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ऐसे छापते थे नकली नोट: नौकरी नहीं मिली तो शुरू किया ये धंधा, हरियाणा में ली ट्रेनिंग, फिर इन शहरों में बिछाया पूरा जाल, तस्वीरें भी हैं खास

Fri, 01 Apr 2022 01:19 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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नकली नोट। - फोटो : amar ujala
शातिर गिरोह ने हरियाणा से ट्रेनिंग लेकर नकली नोट सप्लाई करने का नेटवर्क वेस्ट यूपी के जनपदों में फैलाया। पुलिस का अंदेशा है कि यह गिरोह करीब एक करोड़ रुपये बाजार में सप्लाई कर चुका है। सरगना विकास कुमार ने बेरोजगार युवकों को गिरोह में शामिल किया था। गिरोह में 20 से ज्यादा लोगों के होने की बात सामने आई है। पकड़े गए तीनों आरोपियों से एटीएस, आईबी और आर्मी इंटेलीजेंस समेत कई सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि यह नकली नोट आसानी से बाजार में चल जाता था। 

पुलिस के मुताबिक, 100 रुपये का नकली नया नोट बनाने में मुजफरनगर के नरपत की बिराल गांव निवासी विकास माहिर था। उसने अपने गांव के निखिल शर्मा व प्रियांशु सिंह को नकली नोट बनाना  सिखाया। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सुभाषनगर में किराये का मकान लेकर फैक्टरी लगाई। कोतवाली के सुभाष बाजार से पेपर लेते थे और फिर 100-100 रुपये के नकली नोट की छपाई करते थे। इस गिरोह ने मेरठ में करीब तीन महीने से यह धंधा शुरू करना बताया है।
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
पुलिस का कहना है कि नकली नोट बनाकर बाजार में सप्लाई करने के लिये गिरोह ने कई युवकों को लगाया था। अब पुलिस उक्त युवकों की भी तलाश में लग गई है। बताया गया है कि मेरठ के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, बिजनौर समेत कई जिलों में नोटों को सप्लाई किया जा रहा था। 
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नकली नोटों के साथ आरोपी गिरफ्तार। - फोटो : amar ujala
नकली नोट ऐसा, पहचान में नहीं आता 
100-100 रुपये के नकली नोट तो ऐसे छाप देते थे कि जल्दी से पहचान में नहीं आते थे। खासतौर पर देहात इलाके में सप्लाई करने का गिरोह का टारगेट होता था। आरोपियों ने बताया कि 100 के नये नोट को लोग ज्यादा नहीं देखते थे और उनका नकली नोट आसानी से चल जाता था। 100 का नकली नोट तो एक बार भी नहीं पकड़ा गया। 

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आरोपी गिरफ्तार। - फोटो : amar ujala
कहां-कहां सप्लाई हुए, जांच होगी 
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मेरठ के अलावा मुजफ्फरनगर, बागपत और बिजनौर में भी ज्यादा नकली नोट खपाने की बात कहीं है। यह नोट कहां तक सप्लाई हुए है, इसकी जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी। मामला गंभीर होने के चलते सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई है। गिरोह में कौन कौन शामिल, इसकी पड़ताल शुरू कर दी। 
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नकली नोट। - फोटो : amar ujala
पहले सरधना में बनाते थे नकली नोट 
पुलिस की जांच में गिरोह के पांच लोगों के नाम सामने आए है। जिसमें दो आरोपी प्रथम सोम और सागर गिरि सरधना के भमौरी गांव के निवासी है। दोनों ही आरोपियों का बड़ा नेटवर्क है। फरार सागर गिरि से एक दर्जन से अधिक युवक जुड़े है, जोकि नकली नोट सप्लाई करने में उनकी मदद करते थे। सुभाष नगर से पहले सरधना में नकली नोट बनाने का काम चलता था। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। 
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एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala
नौकरी की तलाश में थे आरोपी 
पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रथम सोम, निखिल शर्मा और प्रियांशु नौकरी की तलाश में लगे थे। वह आर्मी में जाने के लिये कैलाश प्रकाश स्टेडियम में रोजाना प्रक्टिस करने जाते थे। गिरोह का सरगना विकास कुमार है, वह भी स्टेडियम में आता था। सभी आरोपियों ने इंटर पास की हुई है। पकड़े गए आरोपियों ने कहा कि बेराजगार होने के चलते ही वह विकास के जाल में फंस गए और नकली नोट बनाने लगे। 
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एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala
जांच में जुटी हैं एजेंसियां
नकली नोट बनाने और सप्लाई करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एटीएस, आईबी समेत सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी है। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी
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