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Meerut Big Blast : विस्फोट की पूरी कहानी, घायलों की जुबानी, बोले- जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे वो भयावह मंजर

Wed, 18 Oct 2023 02:56 AM IST
कपिल kapil उबैद सिद्दीकी, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ

सार

Meerut Blast : विस्फोट की पूरी कहानी, घायलों की जुबानी, बोले- जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे ये भयावह मंजर
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मेरठ में विस्फोट में घायल हुए लोग। - फोटो : amar ujala

मेरठ के लोहियानगर में पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके में घायल अभी तक खौफ में हैं। जिससे भी बात करो वो बस यही बोलता है कि जिंदगी भर इस भयावह मंजर को नहीं भूल सकते हैं। जिंदगी बच गई, इसके लिए ऊपर वाले का शुक्रिया।

 


अस्पताल में भर्ती घायलाें में लोहियानगर निवासी कार्तिक (5) उसके दादा ओमकार (45), सरोज (30) पत्नी दीपक, सरोज की बेटी सोनाक्षी (8) और बेटा करन (5) आसमा (30) पत्नी शादाब, एक माह का नवजात बेटा, रमन शर्मा (6) पुत्र श्याम शर्मा और नगर निगम की जेसीबी के चालक धर्मेंद्र शामिल हैं।
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जिंदा तड़पते रहे मजदूर। - फोटो : अमर उजाला

सो रहे थे, अचानक से गिर गया लिंटर
अस्पताल के बेड पर तड़प रही आसमा ने बताया कि सुबह कमरे में पति और मासूम बेटे के साथ सो रही थी। अचानक जोरदार धमाका हुआ। कमरे का लिंटर गिर गया। कुछ समझ में ही नहीं आया कि क्या हुआ है। पति शादाब और मैं घायल हो गई। पूरे घर में अफरा तफरी मच गई। घर के लोग अस्पताल में लाए। सोच भी नहीं सकते थे कि रिहायशी इलाके में ऐसा हो जाएगा।

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मेरठ में विस्फोट। - फोटो : अमर उजाला
बेटे-बेटी को देखकर रोती रही सरोज
मेडिकल के बर्न यूनिट में भर्ती सरोज कभी बेटे करन को देखती तो कभी बेटी सोनाक्षी को देखकर रोने लगती। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ दुकान से सामान लेने जा रही थी। अचानाक जोरदार धमाका हुआ। दोनों बच्चे और मैं लहूलुहान होकर गिर पड़े। एक बार तो समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है। आज अगर मेरे बच्चों या मुझे कुछ हो जाता तो घर का क्या होता, इतना कहकर वे रोने लग जाती हैं।

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मेरठ में अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट। - फोटो : अमर उजाला

मैं तो पोते को लेकर दुकान जा रहा था
बर्न यूनिट में पोते के साथ भर्ती ओमकार सिंह ने बताया कि रोजाना की तरह साइकिल पर पोते कर्तिक को लेकर दुकान पर जा रहे थे। फैक्टरी के बाहर पहुंचा तो अचानक से धमाका हुआ। साइकिल हवा में उड़ गई। बिजली का खंभा आकर बराबर में गिरा। मुझे और पोते और सिर व हाथ में गंभीर चोट आई। ऊपर वाले का धन्यवाद कि बच गए। ऐसा काम करने वालों को सजा मिलनी चाहिए।

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फैक्टरी में विस्फोट। - फोटो : अमर उजाला
तालाब के पार तीन सौ मीटर पहुंचे पत्थर से घायल हुआ रमन
मेडिकल में भर्ती छह साल के रमन शर्मा की मां बबीता बेटे के सिराहने बैठकर रोए जा रही थी। बबीता ने बताया कि फैक्टरी से तीन सौ मीटर दूर तालाब के किनारे बेटा खड़ा हुआ था। धमाके के बाद एक पत्थर उसके सिर में आकर लगा तो वह गिर गया। बुरी तरह खून बहने लगा।

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