भी मौजूद रहे।
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मृतक छात्रा का घर। - फोटो : amar ujala
कटर से काटा दरवाजा
कुछ पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। पड़ोस में ही एक व्यक्ति के घर पर लोहे का काम चल रहा है। इसलिए तेज आवाज हो रही थी। यहां के मजदूरों ने ही कटर की मदद से लोहे के दरवाजे को काटा था।

आज स्कूल में होगी शोक सभा
दीवान पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एके दुबे ने बताया कि छात्रा प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी के चलते स्कूल नहीं आ रही थी। वह होनहार थी। आठ दिसंबर को ही उसने एथलेटिक्स मीट में भी भाग लिया था। शुक्रवार को स्कूल में शोक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी जाएगी।
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