शहीद मेजर मयंक
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उनके घायल होने की खबर मिलने के बाद ही पिता वीरेंद्र विश्नोई, माता मधु विश्नोई और पत्नी स्वाति उधमपुर स्थित सैन्य अस्तपाल पहुंच गए थे। 27 अगस्त के बाद से लगातार डॉक्टरों की टीम उन पर नजर बनाए हुए थी। हालांकि, मेजर मयंक कुछ बोल नहीं पा रहे थे।