प्रख्यात कवयित्री डॉ. अनामिका जैन अंबर
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ईमानदारी के दायरे में रहकर काम करें, मिलेगी कामयाबी
प्रख्यात कवयित्री डॉ. अनामिका जैन अंबर दुनिया भर में काव्य पाठ कर चुकी हैं। कोरोना से पहले वे सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय नहीं थीं। लेकिन जब सबकुछ बंद हो गया तो उन्होंने देखा कि यूट्यूब पर उनके बहुत से वीडियो चल रहे हैं। अनामिका बताती हैं कि उन्हें लगा कि मेरे वीडियो दूसरे लोग अपने चैनल पर डाल रहे हैं तो मैं क्यों नहीं कर सकती। इसके बाद यूट्यूब चैनल बनाया। अब तक सवा दो लाख सब्सक्राइबर हो चुके हैं। फेसबुक पर फैन फॉलोइंग 22 लाख है। वे युवाओं को सलाह देती हैं कि अपने टैलेंट का सही उपयोग करें। लोगों तक सही जानकारी पहुंचाएं। दुरुपयोग बिलकुल न करें। आज जो हुनरमंद बड़े पर्दे और टीवी तक नहीं पहुंच सकते हैं, वे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए आगे बढ़ सकते हैं। इंसानियत के दायरे में रहकर काम करें, कामयाबी जरूर मिलेगी। वे कहती हैं कि सोशल मीडिया पर एक निर्धारित समय ही दें। पढ़ाई, नौकरी या अगर आप घर की कोई जिम्मेदारी संभालते हैं तो वह इससे प्रभावित नहीं होनी चाहिए।