मेरठ में सौरभ हत्याकांड में फैसला सुनाने से पहले जिला जज ने दिनभर मंथन किया। शाम को न्यायालय में आकर सख्त टिप्पणी करते हुए तीन मिनट में आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया। जिला जज ने सख्त टिप्पणी कर समाज को संदेश दिया। मां रेनू भी बोली कि बेटे की हत्या के बाद कई केस सामने आए।
समाज को झकझोरने वाले सौरभ हत्याकांड के बाद मेरठ ही नहीं देश में प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या की कई वारदातें सामने आईं थीं। सौरभ की हत्यारोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार देते समय की गई अदालत की टिप्पणी समाज के लिए संदेश है।
वहीं, सौरभ की मां रेनू और बबलू का भी कहना है कि इस केस का फैसला देश और समाज के लिए नजीर बनेगा। सौरभ के परिजनों का कहना है कि दोनों दोषियों को सजा-ए-मौत (फांसी) की सजा होनी चाहिए।
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मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पति-पत्नी के रिश्ते को रक्तरंजित करने वाले सौरभ हत्याकांड के एतिहासिक फैसले के दिन बुधवार सुबह से ही न्यायालय में गहमा-गहमी का माहौल था। सुबह जानकारी मिली कि इस केस का फैसला लंच के बाद सुनाया जाएगा।
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साहिल और मुस्कान को डीजी कोर्ट में सजा सुनाने के दौरान तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके दोपहर ढाई बजे और फिर बाद में बताया गया कि शाम को साढ़े चार बजे फैसला सुनाया जा सकता है। इससे पता चलता है कि जिला जज इस फैसले को लेकर काफी गंभीर थे और मंथन कर रहे थे। शाम लगभग साढ़े चार बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जिला कारागार से मुस्कान और साहिल पेश हो गए थे।
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मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा शाम 4:51 मिनट पर न्यायालय में अपनी सीट पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस पर कहा साहिल शुक्ला...आवाज सुनाई दे रही है। हाथ उठाओ। मुस्कान रस्तोगी आपको क्या सजा मिलनी चाहिए। आपको कुछ कहना है।
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मुस्कान और साहिल की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुस्कान ने कहा उसे कुछ नहीं बोलना। जिला जज ने कहा कि हमने जो करना था कर दिया। इसके बाद उन्होंने सख्त टिप्पणी करते हुए मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया। सजा 15 दिन बाद सुनाई जाएगी। यह सब महज तीन मिनट में हो गया।
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कोर्ट से बाहर आकर मीडिया को जानकारी देती मृतक सौरभ की मां व साथ में भाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेरे बेटे के बाद कई बेटों की हुई हत्या
सौरभ की मां रेनू देवी ने कहा कि उनके बेटे की हत्या के बाद कई महिलाओं के बेटों की हत्या हुई। मुस्कान ने एक बार भी नहीं सोचा कि उन्होंने सौरभ को नौ माह अपनी कोख में रखा था। उन्होंने उसे पढ़ा लिखाकर बड़ा किया। उनके घर में किसी बात की कमी नहीं थी। बेटे का अच्छा वेतन था।
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कोर्ट में सजा सुनाने के बाद कोर्ट से बाहर आकर मीडिया को जानकारी देती मृतक सौरभ की मां व साथ में भाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शादी के बाद से ही वह बेटे को उनसे अलग करना चाहती थी। तीन साल बाद ही वह उनके बेटे और अपनी बेटी को लेकर किराये के मकान में रहने लगी थी।
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कोर्ट में सजा सुनाने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया को जानकारी देते सौरभ के अधिवक्ता विजय बहादुर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाई बबलू ने बताया कि सौरभ के लंदन जाने के बाद ही मुस्कान के ब्रह्मपुरी के ही रंजनवाली गली में रहने वाले साहिल शुक्ला से संबंध हो गए थे। इसके बाद से ही सौरभ परेशान रहने लगा था। उसने साहिल और मुस्कान से जान का खतरा जताते हुए परिजनों को जानकारी दी थी।
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डीजी कोर्ट में सजा सुनाने के बाद कोर्ट से बाहर आते अधिवक्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान
सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत द्वारा मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराए जाने के बाद अब सबकी निगाहें सजा के एलान पर टिकी हैं। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बेहद जघन्य और सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया अपराध है, जिसमें कानूनन आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, इस मामले में दोषियों की सजा के निर्धारण को लेकर शहर के वरिष्ठ अधिवक्ताओं में अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।
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सौरभ का फाइल फोटो व मुस्कान और साहिल
- फोटो : अमर उजाला
जहां कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध की क्रूरता को देखते हुए फांसी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, वहीं अन्य विशेषज्ञों का तर्क है कि मुख्य आरोपी मुस्कान की छोटी बेटियों के भविष्य और उनकी परवरिश के मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए कोर्ट फांसी के बजाय उम्रकैद का रास्ता चुन सकती है।
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आरोपी साहिल और मुस्कान
- फोटो : अमर उजाला
कई बार ऐसे मामलों में आजीवन कारावास होता है। जिस तरह का यह जघन्य अपराध है ऐसे में फांसी की सजा की भी संभावना बनी हुई है। यह बड़ी साजिश के बाद हत्याकांड किया गया है। आरोपी यदि फांसी की सजा से बचते है तो उसके पीछे सबसे बड़ा आधार यह होगा कि मुस्कान के छोटी-छोटी बच्ची है ऐसे में उसका क्या कसूर है। इसको भी कोर्ट संज्ञान में लेकर फैसला देती है। -हरिओम शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता
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साहिल शुक्ला और मुस्कान
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मुस्कान और साहिल दोनो मुल्जिम है। कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। आजीवन कारावास हो सकता है लेकिन जहां तक फांसी की बात है वह इस केस में होना मुश्किल है। मुस्कान के छोटी-छोटी दो बेटी हैं ऐसे में संविधान में यह भी देखा जाता है कि मां के अलावा इनकी परवरिश करने वाला आखिर कौन होगा। -पवन प्रधान, वरिष्ठ अधिवक्ता
साैरभ, पुलिस गिरफ्त में पत्नी मुस्कान व प्रेमी साहिल
- फोटो : अमर उजाला
सौरभ की हत्या से पहले बेटी पीहू का मनाया था जन्मदिन
लंदन से आने के बाद सौरभ ने 25 फरवरी को एक रेस्टोरेंट में पीहू का जन्मदिन मनाया था। इसका एक वीडियो भी सामने आया था। इसमे सौरभ के साथ पत्नी मुस्कान कदम से कदम मिलाकर डांस कर रही है। पीहू डांस में पापा मम्मी का साथ दे रही है। वीडियो को देखकर लग नहीं रहा था कि मुस्कान के अंदर सौरभ के लिए इतनी नफरत भरी हुई है। ऐसा लग रहा है कि परिवार में बहुत प्यार है।