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अखाड़ा बना सदन: अफसरों पर फेंकीं बोतलें, अफसरों ने एसपी सिटी ऑफिस में घुसकर बचाई जान, देखें तस्वीरें

Wed, 19 Oct 2022 10:04 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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नगरायुक्त ने भागकर बचाई जान। - फोटो : amar ujala
मेरठ में नगर निगम की बोर्ड बैठक बुधवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। न विकास के नाम पर मुहर लगी और न ही जनता हित में कोई प्रस्ताव पास हुआ। घोटाले और सफाई कर्मचारियों के वेतन वृद्धि को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान माइक भी तोड़ दिया गया। वहीं सफाई कर्मचारियों ने सदन में अधिकारियों के ऊपर पानी की बोतलें फेंकीं। 

इसके अलावा नगरायुक्त अमित पाल शर्मा और अन्य अधिकारी तिलक भवन के पिछले रास्ते से निकलकर एसपी सिटी कार्यालय में पहुंच गए। सफाई कर्मचारी उनके पीछे एसपी सिटी ऑफिस पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। पुलिस ने कार्यालय का गेट बंद कर लिया। वहीं महापौर सुनीता वर्मा ने बोर्ड बैठक स्थगित करते हुए शुक्रवार को बैठक बुलाई है।
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नगरायुक्त डॉ. अमित पाल - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को नगर निगम टाउन हॉल के तिलक भवन में बोर्ड की बैठक बुलाई गई। करीब 11:30 बजे नगरायुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा और अन्य अधिकारी पहुंच गए। 11.42 बजे महापौर सुनीता वर्मा भी बैठक में पहुंच गईं। सबसे पहले वंदे मातरम् गाया गया। इसके उपरांत महापौर के निर्देश पर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की मृत्यु पर मौन रखा गया। 
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बोर्ड बैठक में हंगामा करते सभासद - फोटो : अमर उजाला
बोर्ड बैठक की कार्रवाई शुरू होते ही सबसे पहले पार्षद एहसान अंसारी जमीन पर बैठ गए और रोने लगे। पार्षद ने कहा कि अगर नगरायुक्त में हिम्मत है तो वह अब मुझे सदन से बाहर फेंकवाने का काम करें। काफी देर बाद नगरायुक्त ने खेद जताया, उसके बाद एहसान ने कुर्सी संभाली।

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बोर्ड बैठक में लड़ते सभासद - फोटो : अमर उजाला
वहीं पार्षद टीसी मनोठिया ने माइक संभाला और नीरज ठाकुर ने हाथ में पोस्टर लेकर आउट सोर्स सफाई कर्मचारियों का वेतन 16500 रुपये करने की मांग की। इस पर सभी पार्षद सहमत होकर सदन में नगरायुक्त से सफाई कर्मियों के वेतन वृद्धि की मांग पर अड़ गए। महापौर सुनीता वर्मा ने भी अपनी सहमति जताई। 
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बोर्ड बैठक में लड़ते सभासद - फोटो : अमर उजाला
इसी बीच कुछ पार्षदों ने 20 और 30 हजार रुपये दिए जाने का प्रस्ताव रख दिया। इस दौरान भाजपा और विपक्षी दलों के पार्षद आपस में भिड़ गए। पुलिस ने मामला शांत कराया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए सफाई कर्मचारी बैठक में घुस गए। किसी तरह से निगम कर्मचारी नगरायुक्त को वहां से लेकर निकल गए।
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बोर्ड बैठक में लड़ते सभासद - फोटो : अमर उजाला
नगरायुक्त बोले- यह तरीका ठीक नहीं 
नगरायुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा ने कहा जिस प्रकार सफाई कर्मचारियों ने अभद्र और हिंसक व्यवहार किया, वह ठीक नहीं है। उनकी मांगों पर संतोषजनक तरीके से विचार चल रहा था। अब से पहले भी हम वेतन वृद्धि को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं। वैसे भी आउट सोर्स सफाई कर्मियों को सदन को घेरने का कोई अधिकार नहीं है। अपर  नगरायुक्त सहित चार अधिकारियों की जांच समिति गठित की गई है। अनुशासनहीनता करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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