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भयावह हादसे की तस्वीरें: मातम में बदलीं बर्थडे की खुशियां, बेटे का शव देख बेहोश हुई मां, डॉक्टर बनने का सपना चकनाचूर

Thu, 23 Dec 2021 06:48 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मेरठ में हादसा। - फोटो : amar ujala
डॉक्टर बनने का सपना लेकर एमबीबीएस करने वाले अक्षांश और दिव्यांश ने कभी नहीं सोचा होगा कि नई जिंदगी की शुरुआत होने से पहले ही उनकी मौत हो जाएगी। जैसे ही एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में उनके मरने की सूचना पहुंची तो शोक व्याप्त हो गया। वहीं आनन-फानन एमबीबीएस छात्र और जूनियर डॉक्टर दौड़कर इमरजेंसी पहुंचे। अक्षांश और दिव्यांश का शव देखकर छात्र और जूनियर डॉक्टर बिलखने लगे। चिकित्सक भी गमजदा हो गए। उधर, आशीष को उसके परिजन रात में ही रेफर कराकर दिल्ली मैक्स ले गए, जबकि आदिश जैन का ट्रॉमा सेंटर में उपचार किया जाता रहा। दोनों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। 

बुधवार को जूनियर डॉक्टरों ने ताली और थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था, लेकिन इस दुर्घटना के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित ने बताया कि माहौल गमजदा है, इसलिए विरोध प्रदर्शन नहीं किया गया। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज में दोपहर दो बजे एलटी सेंटर में शोकसभा हुई।
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meerut accident - फोटो : अमर उजाला
ऐसे हुआ हादसा
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में दोस्त के बर्थडे का केक काटने के बाद 12 एमबीबीएस छात्र तीन कारों में सवार होकर निकले तो रास्ते में बेकाबू रफ्तार ने दो की जान ले ली। जिस होंडा सिटी में अक्षांश, दिव्यांश, आदिश और आशीष सवार थे, वह साकेत पेट्रोल पंप के सामने बेकाबू हो गई। पुलिस अनुसार कार गलत दिशा में चल रही थी और रफ्तार भी 150 रही होगी। पुलिस ने पेट्रोल पंप से सीसीटीवी फुटेज ली है। फॉरेंसिक टीम ने भी जांच की है।
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meerut accident - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार मंगलवार रात करीब 12 बजे पहले सभी ने सहपाठी हर्ष का बर्थडे केक काटा और फिर एनएच-58 पर खाने के लिए तीन कारों में सवार होकर निकल पड़े। जेल चुंगी से कमिश्नर आवास के बीच सन्नाटा पसरा था। पुलिस के मुताबिक, कार आशीष चला रहा था और आगे की सीट पर ही दिव्यांश बैठा था। अचानक कार बेकाबू हो गई और स्ट्रीट लाइट के दो खंभो में टकराते हुए पेट्रोल पंप की दीवार में घुस गई। पीछे दो कारों में आ रहे सहपाठियों ने हादसा देखा तो पुलिस को फोन किया। पुलिस ने चारों को कार से निकाला और अस्पताल ले गई, लेकिन तब तक अक्षांश और दिव्यांश दम तोड़ चुके थे।

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चकनाचूर हुई कार। - फोटो : amar ujala
कार हुई चकनाचूर
पुलिस का कहना है कि गाड़ी की स्पीड ज्यादा होने के चलते वह कंट्रोल नहीं हुई और फिर पेट्रोल पंप में घुस गई। दूसरे खंभे में टकराने के बाद गाड़ी घूमती हुई पेट्रोल पंप की चाहर-दीवारी में जा घुसी। बताया गया कि गाड़ी का पहले पिछला हिस्सा लगा और फिर आगे से दीवार में घुसी, जिसमें गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।

आशीष ने लगा रखी थी सीट बेल्ट
फॉरेंसिक टीम ने बताया कि गाड़ी चला रहे आशीष ने सीट बेल्ट लगा रखी थी। गाड़ी पहले पिछले हिस्से से टकराई और फिर आगे से टकरा गई।
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हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार व मृतक छात्रों के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कंकरखेड़ा में दिव्यांश आनंद का अंतिम संस्कार, रो पड़ा रामनगर
एमबीबीएस छात्र दिव्यांश आनंद की मौत की जानकारी मिलते ही कंकरखेड़ा की रामनगर कॉलोनी में मातम छा गया। शाम को दिव्यांश का अंतिम संस्कार कंकरखेड़ा स्थित श्मशान घाट में हुआ। मुखाग्नि तहेरे भाई कुमार आनंद ने दी। अंतिम संस्कार में न्यायिक मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, शिक्षक, एमबीबीएस के छात्र और लिसाड़ी के ग्रामीणों समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दौरान दिव्यांश के पिता डॉ. रामानंद और मां मंजू कई बार बेहोश हुए।
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meerut accident - फोटो : अमर उजाला
दिव्यांश आनंद का पैतृक गांव लिसाड़ी है। दिव्यांश के पिता रामानंद आनंद सहारनपुर में वरिष्ठ चिकित्सक हैं। रामानंद के चार भाई परमानंद, शिवानंद, अरुण व नरेंद्र कंकरखेड़ा की रामनगर कॉलोनी गली-1 में रहते हैं। दिव्यांश की बड़ी बहन सविता और छोटा भाई आकर्ष है। मां मंजू रानी सहारनपुर में चिपयाना रोड स्थित इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं। चाचा शिवानंद कानपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट और अरुण कुमार परीक्षितगढ़ के खजूरी गांव में इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। दिव्यांश की मौत का पता चलते ही परिवार और रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। रामनगर कॉलोनी के लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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meerut accident - फोटो : अमर उजाला
अक्षांश परिवार का था इकलौता चिराग
अक्षांश अपने परिवार का इकलौता चिराग था। अक्षांश के पिता अनिल वर्मा बिजनेसमैन के साथ-साथ भाजपा नेता भी थे। आठ महीने पहले हार्टअटैक से उनकी मौत हुई थी। अक्षांश की मौत का पता लगते परिवार में कोहराम मच गया। उसकी मां सुनीता बेहोश हो गई। अक्षांश के चाचा प्रवीण वर्मा परिवार के लोगों के साथ मेरठ आए। पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर प्रयागराज के लिये रवाना हो गए।
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