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योगी सरकार के चार साल: पढ़िए इन पांच बड़ी परियोजनाओं के लिए कितना हुआ काम, तस्वीरें

Fri, 19 Mar 2021 02:43 PM IST
कपिल kapil दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
योगी सरकार के चार साल पूरे हो गए हैं, लेकिन शहर में एक भी प्रोजेक्ट का शिलान्यास नहीं हुआ है। मेरठ जिले को जाम मुक्त करने के लिए विकास प्राधिकरण, नगर निगम ने कोई योजना नहीं बनाई। राज्य स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट भी फाइलों में चल रहा है। विकास के बड़े-बड़े वादे विधायक और मंत्रियों ने किए, लेकिन अभी सब कार्य शासन स्तर पर लंबित हैं...

शहर से लखनऊ, प्रयागराज के लिए हवाई उड़ान, मेट्रो, खेल विश्वविद्यालय की फाइल शासन तक पहुंची, लेकिन किसी एक प्रोजेक्ट का कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दिया। सरकार के अंतिम वर्ष का कार्यकाल शुरू होने पर भी महज सिर्फ एक खेल विवि के निर्माण की उम्मीद जगी है। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। हालांकि, अभी इसमें भी कुछ गांव जमीन देने में आनाकानी करने लगे हैं।
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हवाई उड़ान
हवाई उड़ान
इस प्रोजेक्ट पर मंत्री से लेकर अधिकारी तक आश्वासन देकर शहरवासियों को सपने दिखा रहे हैं। चार वर्षों में परतापुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी पर विस्तार के लिए कोई कदम नहीं बढ़ाया गया है। अभी भी मेरठ से हवाई उड़ान का सपना आश्वासन में है। हालांकि, कमिश्नर सुरेंद्र सिंह जल्द मेरठ से हवाई उड़ान का दावा कर रहे हैं।
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रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला
मेट्रो
शहर में मेट्रो चलाने का वादा हर वर्ष सरकार करती है। केंद्र सरकार द्वारा मेरठ में रैपिड रेल के ट्रैक पर मेट्रो चलाने की सौगात दी गई है। प्रदेश सरकार का इसमें कोई रोल नहीं है। मेरठ में दूसरे कॉरिडोर जागृति विहार से कंकरखेड़ा तक मेट्रो चलाने का वादा सरकार कर चुकी है, लेकिन ये प्रोजेक्ट भी फाइलों में है। 

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खेल विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला
खेल विश्वविद्यालय 
सरधना के सलावा में बनाए जाने वाले खेल विवि के लिए वर्ष-2021 के बजट में 20 करोड़ रुपये दिए गए। इसकी फाइल भी शासन में है। लोक निर्माण विभाग को इसके लिए निर्माण एजेंसी नियुक्त किया है, लेकिन लखनऊ से प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। 
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शहर में फ्लाईओवर - फोटो : अमर उजाला
शहर में फ्लाईओवर
जिले में केंद्र से लेकर राज्य स्तर के मंत्रियों को समीक्षा के लिए भेजा जाता है। शहर चारों तरफ से जाम से जूझ रहा है, लेकिन कोई भी विधायक, सांसद ने सरकार से कभी फ्लाईओवर बनाने की मांग नहीं की। शहर में हापुड़ अड्डा, बेगमपुल पर फ्लाईओवर की जरूरत है। 
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गंगा एक्सप्रेसवे - फोटो : amar ujala
गंगा एक्सप्रेसवे 
देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का दावा सरकार ने किया है। 594 किमी के इस मेरठ से प्रयागराज तक के एक्सप्रेसवे के लिए अभी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसका कार्य भी धरातल पर शुरू नहीं हो सका है। जुलाई तक इसके शिलान्यास की संभावना है। पिछले दिनों खरखौदा क्षेत्र के किसानों ने सर्किल रेट को लेकर एतराज जताया था। अधिकारी इस पर मंथन करने में जुटे हैं। 
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट ने बचाई लाज
प्रदेश सरकार मेरठ में केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट को बताकर वाहवाही बटोरना चाहती है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, मेरठ-बुलंदशहर हाईवे, रैपिड रेल प्रोजेक्ट, आईटी पार्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ये प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के हैं। रैपिड रेल में प्रदेश सरकार भी पैसा दे रही है। ये प्रोजेक्ट प्रदेश सरकार की लाज बचा रहे हैं।

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